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आपातकाल के काले अध्याय को देश नहीं भूला : नितिन
Wed, 25 Jun 2025 11:59 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 25 Jun 2025 11:59 PM IST
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कार्यक्रम में मौजूद भाजपा कार्यकर्ता। संवाद
लखीमपुर खीरी। कांग्रेस की सरकार के दौरान देश में लगाए गए आपातकाल के 50वें वर्ष पर भाजपा ने जिला सहकारी बैंक के सभागार में सेमिनार का आयोजन किया। इस बीच आपातकाल की घटनाओं से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई गई। लगाए गए पोस्टर में घटनाओं को दर्शाया गया। कार्यक्रम में बताैर मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल मौजूद रहे। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश आपातकाल के काले अध्याय को कभी नहीं भूल सकता।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए देश को आपातकाल के काले अंधेरे में झोंक दिया था। उन्होंने कहा कि उस समय महंगाई चरम पर थी, भ्रष्टाचार फैला था। किसी को बोलने की आजादी नहीं थी। विपक्षी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों, सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों और यहां तक पत्रकारों की आजादी भी छीन ली गई थी। पीएम कार्यालय से अनुमति के बाद ही कोई खबर छपती थी। उनका कहना था कि उस समय अगर पुलिस किसी को गोली भी मार दे तो कोई विरोध नहीं कर सकता था।
उन्होंने बताया कि उस समय इंडिया इज इंदिरा, इंदिरा इज इंडिया का नारा पार्टी के लोगों ने दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी कांग्रेस पार्टी एक ही परिवार के पीछे चलती है, यही पार्टी की संस्कृति है। इमरजेंसी में गलत निर्णय देश के ऊपर थोपे गए, वह काला अध्याय देश भुला नहीं सकता।
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सेमिनार को क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजीव मिश्रा, जिलाध्यक्ष सुनील सिंह, विधायक योगेश वर्मा, मंजू त्यागी, लोकेंद्र प्रताप सिंह, रामजी दीक्षित समेत तमाम लोगों ने संबोधित किया।
अधिकारियों को जनता के प्रति रवैया ठीक रखना होगा
डीसीबी सभागार में आयोजित कार्यक्रम से पहले प्रभारी मंत्री ने प्रेसवार्ता आयोजित की। पत्रकार वार्ता के दौरान प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि जिले के जिन अधिकारियों का रवैया ठीक नहीं है उनसे जवाब तलब होगा, उन्हें अपना रवैया ठीक रखना होगा। पत्रकारों के कई सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि यह मामले उनके संज्ञान में नहीं है सभी मामलों को लेकर डीएम से वार्ता की जाएगी। जिले के तमाम मामलों को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब को प्रभारी मंत्री टालते नजर आए और मुस्कुराते हुए उठकर चले गए।
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प्रभारी मंत्री ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए देश को आपातकाल के काले अंधेरे में झोंक दिया था। उन्होंने कहा कि उस समय महंगाई चरम पर थी, भ्रष्टाचार फैला था। किसी को बोलने की आजादी नहीं थी। विपक्षी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों, सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों और यहां तक पत्रकारों की आजादी भी छीन ली गई थी। पीएम कार्यालय से अनुमति के बाद ही कोई खबर छपती थी। उनका कहना था कि उस समय अगर पुलिस किसी को गोली भी मार दे तो कोई विरोध नहीं कर सकता था।
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उन्होंने बताया कि उस समय इंडिया इज इंदिरा, इंदिरा इज इंडिया का नारा पार्टी के लोगों ने दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी कांग्रेस पार्टी एक ही परिवार के पीछे चलती है, यही पार्टी की संस्कृति है। इमरजेंसी में गलत निर्णय देश के ऊपर थोपे गए, वह काला अध्याय देश भुला नहीं सकता।
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सेमिनार को क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजीव मिश्रा, जिलाध्यक्ष सुनील सिंह, विधायक योगेश वर्मा, मंजू त्यागी, लोकेंद्र प्रताप सिंह, रामजी दीक्षित समेत तमाम लोगों ने संबोधित किया।
अधिकारियों को जनता के प्रति रवैया ठीक रखना होगा
डीसीबी सभागार में आयोजित कार्यक्रम से पहले प्रभारी मंत्री ने प्रेसवार्ता आयोजित की। पत्रकार वार्ता के दौरान प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि जिले के जिन अधिकारियों का रवैया ठीक नहीं है उनसे जवाब तलब होगा, उन्हें अपना रवैया ठीक रखना होगा। पत्रकारों के कई सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि यह मामले उनके संज्ञान में नहीं है सभी मामलों को लेकर डीएम से वार्ता की जाएगी। जिले के तमाम मामलों को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब को प्रभारी मंत्री टालते नजर आए और मुस्कुराते हुए उठकर चले गए।

कार्यक्रम में मौजूद भाजपा कार्यकर्ता। संवाद