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जीत हार की गणित बैठाने में जुटे प्रत्याशी, समर्थक
टीएन अवस्थी लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 15 Feb 2017 11:49 PM IST
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- फोटो : amar ujala
मतदान निपटने के बाद शुरू हुआ कयासों का दौर
समर्थकों के साथ प्रत्याशियों का जीत-हार पर मंथन शुरू
लीजिए! बुधवार को विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में जिले में आठ सीटों पर मतदान पूरा हो गया। लोकतंत्र के इस महान पर्व पर मतदाताओं ने अपना निर्णय दे दिया है। अब बारी नतीजों की है। 11 मार्च को नतीजे सामने आएंगे, लेकिन बूथों पर खड़े लोगों के अपनी-अपनी गणित और अपने समीकरण दिखे। ईवीएम में भाग्य कैद होने के बाद से ही प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के बीच जीत-हार का गुणा भाग भी शुरू हो गया है।
बुधवार को जिले की आठ सीटों के लिए बनाए गए 1645 मतदान केंद्रों के 2699 पोलिंग बूथों पर लोगों ने मतदान किया। और 76 उम्मीदवारों के भाग्य को ईवीएम में कैद कर दिया। मतदान में युवाओं के साथ बुजुर्गों में भी उत्साह दिखा। मतदान का समय समाप्त होने से करीब एक घंटे पहले से ही समर्थकों और राजनीति में सक्रिय लोगों के बीच जीत-हार को लेकर चर्चाएं शुरू कर दीं कि किसको किस बूथ से कितने वोट मिले? कौन जीत रहा और कौन हार रहा? यह चर्चाएं बुधवार की देर रात हर जगह गली-मोहल्लों में होती रही। बूथ वार जातीय समीकरणों के आधार पर लोग जीत-हार के भी कयास लगा रहे हैं। प्रत्याशियों के समर्थकों ने भी किस बूथ पर कितने वोट पड़े? कि गांव में कैसे और किसके पक्ष में बदला रुझान, किसके पक्ष में हुआ अधिक मतदान? अचानक रुझान बदलने के पीछे क्या वजहें रहीं आदि का कयास लगाते हुए मंथन शुरू कर दिया। आंकड़ों की जादूगरी करने में प्रत्याशी भी लगे रहे। किस सीट पर कौन जीत रहा? किसे कितने वोट मिले, किस सीट पर किसके बीच टक्कर होने की उम्मीद है? इसको लेकर गुणा भाग शुरू कर दिया है। मतदान के बाद समर्थक अपने-अपने चुनाव कार्यालय पहुंचे। हालांकि प्रत्याशियों और समर्थकों की अलग-अलग अपनी गणित है। यहां सभी ने अपने हिसाब से गुणा-भाग किया। हर जगह जीत-हार को लेकर बहस छिड़ी हुई है।
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समर्थकों के साथ प्रत्याशियों का जीत-हार पर मंथन शुरू
लीजिए! बुधवार को विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में जिले में आठ सीटों पर मतदान पूरा हो गया। लोकतंत्र के इस महान पर्व पर मतदाताओं ने अपना निर्णय दे दिया है। अब बारी नतीजों की है। 11 मार्च को नतीजे सामने आएंगे, लेकिन बूथों पर खड़े लोगों के अपनी-अपनी गणित और अपने समीकरण दिखे। ईवीएम में भाग्य कैद होने के बाद से ही प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के बीच जीत-हार का गुणा भाग भी शुरू हो गया है।
बुधवार को जिले की आठ सीटों के लिए बनाए गए 1645 मतदान केंद्रों के 2699 पोलिंग बूथों पर लोगों ने मतदान किया। और 76 उम्मीदवारों के भाग्य को ईवीएम में कैद कर दिया। मतदान में युवाओं के साथ बुजुर्गों में भी उत्साह दिखा। मतदान का समय समाप्त होने से करीब एक घंटे पहले से ही समर्थकों और राजनीति में सक्रिय लोगों के बीच जीत-हार को लेकर चर्चाएं शुरू कर दीं कि किसको किस बूथ से कितने वोट मिले? कौन जीत रहा और कौन हार रहा? यह चर्चाएं बुधवार की देर रात हर जगह गली-मोहल्लों में होती रही। बूथ वार जातीय समीकरणों के आधार पर लोग जीत-हार के भी कयास लगा रहे हैं। प्रत्याशियों के समर्थकों ने भी किस बूथ पर कितने वोट पड़े? कि गांव में कैसे और किसके पक्ष में बदला रुझान, किसके पक्ष में हुआ अधिक मतदान? अचानक रुझान बदलने के पीछे क्या वजहें रहीं आदि का कयास लगाते हुए मंथन शुरू कर दिया। आंकड़ों की जादूगरी करने में प्रत्याशी भी लगे रहे। किस सीट पर कौन जीत रहा? किसे कितने वोट मिले, किस सीट पर किसके बीच टक्कर होने की उम्मीद है? इसको लेकर गुणा भाग शुरू कर दिया है। मतदान के बाद समर्थक अपने-अपने चुनाव कार्यालय पहुंचे। हालांकि प्रत्याशियों और समर्थकों की अलग-अलग अपनी गणित है। यहां सभी ने अपने हिसाब से गुणा-भाग किया। हर जगह जीत-हार को लेकर बहस छिड़ी हुई है।
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