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20 से 25 फीसदी वोट पाकर बन गए माननीय

Mon, 25 Jan 2016 08:46 PM IST
लखीमपुर खीरी।
लखीमपुर खीरी। Updated Mon, 25 Jan 2016 08:46 PM IST
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the ministers only represent 20 to 25 percent consent of the all voters
विधानसभा चुनावों में कुछ यही हाल रहा है। विधानसभा चुनाव 2012 में गोला विधानसभा क्षेत्र से सपा उम्मीदवार विनय तिवारी सिर्फ 23.95 फीसदी वोट पाकर विधायक बन गए। धौरहरा में महज 20.86 फीसदी वोटों के सहारे बसपा के शमशेर बहादुर सिंह चुनाव जीत गए। निघासन विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2015 में हुए उपचुनाव में सपा के कृष्ण गोपाल पटेल 30 फीसदी वोट पाकर विजयी हुए थे। इससे पहले 2012 के मुख्य चुनाव में अजय मिश्र टेनी 23.44 फीसदी मत पाकर विजयी हुए थे।
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पलिया के विधायक रोमी साहनी को कुल मतदाताओं का महज 17.67 फीसदी वोट मिला तो श्रीनगर से रामसरन 24.28 फीसदी वोट पाकर विधायक बन गए। लखीमपुर के विधायक उत्कर्ष वर्मा को 22.50 फीसदी वोट मिले तो मोहम्मदी के विधायक बाला प्रसाद अवस्थी को महज 18.79 फीसदी मत ही मिले। कस्ता के विधायक सुनील लाला को जरूर 30 फीसदी से अधिक मत मिले।
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युवराजदत्त महाविद्यालय में राजनीति विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. एससी मिश्र कहते हैं कि मतदाता जागरूकता के अच्छे परिणाम आए हैं। मतदान प्रतिशत में लगातार इजाफा भी हुआ है। 2009 के लोक सभा चुनाव में 41 फीसदी मतदान हुआ था जो 2014 में बढ़कर 55 फीसदी हो गया है। लेकिन  प्रतिनिधियों के लिए जनता की भागीदारी बढ़नी चाहिए। जर्मनी और फ्रांस की तरह यहां भी 50 फीसदी से कम वोटों से जीतने वाले उम्मीदवार को दुबारा वोटिंग का सामना कराया जाना चाहिए ताकि उम्मीदवार अपनी जिम्मदारी समझें।
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