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Lakhimpur Kheri News: पीट-पीटकर बेसुध करने के बाद धारदार हथियारों से की गई थी तेंदुए की हत्या

Fri, 10 May 2024 03:37 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 10 May 2024 03:37 AM IST
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The leopard was killed with sharp weapons after being beaten unconscious.
भीरा रेंज में पीटकर मारे गए तेंदुए वे शव का हुआ पोस्टमार्टम।
बांकेगंज/बिजुआ। तीन ग्रामीणों पर हमला करने वाली मादा तेंदुए को पीट-पीटकर बेसुध करने के बाद धारदार हथियार से वारकर उसकी जान ली गई थी। सिर में लगी गहरी चोट और अधिक रक्तस्राव मौत का कारण बना। बृहस्पतिवार सुबह हुए पोस्टमार्टम में इसका खुलासा हुआ है। वहीं, वन विभाग की ओर से वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत अज्ञात ग्रामीणों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। ग्रामीणों काे चिह्नित करने के लिए दो टीमें लगी हैं।
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की भीरा, मझगई और दक्षिण खीरी वन प्रभाग की गोला रेंज की सीमा पर स्थित रामनगर कलां गांव के खेत में बुधवार दोपहर करीब 12 बजे तेंदुए ने तीन किसानों पर हमला कर दिया था। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने घेराबंदी कर पीट-पीटकर तेंदुए की जान ले ली थी। डीएफओ सौरीष सहाय की मौजूदगी में शव कड़ी सुरक्षा में भीरा रेंज कार्यालय पहुंचाया गया।
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बृहस्पतिवार सुबह पोस्टमार्टम करने वाले पैनल में दुधवा टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. दीपक कुमार, बिजुआ पशु चिकित्सालय के डॉक्टर सुरेश कुमार, डब्ल्यूटीआई की प्रतिनिधि सी प्रांजलि, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के रोहित रवि शामिल रहे। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई। रिपोर्ट के अनुसार, मादा तेंदुए की उम्र करीब तीन साल थी। उसके सिर, पेट, पैर और मुंह पर गहरे जख्म थे।
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पोस्टमार्टम के बाद एनटीसीए की गाइड लाइन के मुताबिक तेंदुए के शव को जला दिया गया। वहीं, डीएफओ सौरीष सहाय ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अनुसार अज्ञात ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज किया है। जो लोग घटना में संलिप्त हैं, उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। आरोपी ग्रामीणों को चिह्नित करने के लिए दो टीमें लगाई गई हैं।



बफरजोन के डीएफओ सौरीष सहाय ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। बाघ या तेंदुए की मौत के बाद काेर्ट में दोष सिद्ध होने पर सात साल की सजा का प्रावधान है।
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