फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   The danger is not over yet, now the database of tigers is being prepared

खतरा अभी टला नहीं, अब तैयार हो रहा है बाघों का डाटाबेस

Wed, 29 Jun 2022 11:23 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jun 2022 11:23 PM IST
विज्ञापन
The danger is not over yet, now the database of tigers is being prepared
पिंजरे में कैद बाघ।
अब तक यह पुष्टि नहीं कि पकड़ा गया बाघ ही कर रहा था इंसानों का शिकार
विज्ञापन

बाघिन की तलाश जारी, हमलावर जानवर की पहचान वन कर्मियों की प्राथमिकता
लखीमपुर खीरी। खैरटिया में बाघ के पिंजरे में कैद हो जाने के बाद भी बाघिन के हमलों का खतरा कम नहीं हुआ है। वनाधिकारी और विशेषज्ञ अभी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि पकड़ा गया बाघ ही इंसानों पर हमला कर रहा था। वन विभाग ने बाघिन की तलाश जारी रखते हुए बाघों का डाटाबेस तैयार करने की योजना बनाई है।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के जीव वैज्ञानिक रोहित रवि और दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक मंझरा खैरटिया में सक्रिय बाघों की तस्वीरों से धारियों का मिलान कर उनका डाटा बेेस तैयार कर रहे हैं। साथ ही वहां सक्रिय बाघों की गतिविधियों और व्यवहार का अध्ययन भी किया जा रहा है ताकि लगातार इंसानों पर हमला करने वाले बाघ और बाघिन की सही पहचान की जा सके।
विज्ञापन

अभी वन विभाग इस बात को लेकर असमंजस में है कि पकड़ा गया बाघ ही इंसानों पर हमला कर रहा था या हमला करने वाली बाघिन अभी पकड़ से बाहर है। यदि आने वाले दो-चार दिनों में बाघिन फिर किसी इंसान को अपना शिकार बनाती है तो यह माना जाएगा कि बाघिन ही असली गुनहगार है और पकड़ा गया बाघ बेगुनाह है। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा तैयार किया जा रहा डाटा बेस इस पहचान में मदद करेगा। फिलहाल बाघिन को तलाशकर उसे पकड़ने के लिए पिछले 11 दिनों से चल रहा वन विभाग का अभियान अभी जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

ड्रोन के जरिए भी तलाशी जा रही है बाघिन की लोकेशन
बाघिन की तलाश में कुल चार टीमें लगाई गई हैं। इन सभी टीमों में एक-एक पशु चिकित्सक, एक-एक वनाधिकारी के अलावा वनकर्मी और स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के जवान शामिल हैं। प्रत्येक टीम में पांच से सात लोग शामिल हैं। यह टीमें चार हाथियों जयमाला, चंपाकली, गंगाकली और डायना पर सवार होकर जंगल और खेतों में सर्च अभियान चला रही हैं। एक बख्तरबंद ट्रैक्टर भी इस कार्य में लगाया गया है। बुधवार को बाघिन की तलाश में ड्रोन कैमरों की भी मदद ली गई। पूरे क्षेत्र में ड्रोन को उड़ाया जा रहा है।
पकड़ा गया बाघ पूरी तरह स्वस्थ, सभी अंग सुरक्षित
माना जाता है कि बाघ आदमखोर तभी होते हैं जब वे शिकार करने में अक्षम हों। उनके दांत टूटे हों, शरीर का कोई अंग कमजोर हो, वृद्घ हो या अशक्त हो। दौड़ लगाने में असमर्थ हो। ऐसी स्थिति में बाघ आसान शिकार तलाशता है। बाघों के लिए इंसान से आसान शिकार कोई नहीं हो सकता। ऐसे हालात में बाघ आदमखोर हो जाता है। खैरटिया के पास पिंजरे में कैद हुए बाघ का परीक्षण करने पर पाया गया कि बाघ युवा है। उसके सभी दांत और पैर पूरी तरह सुरक्षित और पूरी तरह फिट हैं। इससे इस बाघ के आदमखोर होने की संभावनाएं न के बराबर हैं।
पिंजरे में कैद बाघ ने खाया मांस और पीया पानी
खैरटिया के पास पिंजरे में कैद किए गए बाघ को कर्तनियाघाट वन्यजीव विहार में रखा गया है। फिलहाल उसे वहीं पर कड़ी सुरक्षा में रखा जाएगा जब तक यह साबित नहीं हो जाता कि पकड़ा गया बाघ ही असली गुनहगार है। गुनाह साबित होने के बाद ही उसे लखनऊ चिड़ियाघर में भेजा जाएगा। निर्दोष साबित होने पर उसे फिर से जंगल में छोड़ा जा सकता है। कर्तनियाघाट में बाघ की विधिवत खातिरदारी हो रही है। उसे दोनों समय खाने के लिए मांस दिया जा रहा है। पीने के लिए पानी दिया गया।
बाघिन को तलाशने के लिए सर्च अभियान अभी जारी है। सर्च अभियान में चार टीमें लगाई गई हैं। इसके अलावा इस क्षेत्र के सभी बाघों का डाटा बेस तैयार किया जा रहा है ताकि बाघिन की सटीक पहचान की जा सके।

- संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
खैरटिया में बाघिन को पकड़ने के लिए बढ़ाए पिंजरे
तिकुनिया। खैरेटिया मंझरापूरब के जंगल में बाघिन को पिंजरे में कैद करने के लिए पूरी रात वन अधिकारियों की टीमें जंगल की खाक छानती रहीं। जंगल में लगाए गए करीब आधा दर्जन पिजरों मे तीन जगह मांस रखा गया, लेकिन चालाक बाघिन पिजरों के पास नहीं फटकी। इससे पहले अलग-अलग जगहों पर चार पिंजरे लगाए गए थे। वन विभाग अभी ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। खेतों में भी अकेले न जाने की हिदायत दी गई है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed