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Lakhimpur Kheri News: कम पानी पीने से डिहाइड्रेशन का खतरा, जिला अस्पताल में बढ़े मरीज
Tue, 25 Nov 2025 11:12 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 25 Nov 2025 11:12 PM IST
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लखीमपुर खीरी। अमूमन सर्दियों में प्यास कम लगती है, जिससे लोग कम पानी पीते है। कम पानी पीना सेहत के लिए काफी घातक है। गुर्दा में इंफेक्शन के साथ पेट के तमाम विकार हो जाते हैं। जिला अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों में इस तरह की मरीजों की संख्या बढ़ी है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रोहित पाठक ने बताया कि कम पानी पीने से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। उनकी ओपीडी में इन दिनों रोजाना 15 से 20 मरीज डिहाइड्रेशन के पहुंचते हैं। हर 10वें मरीज में यह समस्या देखने को मिलती है। इससे कब्ज, त्वचा का रूखापन, थकान, चक्कर आना, और पाचन संबंधी समस्याएं होती है। इन दिनों से इस तरह के मरीज पहुंच रहे हैं।
दवाएं देने के साथ ही उनको प्रर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जाती है। डॉक्टर ने बताया कि इस मौसम में प्यास कम महसूस होने के कारण लोग पानी पीना भूल जाते हैं। कम पानी पानी से पाचन धीमा हो जाता है, जिससे कब्ज की समस्या होती है। वहीं त्वचा रूखी हो जाती है। थकान और कमजोरी की समस्या होती है। डॉ. रोहित पाठक ने बताया कि प्यास लगे या न लगे, लेकिन समय समय पर पानी पीते रहना चाहिए। एकदम पानी न पीऐ, धीरे-धीधे घूंट-घूंट में पानी का सेवन करना चाहिए।
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पेशाब रोकने से हो सकती कई दिक्कतें
-जिला अस्पताल में इन दिनों मूत्र विकार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। काम की व्यस्तता के चलते कई लोग पेशाब लगने के बाद भी रोके रहते है, जो काफी गलत है। इससे प्रोस्टेट बढ़ने के साथ ही पथरी होने का डर रहता है।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रोहित पाठक ने बताया कि कम पानी पीने से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। उनकी ओपीडी में इन दिनों रोजाना 15 से 20 मरीज डिहाइड्रेशन के पहुंचते हैं। हर 10वें मरीज में यह समस्या देखने को मिलती है। इससे कब्ज, त्वचा का रूखापन, थकान, चक्कर आना, और पाचन संबंधी समस्याएं होती है। इन दिनों से इस तरह के मरीज पहुंच रहे हैं।
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दवाएं देने के साथ ही उनको प्रर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जाती है। डॉक्टर ने बताया कि इस मौसम में प्यास कम महसूस होने के कारण लोग पानी पीना भूल जाते हैं। कम पानी पानी से पाचन धीमा हो जाता है, जिससे कब्ज की समस्या होती है। वहीं त्वचा रूखी हो जाती है। थकान और कमजोरी की समस्या होती है। डॉ. रोहित पाठक ने बताया कि प्यास लगे या न लगे, लेकिन समय समय पर पानी पीते रहना चाहिए। एकदम पानी न पीऐ, धीरे-धीधे घूंट-घूंट में पानी का सेवन करना चाहिए।
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पेशाब रोकने से हो सकती कई दिक्कतें
-जिला अस्पताल में इन दिनों मूत्र विकार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। काम की व्यस्तता के चलते कई लोग पेशाब लगने के बाद भी रोके रहते है, जो काफी गलत है। इससे प्रोस्टेट बढ़ने के साथ ही पथरी होने का डर रहता है।