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मई में मृत्यु दर हुई तीन गुना से अधिक बढ़ी
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अप्रैल में कोरोना संक्रमण से 26 लोगों की हुई मौत, मई के आठ दिन में 37 लोगों की थम गईं सांसें
लखीमपुर खीरी। जिले में संक्रमण की रफ्तार कम नहीं हो रही है। शासन के तमाम जतन बेकार साबित हो रहे हैं। अप्रैल में 9252 लोग संक्रमित मिले और 26 लोगों की मौत हुई। मई के आठ दिन में ही 3841 संक्रमित मिले हैं और 37 लोगों की मौत हुई है। अप्रैल में कोरोना से मरने वालों की दर जहां 0.28 फीसदी थी, वहीं मई में तीन गुना से अधिक बढ़कर 0.96 प्रतिशत हो गई है।
कोविड से लेकर जिला अस्पताल में मरीजों का आना अनवरत जारी रहा। हालांकि कोविड-19 की गाइड लाइन के अनुसार संक्रमित 10 से 15 दिन में स्वस्थ हो जाता है और जिनमें लक्षण नहीं होते वह भी सात से आठ दिन में स्वस्थ हो जाते हैं। हालांकि अब तक जिनकी मौत हुई है, उनमें अधिकतर को सांस लेने में दिक्कत थी। अप्रैल माह के पहले सप्ताह में शुरू हुआ कोरोना का कहर अंत में अत्यंत भयानक स्थिति में पहुंच गया।
कब से कब तक संक्रमित मौत
एक अप्रैल तक 7742 99
10 अप्रैल तक 254 4
20 अप्रैल तक 2848 6
30 अप्रैल तक 5820 16
आठ मई तक 3841 37
ज्यादा मौतों का कारण इसलिए है कि कई बार लोग देरी से
इलाज शुरु करते हैं। जैसे ही किसी को लगे कि लक्षण हैं, तो उसका ट्रीटमेंट लोग शुरु कर दें। सारे सीएचसी और पीएचसी पर दवाएं निशुल्क हैं।
हमारी स्ट्रेटजी है कि हम लोगों को समय पर दवा उपलब्ध करा सकें। ट्रीटमेंट के लिये जो भी प्रोटोकाल है, वह भी उपलब्ध है।
- शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा घातक साबित हो रही है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार मौतें ज्यादा हो रही हैं। इसका कारण लोगों की जांच और इलाज में लापरवाही बरता है। कोरोना से लोगों को बचाने के लिए महकमा पूरी तौर से अलर्ट है। लोगों से अपील है कि सर्दी, जुकाम और बुखार आदि के लक्षण दिखें तो बिना देर किए अपनी जांच कराएं।
विज्ञापन
- डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
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लखीमपुर खीरी। जिले में संक्रमण की रफ्तार कम नहीं हो रही है। शासन के तमाम जतन बेकार साबित हो रहे हैं। अप्रैल में 9252 लोग संक्रमित मिले और 26 लोगों की मौत हुई। मई के आठ दिन में ही 3841 संक्रमित मिले हैं और 37 लोगों की मौत हुई है। अप्रैल में कोरोना से मरने वालों की दर जहां 0.28 फीसदी थी, वहीं मई में तीन गुना से अधिक बढ़कर 0.96 प्रतिशत हो गई है।
कोविड से लेकर जिला अस्पताल में मरीजों का आना अनवरत जारी रहा। हालांकि कोविड-19 की गाइड लाइन के अनुसार संक्रमित 10 से 15 दिन में स्वस्थ हो जाता है और जिनमें लक्षण नहीं होते वह भी सात से आठ दिन में स्वस्थ हो जाते हैं। हालांकि अब तक जिनकी मौत हुई है, उनमें अधिकतर को सांस लेने में दिक्कत थी। अप्रैल माह के पहले सप्ताह में शुरू हुआ कोरोना का कहर अंत में अत्यंत भयानक स्थिति में पहुंच गया।
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कब से कब तक संक्रमित मौत
एक अप्रैल तक 7742 99
10 अप्रैल तक 254 4
20 अप्रैल तक 2848 6
30 अप्रैल तक 5820 16
आठ मई तक 3841 37
ज्यादा मौतों का कारण इसलिए है कि कई बार लोग देरी से
इलाज शुरु करते हैं। जैसे ही किसी को लगे कि लक्षण हैं, तो उसका ट्रीटमेंट लोग शुरु कर दें। सारे सीएचसी और पीएचसी पर दवाएं निशुल्क हैं।
हमारी स्ट्रेटजी है कि हम लोगों को समय पर दवा उपलब्ध करा सकें। ट्रीटमेंट के लिये जो भी प्रोटोकाल है, वह भी उपलब्ध है।
- शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा घातक साबित हो रही है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार मौतें ज्यादा हो रही हैं। इसका कारण लोगों की जांच और इलाज में लापरवाही बरता है। कोरोना से लोगों को बचाने के लिए महकमा पूरी तौर से अलर्ट है। लोगों से अपील है कि सर्दी, जुकाम और बुखार आदि के लक्षण दिखें तो बिना देर किए अपनी जांच कराएं।
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- डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ