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Lakhimpur Kheri News: कम नहीं हो रही खाद की किल्लत, भटक रहे किसान, नहीं हो रहा समाधान
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लखीमपुर खीरी। धान की रोपाई कर रहे किसानों की परेशानी कम नहीं हो रही है। बाकी इंतजाम करने के बाद अब उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। अधिकतर समितियों पर यूरिया है ही नहीं। जहां है, वहां किसानों को सुबह से दोपहर तक लंबी लाइनों में लगने के बावजूद नहीं मिल पा रही है। सोमवार को कुछ जगह पुलिस न होने के कारण भी वितरण नहीं हो सका तो कुछ जगह ई-पॉश मशीनों ने धोखा दे दिया।
खरीफ सीजन में जनपद को 1.46 लाख मीट्रिक टन (एमटी) खाद की जरूरत है। इसके सापेक्ष अब तक 1.13 लाख एमटी खाद आ चुकी है, जिसमें से 95000 हजार एमटी यानी 83 प्रतिशत खाद का वितरण हो चुका है। कुल मिलाकर अभी खेतों को 50 हजार मीट्रिक टन खाद की और जरूरत है। इसलिए किसानों का वक्त यूरिया पाने में ही गुजर रहा है। जिले में लगातार खाद आने के बावजूद अव्यवस्था के कारण वह बंटती हुई नहीं दिख रही है।
जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह का कहना है कि शाहजहांपुर की यारा कंपनी की 900 एमटी और गोला रैक की 2600 एमटी खाद आने वाली है। समितियों पर समय से खाद पहुंचाने के लिए एआर कोऑपरेटिव को पत्र लिखा गया है।
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महिलाएं भी लाइन में लगकर हुईं परेशान
मैगलगंज। साधन सहकारी समिति औरंगाबाद पर सोमवार को किसानों की लंबी लाइनें देखने को मिलीं। कई किसान तो सुबह पांच बजे से लाइन में लगे हुए थे, जिसमें महिलाएं भी शामिल रहीं। कई घंटों तक इंतजार के बावजूद अधिकांश किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनिंदा किसानों तक ही यूरिया दी जा रही। खूंटी गांव के किसान रामकृष्ण दीक्षित ने कहा कि वह सुबह पांच बजे से लाइन में लगे है, दोपहर तक नहीं मिली। बाद में समिति वालों ने कहा कि स्टॉक खत्म हो गया। खूंटी की कुसुमा देवी ने बताया, वह घर के काम छोड़कर यूरिया लेने पहुंचीं, लेकिन नहीं मिली। मौजूदा समय में औरंगाबाद क्या, पूरे मैगलगंज क्षेत्र में खाद का संकट बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे।
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मितौली में पांच दिन से खाद नहीं
मितौली। साधन सहकारी समिति मितौली पर पांच दिनों से खाद नहीं है। सचिव अर्चना सिंह ने बताया कि सोमवार की देर शाम 600 बोरी यूरिया आने की उम्मीद है। सोसाइटी से मात्र एक बोरी ही खाद मिली थी।
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पुलिस फोर्स न मिलने से नहीं हो सका वितरण
अमीरनगर। सहकारी समिति अमीरनगर पर यूरिया खाद उतर चुकी है, लेकिन पुलिस फोर्स न मिलने से खाद का वितरण नहीं हो सका। बिना पुलिस फोर्स के खाद वितरण करना संभव नहीं है। पुलिस के मुहर्रम ड्यूटी में लगे होने के कारण यह संकट आया। मंगलवार से खाद वितरण सुधर सकता है।
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खाद का संकट, किसानों में आक्रोश
तिकुनिया। किसान 10 किलो यूरिया पाने के लिए भी तरस रहे हैं। यहां एक ट्रक यूरिया आई थी, जिसका वितरण हो चुका है। तराई किसान संस्था के महामंत्री सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, सहित अन्य संजय, भोलानाथ, धनीराम यादव, विकास शुक्ला, शिवकुमार ने बताया कि खाद के लिए चक्कर लगाना पड़ रहे हैं। बेलराया, निबौरिया, रायपुर, तिकुनिया में प्राइवेट में 380, 400 में बिक रही है।
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महंगी खाद खरीदकर चला रहे काम
बेलरायां। भिड़ौरी साधन सहकारी समिति तकियापुरवा में 10 दिनों से यूरिया उर्वरक का संकट है। किसानों ने दुकानों से महंगी उर्वरक लेकर धान, गन्ना की बोआई शरू कर दी है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान शुरू हो गया है।
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डेढ़ माह पहले की डिमांड, अब तक नहीं मिलीं
बरबर।
पैकीपुर समिति पर से 500 बोरी डीएपी की डिमांड डेढ़ माह पूर्व में भेजी थी, जो अब तक नहीं मिली है। सभापति कृष्ण चंद श्रीवास्तव को 500 बोरी यूरिया सोमवार शाम तक पहुंचने की उम्मीद थी।
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अलीगंज समिति पर खाद का संकट
अलीगंज। समिति में यूरिया, डीएपी और एनपीके कोई खाद नहीं है। यूरिया 600 बोरी थी, जिसका वितरण सोमवार को हो गया। अब आगे कब मिल पाएगी, कुछ नहीं पता। बीच-बीच में संकट होने पर मजबूरन किसानों ने प्राइवेट दुकानों से खाद खरीदी।
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कई जगह है खाद, मगर बांट नहीं पा रहे
बेहजम। गौरिया अंदापुर में खाद नहीं है। लेखाकार नवीन ने बताया कि भूलनपुर और अछनिया में खाद उतर चुकी है, लेकिन संदेश नहीं आया, जिससे बंट नहीं सकी। रुकनापुर मूडाधामू में संकट है। किसानों का आरोप है कि समिति पर चहेते किसानों को खाद दी जा रही। अछनियां सहित अन्य समितियों पर खाद संकट देखते हुए समिति अध्यक्ष संजय दीक्षित ने बताया कि सभी समिति अध्यक्षों ने एआर से मिलकर कहा कि खाद नहीं भेजी तो इस्तीफा देना पड़ेगा, जिसके बाद 84 समितियों पर खाद की मंजूरी मिली।
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डाउन हो गई पॉश मशीन, खाद वितरण बंद
पसगवां। साधन सहकारी समिति पसगवां में ई-पॉश मशीन ठप होने से मात्र 80 बोरी यूरिया की बिक्री हो सकी। सचिव भाई लाल ने बताया कि एक ट्रक यूरिया आई है, जिसका वितरण शुरू करा दिया गया, लेकिन मशीन डाउन हो गई। अब मंगलवार से वितरण करेंगे। सहकारी समिति खरगापुर में मशीन खराब होने से यूरिया का वितरण नहीं हो सका।
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नैनो यूरिया तो उपलब्ध, मगर किसानों में अरुचि
उचौलिया। नैनो यूरिया को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति एकड़ पर यूरिया की एक बोरी की सीमा निर्धारित की गयी है। इससे समितियों पर इस बार खाद की उपलब्धता प्रचुर मात्रा में है। वनकागांव समिति सचिव कन्हैयालाल शर्मा ने बताया, करीब चार सौ बोरी यूरिया का स्टाॅक है। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया सस्ती भी पड़ती है, लेकिन स्प्रे कराने के झंझट से बचने के लिए किसान नैनो यूरिया नहीं लेते हैं, जबकि नैनो यूरिया भी स्टाॅक में उपलब्ध है। इस माह से प्रति एकड़ एक बोरी और अधिकतम पांच बोरी यूरिया एक किसान को दी जा रही है। जबकि नैनो यूरिया के लिए कोई सीमा निर्धारित नहीं है।
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कृभको की रैक शुक्रवार की रात आई थी। सभी समितियों पर सोमवार शाम तक पहुंचाने की कोशिश की गई। अब तक 61 समितियों पर खाद आपूर्ति हो चुकी और वितरण भी चुका है। एक-दो दिन में संकट पूरी तरह खत्म हो जाएगा। -रजनीश प्रताप सिंह, एआर कोऑपरेटिव
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खरीफ सीजन में जनपद को 1.46 लाख मीट्रिक टन (एमटी) खाद की जरूरत है। इसके सापेक्ष अब तक 1.13 लाख एमटी खाद आ चुकी है, जिसमें से 95000 हजार एमटी यानी 83 प्रतिशत खाद का वितरण हो चुका है। कुल मिलाकर अभी खेतों को 50 हजार मीट्रिक टन खाद की और जरूरत है। इसलिए किसानों का वक्त यूरिया पाने में ही गुजर रहा है। जिले में लगातार खाद आने के बावजूद अव्यवस्था के कारण वह बंटती हुई नहीं दिख रही है।
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जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह का कहना है कि शाहजहांपुर की यारा कंपनी की 900 एमटी और गोला रैक की 2600 एमटी खाद आने वाली है। समितियों पर समय से खाद पहुंचाने के लिए एआर कोऑपरेटिव को पत्र लिखा गया है।
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महिलाएं भी लाइन में लगकर हुईं परेशान
मैगलगंज। साधन सहकारी समिति औरंगाबाद पर सोमवार को किसानों की लंबी लाइनें देखने को मिलीं। कई किसान तो सुबह पांच बजे से लाइन में लगे हुए थे, जिसमें महिलाएं भी शामिल रहीं। कई घंटों तक इंतजार के बावजूद अधिकांश किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनिंदा किसानों तक ही यूरिया दी जा रही। खूंटी गांव के किसान रामकृष्ण दीक्षित ने कहा कि वह सुबह पांच बजे से लाइन में लगे है, दोपहर तक नहीं मिली। बाद में समिति वालों ने कहा कि स्टॉक खत्म हो गया। खूंटी की कुसुमा देवी ने बताया, वह घर के काम छोड़कर यूरिया लेने पहुंचीं, लेकिन नहीं मिली। मौजूदा समय में औरंगाबाद क्या, पूरे मैगलगंज क्षेत्र में खाद का संकट बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे।
मितौली में पांच दिन से खाद नहीं
मितौली। साधन सहकारी समिति मितौली पर पांच दिनों से खाद नहीं है। सचिव अर्चना सिंह ने बताया कि सोमवार की देर शाम 600 बोरी यूरिया आने की उम्मीद है। सोसाइटी से मात्र एक बोरी ही खाद मिली थी।
पुलिस फोर्स न मिलने से नहीं हो सका वितरण
अमीरनगर। सहकारी समिति अमीरनगर पर यूरिया खाद उतर चुकी है, लेकिन पुलिस फोर्स न मिलने से खाद का वितरण नहीं हो सका। बिना पुलिस फोर्स के खाद वितरण करना संभव नहीं है। पुलिस के मुहर्रम ड्यूटी में लगे होने के कारण यह संकट आया। मंगलवार से खाद वितरण सुधर सकता है।
खाद का संकट, किसानों में आक्रोश
तिकुनिया। किसान 10 किलो यूरिया पाने के लिए भी तरस रहे हैं। यहां एक ट्रक यूरिया आई थी, जिसका वितरण हो चुका है। तराई किसान संस्था के महामंत्री सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, सहित अन्य संजय, भोलानाथ, धनीराम यादव, विकास शुक्ला, शिवकुमार ने बताया कि खाद के लिए चक्कर लगाना पड़ रहे हैं। बेलराया, निबौरिया, रायपुर, तिकुनिया में प्राइवेट में 380, 400 में बिक रही है।
महंगी खाद खरीदकर चला रहे काम
बेलरायां। भिड़ौरी साधन सहकारी समिति तकियापुरवा में 10 दिनों से यूरिया उर्वरक का संकट है। किसानों ने दुकानों से महंगी उर्वरक लेकर धान, गन्ना की बोआई शरू कर दी है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान शुरू हो गया है।
डेढ़ माह पहले की डिमांड, अब तक नहीं मिलीं
बरबर।
पैकीपुर समिति पर से 500 बोरी डीएपी की डिमांड डेढ़ माह पूर्व में भेजी थी, जो अब तक नहीं मिली है। सभापति कृष्ण चंद श्रीवास्तव को 500 बोरी यूरिया सोमवार शाम तक पहुंचने की उम्मीद थी।
अलीगंज समिति पर खाद का संकट
अलीगंज। समिति में यूरिया, डीएपी और एनपीके कोई खाद नहीं है। यूरिया 600 बोरी थी, जिसका वितरण सोमवार को हो गया। अब आगे कब मिल पाएगी, कुछ नहीं पता। बीच-बीच में संकट होने पर मजबूरन किसानों ने प्राइवेट दुकानों से खाद खरीदी।
कई जगह है खाद, मगर बांट नहीं पा रहे
बेहजम। गौरिया अंदापुर में खाद नहीं है। लेखाकार नवीन ने बताया कि भूलनपुर और अछनिया में खाद उतर चुकी है, लेकिन संदेश नहीं आया, जिससे बंट नहीं सकी। रुकनापुर मूडाधामू में संकट है। किसानों का आरोप है कि समिति पर चहेते किसानों को खाद दी जा रही। अछनियां सहित अन्य समितियों पर खाद संकट देखते हुए समिति अध्यक्ष संजय दीक्षित ने बताया कि सभी समिति अध्यक्षों ने एआर से मिलकर कहा कि खाद नहीं भेजी तो इस्तीफा देना पड़ेगा, जिसके बाद 84 समितियों पर खाद की मंजूरी मिली।
डाउन हो गई पॉश मशीन, खाद वितरण बंद
पसगवां। साधन सहकारी समिति पसगवां में ई-पॉश मशीन ठप होने से मात्र 80 बोरी यूरिया की बिक्री हो सकी। सचिव भाई लाल ने बताया कि एक ट्रक यूरिया आई है, जिसका वितरण शुरू करा दिया गया, लेकिन मशीन डाउन हो गई। अब मंगलवार से वितरण करेंगे। सहकारी समिति खरगापुर में मशीन खराब होने से यूरिया का वितरण नहीं हो सका।
नैनो यूरिया तो उपलब्ध, मगर किसानों में अरुचि
उचौलिया। नैनो यूरिया को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति एकड़ पर यूरिया की एक बोरी की सीमा निर्धारित की गयी है। इससे समितियों पर इस बार खाद की उपलब्धता प्रचुर मात्रा में है। वनकागांव समिति सचिव कन्हैयालाल शर्मा ने बताया, करीब चार सौ बोरी यूरिया का स्टाॅक है। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया सस्ती भी पड़ती है, लेकिन स्प्रे कराने के झंझट से बचने के लिए किसान नैनो यूरिया नहीं लेते हैं, जबकि नैनो यूरिया भी स्टाॅक में उपलब्ध है। इस माह से प्रति एकड़ एक बोरी और अधिकतम पांच बोरी यूरिया एक किसान को दी जा रही है। जबकि नैनो यूरिया के लिए कोई सीमा निर्धारित नहीं है।
कृभको की रैक शुक्रवार की रात आई थी। सभी समितियों पर सोमवार शाम तक पहुंचाने की कोशिश की गई। अब तक 61 समितियों पर खाद आपूर्ति हो चुकी और वितरण भी चुका है। एक-दो दिन में संकट पूरी तरह खत्म हो जाएगा। -रजनीश प्रताप सिंह, एआर कोऑपरेटिव