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कांशीराम आवास में किराये पर रह रहे परिवार को किया बेघ
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न्याय की उम्मीद में पीड़ित परिवार।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
दबंगों पर लगाया घर से बाहर सामान फेंकने का आरोप
पीड़ित परिवार ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की
गोला गोकर्णनाथ। शनिवार की रात कांशीराम आवास कॉलोनी में किराये पर रह रहे एक परिवार का सामान फेंक कर दबंगों ने उन्हें बेघर कर दिया। पीड़ित परिवार ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।
शनिवार को कोतवाली गेट पर खड़े सुहेला गांव निवासी सुरजीत और नवनीत वर्मा ने बताया कि वह भूमिहीन है। गोला में मेहनत मजदूरी कर रोजी रोटी कमाते हैं। उनका परिवार करीब सात वर्षों से कांशीराम आवास कॉलोनी के मकान 34/3 में किराए पर रहता है। बताया कि, जिसके नाम आवास है वह एडवांस में उनसे 30 हजार ले चुका है। शनिवार कुछ लोग लाठी-डंडों से लैस होकर आए और आवास खाली करने के लिए जोर जबरदस्ती करने लगे। मोहलत मांगने पर विपक्षियों ने जबरन आवास से सामान निकाल कर बाहर फेंक दिया और अपना ताला डाल दिया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि जिस व्यक्ति के नाम यह आवास है। उसके शहर में कई मकान हैं। पीड़ित परिवार ने कांशीराम आवास आवंटन पर भी सवाल उठाए और कहा कि संपन्न लोगों को आवास आवंटित किए गए हैं। गरीब, बेघर पात्र परिवार भटक रहे हैं।
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प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार पांडे ने बताया कि चौकी इंचार्ज को मामले की जांच के लिए निर्देशित किया गया है। कार्रवाई की जाएगी। उधर, नगर पालिका परिषद ईओ प्रदीप नारायण दीक्षित ने मामले से पल्ला झाड़ते हुए बताया कि कांशीराम आवासों का आवंटन उनके कार्यकाल से पूर्व हुआ था और मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
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पीड़ित परिवार ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की
गोला गोकर्णनाथ। शनिवार की रात कांशीराम आवास कॉलोनी में किराये पर रह रहे एक परिवार का सामान फेंक कर दबंगों ने उन्हें बेघर कर दिया। पीड़ित परिवार ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।
शनिवार को कोतवाली गेट पर खड़े सुहेला गांव निवासी सुरजीत और नवनीत वर्मा ने बताया कि वह भूमिहीन है। गोला में मेहनत मजदूरी कर रोजी रोटी कमाते हैं। उनका परिवार करीब सात वर्षों से कांशीराम आवास कॉलोनी के मकान 34/3 में किराए पर रहता है। बताया कि, जिसके नाम आवास है वह एडवांस में उनसे 30 हजार ले चुका है। शनिवार कुछ लोग लाठी-डंडों से लैस होकर आए और आवास खाली करने के लिए जोर जबरदस्ती करने लगे। मोहलत मांगने पर विपक्षियों ने जबरन आवास से सामान निकाल कर बाहर फेंक दिया और अपना ताला डाल दिया।
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पीड़ित परिवार का कहना है कि जिस व्यक्ति के नाम यह आवास है। उसके शहर में कई मकान हैं। पीड़ित परिवार ने कांशीराम आवास आवंटन पर भी सवाल उठाए और कहा कि संपन्न लोगों को आवास आवंटित किए गए हैं। गरीब, बेघर पात्र परिवार भटक रहे हैं।
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प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार पांडे ने बताया कि चौकी इंचार्ज को मामले की जांच के लिए निर्देशित किया गया है। कार्रवाई की जाएगी। उधर, नगर पालिका परिषद ईओ प्रदीप नारायण दीक्षित ने मामले से पल्ला झाड़ते हुए बताया कि कांशीराम आवासों का आवंटन उनके कार्यकाल से पूर्व हुआ था और मामला उनके संज्ञान में नहीं है।