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बाघ की दहाड़ से इलाका दहला
अमर उजाला ब्यूरो मझगईं।
Updated Mon, 05 Dec 2016 09:54 PM IST
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बाघ्ा
- फोटो : gettyimages
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रविवार की सुबह बनाया था घोड़े को शिकार, खेतों की ओर नहीं जा रहे लोग
गुलराटांडा गांव के पास बाघ की दहाड़ों से गांव के लोग सहमे हुए हैं। बता दें कि यहीं पर एक बाघ ने एक घोड़े को अपना शिकार बना लिया था। दहशत के चलते लोग खेतों की ओर नहीं जा रहे हैं।
रविवार की सुबह गांव के पास चकरोड पर घास चर रहे घोड़े को एक बाघ ने मार डाला था। लोगों के आ जाने पर बाघ घोड़े को पूरी तरह से खा नहीं पाया और भाग निकला। पार्क कर्मियों ने घोड़े के शव को दफना दिया था। सोमवार की रात घटना वाले स्थान से बाघ की दहाड़ की आवाज आती रहीं और इसे सुन लोग घबरा गए और सारी रात सो नहीं सके। बाघ की दहशत पूरे गांव में फैली हुई है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक परियोजना अधिकारी राधेश्याम भार्गव, पार्क दरोगा वीरबहादुर सिंह, उमाशंकर पाल आदि ने मौका मुआयना कर गांव वालों को उधर जाने से मना किया। सहायक परियोजना अधिकारी ने बताया कि घोड़े़ को मारने के बाद बाघ उसके मांस को खा नहीं पाया था। बाघ को घोड़े का मांस बहुत पसंद है इसी वजह से वह बार बार उस जगह पर आ रहा है, इस बीच उसके सामने कोई भी आ गया तो उस पर भी हमला कर सकता है इसीलिए लोगों को कम से कम तीन दिन तक उधर जाने से मना किया गया है।
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गुलराटांडा गांव के पास बाघ की दहाड़ों से गांव के लोग सहमे हुए हैं। बता दें कि यहीं पर एक बाघ ने एक घोड़े को अपना शिकार बना लिया था। दहशत के चलते लोग खेतों की ओर नहीं जा रहे हैं।
रविवार की सुबह गांव के पास चकरोड पर घास चर रहे घोड़े को एक बाघ ने मार डाला था। लोगों के आ जाने पर बाघ घोड़े को पूरी तरह से खा नहीं पाया और भाग निकला। पार्क कर्मियों ने घोड़े के शव को दफना दिया था। सोमवार की रात घटना वाले स्थान से बाघ की दहाड़ की आवाज आती रहीं और इसे सुन लोग घबरा गए और सारी रात सो नहीं सके। बाघ की दहशत पूरे गांव में फैली हुई है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक परियोजना अधिकारी राधेश्याम भार्गव, पार्क दरोगा वीरबहादुर सिंह, उमाशंकर पाल आदि ने मौका मुआयना कर गांव वालों को उधर जाने से मना किया। सहायक परियोजना अधिकारी ने बताया कि घोड़े़ को मारने के बाद बाघ उसके मांस को खा नहीं पाया था। बाघ को घोड़े का मांस बहुत पसंद है इसी वजह से वह बार बार उस जगह पर आ रहा है, इस बीच उसके सामने कोई भी आ गया तो उस पर भी हमला कर सकता है इसीलिए लोगों को कम से कम तीन दिन तक उधर जाने से मना किया गया है।
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