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Lakhimpur Kheri News: चार चिताओं की आग में जल गई गांव की खुशियां
Sat, 25 Apr 2026 12:24 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 25 Apr 2026 12:24 AM IST
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चार पाई पर बेसुध पड़े आदि के माता पिता। संवाद
रमियाबेहड़। पढुआ थाना क्षेत्र के बोझिया में बृहस्पतिवार को हुए दर्दनाक ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे के बाद शुक्रवार को जब एक साथ चार अर्थियां उठीं तो पूरा गांव गम में डूब गया। हर आंख नम थी और माहौल सन्नाटे में डूबा दिखाई दिया।
हादसे में जान गंवाने वाले पांच लोगों में से चार का अंतिम संस्कार सोहरिया गांव और एक का सेमरी गांव में किया गया। पोस्टमाॅर्टम के बाद बृहस्पतिवार शाम शव परिजनों को सौंप दिए गए थे। शुक्रवार दोपहर अंतिम संस्कार के समय भारी भीड़ उमड़ी और शव यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए।
शारदानगर थाना क्षेत्र के सोहरिया गांव निवासी बालगोविंद के पुत्र आदी का मुंडन संस्कार बहराइच के कारीकोट काली मंदिर में होना था। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 90 लोग दो ट्रॉलियों में सवार होकर जा रहे थे। दोनों ट्रॉलियां एक ही ट्रैक्टर से जुड़ी थीं। बोझिया के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें पांच लोगों की मौके पर मौत हो गई और 23 लोग घायल हो गए।
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मृतकों में विनोद की 12 वर्षीय पुत्री आरुषि, रमाकांत की 15 वर्षीय पुत्री नैंसी, विशम्भर की 16 वर्षीय पुत्री पंक्षी, केशकुमार की पत्नी 40 वर्षीय राजकुमारी (सभी निवासी सोहरिया) और सेमरी निवासी 45 वर्षीय मखाना पत्नी मेवालाल शामिल हैं।
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स्कूल बंद, गांव में पसरा सन्नाटा
घटना के बाद गांव के प्राइमरी और निजी स्कूलों में छुट्टी रही। बच्चे स्कूल नहीं गए, जबकि प्राइमरी स्कूल सोहरिया में शिक्षक मौजूद रहे। पूरे गांव में दिन भर सन्नाटा पसरा रहा।
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शादी की खुशियां मातम में बदलीं
विशम्भर के बेटे सुनील की शादी सात मई को मझगईं थाना क्षेत्र के टॉपरपुरवा गांव में होनी थी। चार भाइयों में सबसे छोटी पंक्षी भी हादसे में जान गंवा बैठी। वह बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया।
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घायल परिजन भी सदमे में
बालगोविंद और उनकी पत्नी रानी देवी हादसे में घायल हुए, लेकिन डर के कारण इलाज नहीं कराया। बालगोविंद के ऊपर ट्रैक्टर का पहिया चढ़ गया था, फिर भी वे बच गए। उनके घर में पहले खुशी का माहौल था, जो हादसे के बाद शोक में बदल गया।
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गांव में पुलिस मुस्तैद
घटना के बाद शारदानगर थानाध्यक्ष बृज मोहन फोर्स के साथ लगातार गांव में डटे रहे, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। अंतिम संस्कार तक पुलिस की निगरानी रही।
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अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
शव यात्रा में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। सपा प्रदेश सचिव आरएस कुशवाहा, निघासन विधानसभा अध्यक्ष सुरेंद्र यादव भंडारी, भाजपा मंडल अध्यक्ष रामकुमार मौर्य, पूर्व ब्लॉक प्रमुख अमित वर्मा, जयप्रकाश राज और कई ग्राम प्रधानों ने पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।
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हादसे में जान गंवाने वाले पांच लोगों में से चार का अंतिम संस्कार सोहरिया गांव और एक का सेमरी गांव में किया गया। पोस्टमाॅर्टम के बाद बृहस्पतिवार शाम शव परिजनों को सौंप दिए गए थे। शुक्रवार दोपहर अंतिम संस्कार के समय भारी भीड़ उमड़ी और शव यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए।
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शारदानगर थाना क्षेत्र के सोहरिया गांव निवासी बालगोविंद के पुत्र आदी का मुंडन संस्कार बहराइच के कारीकोट काली मंदिर में होना था। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 90 लोग दो ट्रॉलियों में सवार होकर जा रहे थे। दोनों ट्रॉलियां एक ही ट्रैक्टर से जुड़ी थीं। बोझिया के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें पांच लोगों की मौके पर मौत हो गई और 23 लोग घायल हो गए।
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मृतकों में विनोद की 12 वर्षीय पुत्री आरुषि, रमाकांत की 15 वर्षीय पुत्री नैंसी, विशम्भर की 16 वर्षीय पुत्री पंक्षी, केशकुमार की पत्नी 40 वर्षीय राजकुमारी (सभी निवासी सोहरिया) और सेमरी निवासी 45 वर्षीय मखाना पत्नी मेवालाल शामिल हैं।
स्कूल बंद, गांव में पसरा सन्नाटा
घटना के बाद गांव के प्राइमरी और निजी स्कूलों में छुट्टी रही। बच्चे स्कूल नहीं गए, जबकि प्राइमरी स्कूल सोहरिया में शिक्षक मौजूद रहे। पूरे गांव में दिन भर सन्नाटा पसरा रहा।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
विशम्भर के बेटे सुनील की शादी सात मई को मझगईं थाना क्षेत्र के टॉपरपुरवा गांव में होनी थी। चार भाइयों में सबसे छोटी पंक्षी भी हादसे में जान गंवा बैठी। वह बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया।
घायल परिजन भी सदमे में
बालगोविंद और उनकी पत्नी रानी देवी हादसे में घायल हुए, लेकिन डर के कारण इलाज नहीं कराया। बालगोविंद के ऊपर ट्रैक्टर का पहिया चढ़ गया था, फिर भी वे बच गए। उनके घर में पहले खुशी का माहौल था, जो हादसे के बाद शोक में बदल गया।
गांव में पुलिस मुस्तैद
घटना के बाद शारदानगर थानाध्यक्ष बृज मोहन फोर्स के साथ लगातार गांव में डटे रहे, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। अंतिम संस्कार तक पुलिस की निगरानी रही।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
शव यात्रा में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। सपा प्रदेश सचिव आरएस कुशवाहा, निघासन विधानसभा अध्यक्ष सुरेंद्र यादव भंडारी, भाजपा मंडल अध्यक्ष रामकुमार मौर्य, पूर्व ब्लॉक प्रमुख अमित वर्मा, जयप्रकाश राज और कई ग्राम प्रधानों ने पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।

चार पाई पर बेसुध पड़े आदि के माता पिता। संवाद

चार पाई पर बेसुध पड़े आदि के माता पिता। संवाद

चार पाई पर बेसुध पड़े आदि के माता पिता। संवाद

चार पाई पर बेसुध पड़े आदि के माता पिता। संवाद