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Lakhimpur Kheri News: मार्गदर्शी ऐप का पैनिक बटन यात्रियों के लिए बना मुसीबत
Thu, 14 May 2026 11:11 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 14 May 2026 11:11 PM IST
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अखिलेश कुमार उर्फ घनई
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लखीमपुर खीरी। रोडवेज यात्रियों को बसों की ऑनलाइन लोकेशन, समय सारिणी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संचालित किए जा रहे मार्गदर्शी ऐप का पैनिक बटन अब यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है।
महिला सुरक्षा को ध्यान में रखकर जोड़ा गया यह फीचर कई बार अनजाने में सक्रिय हो जाता है, जिससे यात्रियों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि जैसे ही मार्गदर्शी ऐप खोला जाता है, मोबाइल फोन की स्क्रीन पर पैनिक बटन दिखाई देने लगता है। जल्दबाजी या गलती से बटन पर अंगुली टच होते ही कंट्रोल रूम तक अलर्ट पहुंच जाता है और लखनऊ से फोन आने लगते हैं। इसके बाद यात्रियों से उनकी लोकेशन और समस्या के बारे में पूछताछ की जाती है।
यात्रियों के मुताबिक, बिना किसी आपात स्थिति के बार-बार फोन आने से उन्हें जवाब देना पड़ता है, जिससे असुविधा होती है। कुछ यात्रियों का कहना है कि मोबाइल फोन की स्क्रीन पर पैनिक बटन सामान्य उपयोग के दौरान भी आसानी से दब जाता है।
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यात्रियों ने मांग की है कि पैनिक बटन को अधिक सुरक्षित तरीके से डिजाइन किया जाए, ताकि वह सीधे सक्रिय न हो। इसके लिए दो बार टैप या कन्फर्मेशन जैसे विकल्प लागू किए जाएं, जिससे केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही अलर्ट भेजा जा सके।
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मैगलगंज से लखीमपुर जाने के लिए मार्गदर्शी ऐप पर बस की लोकेशन देख रहे थे, तभी पैनिक बटन पर अंगुली टच होते ही कंट्रोल रूम से फोन आने लगे। इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है।
-अखिलेश कुमार उर्फ घनई, औरंगाबाद
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उत्तराखंड के रुद्रपुर में प्राइवेट नौकरी करता हूं। घर आने-जाने के लिए रोडवेज बसों का सहारा लेता हूं। मार्गदर्शी ऐप पर बस की लोकेशन देखने के दौरान कई बार पैनिक बटन दबने से परेशानी हुई।
-सूरज कुमार सिंह, सुआगाड़ा
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महिला सुरक्षा को ध्यान में रखकर जोड़ा गया यह फीचर कई बार अनजाने में सक्रिय हो जाता है, जिससे यात्रियों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि जैसे ही मार्गदर्शी ऐप खोला जाता है, मोबाइल फोन की स्क्रीन पर पैनिक बटन दिखाई देने लगता है। जल्दबाजी या गलती से बटन पर अंगुली टच होते ही कंट्रोल रूम तक अलर्ट पहुंच जाता है और लखनऊ से फोन आने लगते हैं। इसके बाद यात्रियों से उनकी लोकेशन और समस्या के बारे में पूछताछ की जाती है।
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यात्रियों के मुताबिक, बिना किसी आपात स्थिति के बार-बार फोन आने से उन्हें जवाब देना पड़ता है, जिससे असुविधा होती है। कुछ यात्रियों का कहना है कि मोबाइल फोन की स्क्रीन पर पैनिक बटन सामान्य उपयोग के दौरान भी आसानी से दब जाता है।
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यात्रियों ने मांग की है कि पैनिक बटन को अधिक सुरक्षित तरीके से डिजाइन किया जाए, ताकि वह सीधे सक्रिय न हो। इसके लिए दो बार टैप या कन्फर्मेशन जैसे विकल्प लागू किए जाएं, जिससे केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही अलर्ट भेजा जा सके।
मैगलगंज से लखीमपुर जाने के लिए मार्गदर्शी ऐप पर बस की लोकेशन देख रहे थे, तभी पैनिक बटन पर अंगुली टच होते ही कंट्रोल रूम से फोन आने लगे। इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है।
-अखिलेश कुमार उर्फ घनई, औरंगाबाद
उत्तराखंड के रुद्रपुर में प्राइवेट नौकरी करता हूं। घर आने-जाने के लिए रोडवेज बसों का सहारा लेता हूं। मार्गदर्शी ऐप पर बस की लोकेशन देखने के दौरान कई बार पैनिक बटन दबने से परेशानी हुई।
-सूरज कुमार सिंह, सुआगाड़ा

अखिलेश कुमार उर्फ घनई

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