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कांवड़ियों के जयघोष से शिवमय हुई छोटी काशी
अमर उजाला ब्यूरो गोला गोकर्णनाथ।
Updated Thu, 20 Jul 2017 11:29 PM IST
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शिवमय
- फोटो : अमर उजाला
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प्राचीन शिव मंदिर की परिक्रमा कर भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित
सावन मास में छोटी काशी कांवड़ियों के जयघोष और कीर्तन से शिवमय हो रही है। गेरुंआ वस्त्रधारी कांवड़ियों की टोलियां सुबह से ही सड़कों पर जयकारे लगाती शिव मंदिर की ओर चल पड़ती हैं। वृहस्पतिवार को कासगंज के लगभग डेढ़ दर्जन और एटा के लगभग दो दर्जन कांवड़ियों के जत्थों ने प्राचीन शिव मंदिर की परिक्रमा कर भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित किया। कांवड़िया बुधवार की प्रात: फर्रुखाबाद के घटियाघाट से गंगाजल भरकर खड़ेश्वरी कांवड़ लेकर रवाना हुए थे। उन्होंने दोपहर में शिवजी की पूजा अर्चना की।
ममरी। छोटी काशी के प्राचीन शिव मंदिर के अभिन्न अंग कहलाने वाले अहमदनगर के क्लेश हरण मंदिर पर सावन मेले में महिला श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ देखने को मिल रही है। मान्यता है कि सावन मेले में अहमदनगर के क्लेशहरण मंदिर में जलाभिषेक पूजन किए बगैर शिव पूजा अधूरी मानी जाती है। सोमवार, शुक्रवार को पदयात्री कांवड़ियों की भीड़ होती है। शुक्रवार की पूर्व संध्या पर कई महिलाओं ने मंदिर में बेलपत्र, प्रसाद चढ़ाकर भोलेनाथ का पूजन किया और पुरुष श्रद्धालुओं ने बाबा नरसिंह की मठिया में मदिरा चढ़ाकर और श्री राम जानकी मंदिर में प्रसाद चढ़ा कर पूजन किया। पुजारी विष्णु गिरि ने बताया कि नाग पंचमी के मौके पर बाबा नरसिंह की मठिया पर विशेष भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
बांकेगंज। फर्रखाबाद के निकट घटियाघाट रवाना हुआ कांवड़िया दल वृहस्पतिवार दोपहर कस्बे के शिव मंदिर पहुंचने पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कस्बा सहित निकटवर्ती गांवों का कांवड़िया दल घटियाघाट रवाना हुआ था। जहां से सजी-धजी कांवड़ में गंगाजल लेकर पैदल यात्रा के जरिए गोला के पौराणिक शिवधाम में पूजा-पाठ के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। दोपहर बाद कस्बा पहुंचने पर कस्बा स्थित शिव मंदिर में भक्तों की भीड़ ने दल में शामिल श्रद्धालुओं की आरती उतारने के साथ भव्य स्वागत किया।
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सावन मास में छोटी काशी कांवड़ियों के जयघोष और कीर्तन से शिवमय हो रही है। गेरुंआ वस्त्रधारी कांवड़ियों की टोलियां सुबह से ही सड़कों पर जयकारे लगाती शिव मंदिर की ओर चल पड़ती हैं। वृहस्पतिवार को कासगंज के लगभग डेढ़ दर्जन और एटा के लगभग दो दर्जन कांवड़ियों के जत्थों ने प्राचीन शिव मंदिर की परिक्रमा कर भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित किया। कांवड़िया बुधवार की प्रात: फर्रुखाबाद के घटियाघाट से गंगाजल भरकर खड़ेश्वरी कांवड़ लेकर रवाना हुए थे। उन्होंने दोपहर में शिवजी की पूजा अर्चना की।
ममरी। छोटी काशी के प्राचीन शिव मंदिर के अभिन्न अंग कहलाने वाले अहमदनगर के क्लेश हरण मंदिर पर सावन मेले में महिला श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ देखने को मिल रही है। मान्यता है कि सावन मेले में अहमदनगर के क्लेशहरण मंदिर में जलाभिषेक पूजन किए बगैर शिव पूजा अधूरी मानी जाती है। सोमवार, शुक्रवार को पदयात्री कांवड़ियों की भीड़ होती है। शुक्रवार की पूर्व संध्या पर कई महिलाओं ने मंदिर में बेलपत्र, प्रसाद चढ़ाकर भोलेनाथ का पूजन किया और पुरुष श्रद्धालुओं ने बाबा नरसिंह की मठिया में मदिरा चढ़ाकर और श्री राम जानकी मंदिर में प्रसाद चढ़ा कर पूजन किया। पुजारी विष्णु गिरि ने बताया कि नाग पंचमी के मौके पर बाबा नरसिंह की मठिया पर विशेष भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
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बांकेगंज। फर्रखाबाद के निकट घटियाघाट रवाना हुआ कांवड़िया दल वृहस्पतिवार दोपहर कस्बे के शिव मंदिर पहुंचने पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कस्बा सहित निकटवर्ती गांवों का कांवड़िया दल घटियाघाट रवाना हुआ था। जहां से सजी-धजी कांवड़ में गंगाजल लेकर पैदल यात्रा के जरिए गोला के पौराणिक शिवधाम में पूजा-पाठ के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। दोपहर बाद कस्बा पहुंचने पर कस्बा स्थित शिव मंदिर में भक्तों की भीड़ ने दल में शामिल श्रद्धालुओं की आरती उतारने के साथ भव्य स्वागत किया।
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