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गर्मी ने किया हाल-बेहाल, बिजली ने रुलाया
अमर उजाला ब्यूरो-लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 26 Apr 2016 11:30 PM IST
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गरमी
- फोटो : अमर उजाला
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रिकार्ड टूटा, अप्रैल में ही 42 डिग्री को पार कर गया पारा
दोपहर में गुल रही बिजली, पसीने से तरबतर हुए लोग
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तापमान.....
अधिकतम : 42.2 डिग्री सेल्सियस।
न्यूनतम : 24.4 डिग्री सेल्सिस
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मंगलवार को गर्मी ने हाल बेहाल कर दिया। धूल भरा अंधड़ तो थमा रहा, लेकिन गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे पारा उछलकर 42 डिग्री को पार कर गया। मौसम विज्ञानी डॉ एचएस कुशवाहा का कहना है कि अप्रैल महीने में इतनी गर्मी पहली बार पड़ी है। एक तरफ भीषण गर्मी तो दूसरी तरफ अघोषित कटौती से लोग बेहाल रहे।
तेज धूप के कारण भीषण गर्मी में रात और दोपहर में कई-कई घंटे बिजली कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के कारण गन्ना और बेल समेत फलों के जूस की डिमांड बढ़ गई है, जिससे सड़कों पर शीतल पेय की तमाम दुकानें खुल गई हैं, जिन पर दिन भर भीड़ लगी रहती है। मंगलवार को सुबह से कई बार बिजली की ट्रिपिंग हुई, जबकि पौने 11 बजे गई बिजली 02.07 बजे आई। शाम को भी कई बार कटौती हुई और लो वोल्टेज की भी समस्या बनी रही। रात में बिजली जाते ही मच्छरों का हमला शुरू हो गया। बिजली विभाग की माने तो कंट्रोल से कटौती का समय बढ़ा दिया गया है। कंट्रोल से कटौती तथा जर्जर तार और उपकरणों के कारण आने वाले फाल्ट बिजली सप्लाई में बाधा बन दे हैं। यही वजह है कि शेड्यूल के अतिरिक्त फाल्ट आने पर भी कटौती की जा रही है, जिससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
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सावधान, गर्मी बढ़ेगी...और आ सकती है तेज आंधी
लखीमपुर। इस बार ये अच्छी खबर है कि यह गर्मी मानसून लाने में सहायक सिद्ध होगी। मानसून जल्दी आएगा और झमाझम बारिश होगी। पंतनगर यूनीवर्सिटी के मौसम विज्ञानी डॉ एचएस कुशवाहा के अनुसार मंगलवार की सुबह पूरब से हवाएं चलीं, जबकि दोपहर बाद पछुआ हवाएं चलने लगीं। सुबह हवाओं में 50 से 55 प्रतिशत, जबकि दोपहर बाद 60 से 65 प्रतिशत तक आद्रता मापी गई। मापी गई आर्द्रता से यह बात सामने आई है कि मौसम में नमी की मात्रा अधिक है, जबकि इन दिनों कम होनी चाहिए। इसके बाद भी हवाओं के वेग और तेज धूप के कारण बढ़ती गर्मी समयानुकूल है। इससे हल्के बादल छाए रहेंगे, जिससे दोपहर की अपेक्षा शाम को गर्मी अधिक होगी। इसी तरह मौसम रहा तो अगले दो दिनों में तेज आंधी आने की आशंका है। उन्होंने बताया का इस समय चलने वाली हवाओं का रुख और आद्रता मानसून लाने में सहायक साबित होगी। इस बार बारिश भी सामान्य से अधिक होने की उम्मीद है, जिससे किसानों को भी राहत मिलेगी।
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जलापूर्ति हो रही प्रभावित
जलापूर्ति भी पूरी तरह बिजली पर निर्भर है। सुबह बिजली गुल होते ही पानी की सप्लाई बंद हो जाती है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लो-वोल्टेज से भी जलापूर्ति प्रभावित होती है।
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बाजार में धुआं और शोर बना मुसीबत
बिजली गुल होते ही बाजार में लगे जनरेटरों का शोर गूंजने लगता है। इससे उठने वाले धुएं से राहगीरों और दुकानदारों को खासी दिक्कत उठानी पड़ती है। शोर के कारण बात करने के बजाय चीखना पड़ता है।
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कंट्रोल से होती है कटौती
एसडीओ बिजली राहुल शर्मा का कहना है कि बिजली कटौती कंट्रोल से की जाती है। इसकी जानकारी यहां के कर्मचारियों को भी नहीं होती। जो भी कटौती हो रही है, वह बिजली कंट्रोल से है।
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दोपहर में गुल रही बिजली, पसीने से तरबतर हुए लोग
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तापमान.....
अधिकतम : 42.2 डिग्री सेल्सियस।
न्यूनतम : 24.4 डिग्री सेल्सिस
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मंगलवार को गर्मी ने हाल बेहाल कर दिया। धूल भरा अंधड़ तो थमा रहा, लेकिन गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे पारा उछलकर 42 डिग्री को पार कर गया। मौसम विज्ञानी डॉ एचएस कुशवाहा का कहना है कि अप्रैल महीने में इतनी गर्मी पहली बार पड़ी है। एक तरफ भीषण गर्मी तो दूसरी तरफ अघोषित कटौती से लोग बेहाल रहे।
तेज धूप के कारण भीषण गर्मी में रात और दोपहर में कई-कई घंटे बिजली कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के कारण गन्ना और बेल समेत फलों के जूस की डिमांड बढ़ गई है, जिससे सड़कों पर शीतल पेय की तमाम दुकानें खुल गई हैं, जिन पर दिन भर भीड़ लगी रहती है। मंगलवार को सुबह से कई बार बिजली की ट्रिपिंग हुई, जबकि पौने 11 बजे गई बिजली 02.07 बजे आई। शाम को भी कई बार कटौती हुई और लो वोल्टेज की भी समस्या बनी रही। रात में बिजली जाते ही मच्छरों का हमला शुरू हो गया। बिजली विभाग की माने तो कंट्रोल से कटौती का समय बढ़ा दिया गया है। कंट्रोल से कटौती तथा जर्जर तार और उपकरणों के कारण आने वाले फाल्ट बिजली सप्लाई में बाधा बन दे हैं। यही वजह है कि शेड्यूल के अतिरिक्त फाल्ट आने पर भी कटौती की जा रही है, जिससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
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सावधान, गर्मी बढ़ेगी...और आ सकती है तेज आंधी
लखीमपुर। इस बार ये अच्छी खबर है कि यह गर्मी मानसून लाने में सहायक सिद्ध होगी। मानसून जल्दी आएगा और झमाझम बारिश होगी। पंतनगर यूनीवर्सिटी के मौसम विज्ञानी डॉ एचएस कुशवाहा के अनुसार मंगलवार की सुबह पूरब से हवाएं चलीं, जबकि दोपहर बाद पछुआ हवाएं चलने लगीं। सुबह हवाओं में 50 से 55 प्रतिशत, जबकि दोपहर बाद 60 से 65 प्रतिशत तक आद्रता मापी गई। मापी गई आर्द्रता से यह बात सामने आई है कि मौसम में नमी की मात्रा अधिक है, जबकि इन दिनों कम होनी चाहिए। इसके बाद भी हवाओं के वेग और तेज धूप के कारण बढ़ती गर्मी समयानुकूल है। इससे हल्के बादल छाए रहेंगे, जिससे दोपहर की अपेक्षा शाम को गर्मी अधिक होगी। इसी तरह मौसम रहा तो अगले दो दिनों में तेज आंधी आने की आशंका है। उन्होंने बताया का इस समय चलने वाली हवाओं का रुख और आद्रता मानसून लाने में सहायक साबित होगी। इस बार बारिश भी सामान्य से अधिक होने की उम्मीद है, जिससे किसानों को भी राहत मिलेगी।
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जलापूर्ति हो रही प्रभावित
जलापूर्ति भी पूरी तरह बिजली पर निर्भर है। सुबह बिजली गुल होते ही पानी की सप्लाई बंद हो जाती है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लो-वोल्टेज से भी जलापूर्ति प्रभावित होती है।
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बाजार में धुआं और शोर बना मुसीबत
बिजली गुल होते ही बाजार में लगे जनरेटरों का शोर गूंजने लगता है। इससे उठने वाले धुएं से राहगीरों और दुकानदारों को खासी दिक्कत उठानी पड़ती है। शोर के कारण बात करने के बजाय चीखना पड़ता है।
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कंट्रोल से होती है कटौती
एसडीओ बिजली राहुल शर्मा का कहना है कि बिजली कटौती कंट्रोल से की जाती है। इसकी जानकारी यहां के कर्मचारियों को भी नहीं होती। जो भी कटौती हो रही है, वह बिजली कंट्रोल से है।