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नोट बंदी के चक्कर में खूब जमा हुआ पालिका का टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 15 Nov 2016 11:46 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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तीन दिन में जमा हुआ 7,75,972 रुपये का राजस्व
बंद नोटों से 24 नवंबर तक जमा हो सकेगा टैक्स
पांच सौ और हजार रुपये के नोट बंद होने से भले ही लोगों में निराशा हो, लेकिन नगर पालिका की किस्मत का पिटारा खुल गया। नोट बंदी की घोषणा के बाद शहर के लोगों ने पांच सौ और हजार रुपये के नोटों को पालिका के टैक्स अदायगी में खपा दिया, जिससे तीन दिनों में पालिका को सात लाख पचहत्तर हजार नौ सौ बहत्तर रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
आमतौर पर घरेलू खर्चे निपटाने के बाद ही नगरवासी पालिका का टैक्स चाहें वह गृहकर, जलकर हो या फिर दुकान आदि का किराया अदा करते थे, लेकिन आठ नवंबर की आधी रात से 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद होने की घोषणा से लोगों में बड़े नोटों को लेकर बेचैनी बढ़ गई थी और इन नोटों का खपाने के लिए परेशान हो उठे । हालांकि शासन ने पालिका सहित अन्य सरकारी संस्थानों के कर पुराने नोटों से ही जमा करने की छूट दे दी थी, जिससे लोगों ने इन बंद नोटों को खपाने के लिए पालिका का टैक्स अदा करना शुरू कर दिया, जिसका परिणाम यह रहा कि नोट बंदी के दूसरे दिन जहां नगर पालिका को 15,224 रुपये का राजस्व मिला। वहीं 11 नवंबर को एक लाख तेईस हजार पांच सौ छब्बीस एवं 12 नवंबर को छह लाख सैंतीस हजार दो सौ बाइस रुपये का टैक्स जमा हुआ। कर्मचारियों का कहना था कि 10, 13 और 14 नवंबर को यदि अवकाश न होता तो और अधिक टैक्स जमा हो गया होता।
बड़े नोट न लेने पर पालिका में हुई नोक झोंक
शहर के लोग जब मंगलवार को पांच सौ और हजार के नोट लेकर पालिका में टैक्स जमा करने पहुंचे तो कैशियर ने इन नोटों को लेने से मना करते हुए कहा कि पांच सौ और हजार के नोट लिए जाने का आदेश सिर्फ 14 नवंबर तक के लिए ही था। इसलिए अब यह नोट नहीं लेंगे। जबकि शहर के लोगों को कहना था कि अब आदेश 24 नवंबर तक के लिए हो चुका है। इस बात को लेकर कैशियर और टैक्स जमा करने वालों एवं पुराने नोटों से टैक्स जमा कर चुके कुछ पालिका कर्मचारियों में नोक झोंक भी हुई। लेकिन कैशियर ने मुख्यालय एवं पालिका ईओ द्वारा कोई आदेश न दिए जाने का हवाला देकर लोगों को लौटा दिया।
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बंद नोटों से टैक्स जमा करने के लिए जो समय सीमा बढ़ाई गई है उसका आदेश मंगलवार की शाम को मिला। इसलिए मंगलवार को इन नोटों से टैक्स नहीं जमा हुआ। लेकिन आदेश मिल गया है अब 24 नवंबर तक बंद नोटों से टैक्स जमा किया जा सकेगा।
- अवनींद्र कुमार अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका
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बंद नोटों से 24 नवंबर तक जमा हो सकेगा टैक्स
पांच सौ और हजार रुपये के नोट बंद होने से भले ही लोगों में निराशा हो, लेकिन नगर पालिका की किस्मत का पिटारा खुल गया। नोट बंदी की घोषणा के बाद शहर के लोगों ने पांच सौ और हजार रुपये के नोटों को पालिका के टैक्स अदायगी में खपा दिया, जिससे तीन दिनों में पालिका को सात लाख पचहत्तर हजार नौ सौ बहत्तर रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
आमतौर पर घरेलू खर्चे निपटाने के बाद ही नगरवासी पालिका का टैक्स चाहें वह गृहकर, जलकर हो या फिर दुकान आदि का किराया अदा करते थे, लेकिन आठ नवंबर की आधी रात से 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद होने की घोषणा से लोगों में बड़े नोटों को लेकर बेचैनी बढ़ गई थी और इन नोटों का खपाने के लिए परेशान हो उठे । हालांकि शासन ने पालिका सहित अन्य सरकारी संस्थानों के कर पुराने नोटों से ही जमा करने की छूट दे दी थी, जिससे लोगों ने इन बंद नोटों को खपाने के लिए पालिका का टैक्स अदा करना शुरू कर दिया, जिसका परिणाम यह रहा कि नोट बंदी के दूसरे दिन जहां नगर पालिका को 15,224 रुपये का राजस्व मिला। वहीं 11 नवंबर को एक लाख तेईस हजार पांच सौ छब्बीस एवं 12 नवंबर को छह लाख सैंतीस हजार दो सौ बाइस रुपये का टैक्स जमा हुआ। कर्मचारियों का कहना था कि 10, 13 और 14 नवंबर को यदि अवकाश न होता तो और अधिक टैक्स जमा हो गया होता।
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बड़े नोट न लेने पर पालिका में हुई नोक झोंक
शहर के लोग जब मंगलवार को पांच सौ और हजार के नोट लेकर पालिका में टैक्स जमा करने पहुंचे तो कैशियर ने इन नोटों को लेने से मना करते हुए कहा कि पांच सौ और हजार के नोट लिए जाने का आदेश सिर्फ 14 नवंबर तक के लिए ही था। इसलिए अब यह नोट नहीं लेंगे। जबकि शहर के लोगों को कहना था कि अब आदेश 24 नवंबर तक के लिए हो चुका है। इस बात को लेकर कैशियर और टैक्स जमा करने वालों एवं पुराने नोटों से टैक्स जमा कर चुके कुछ पालिका कर्मचारियों में नोक झोंक भी हुई। लेकिन कैशियर ने मुख्यालय एवं पालिका ईओ द्वारा कोई आदेश न दिए जाने का हवाला देकर लोगों को लौटा दिया।
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बंद नोटों से टैक्स जमा करने के लिए जो समय सीमा बढ़ाई गई है उसका आदेश मंगलवार की शाम को मिला। इसलिए मंगलवार को इन नोटों से टैक्स नहीं जमा हुआ। लेकिन आदेश मिल गया है अब 24 नवंबर तक बंद नोटों से टैक्स जमा किया जा सकेगा।
- अवनींद्र कुमार अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका