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प्रशिक्षणार्थियों को दिए प्रमाणपत्र
संपूर्णानगर
Updated Wed, 27 May 2015 06:18 PM IST
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26वीं वाहिनी पीलीभीत एसएसबी के सिलाई और कंप्यूटर प्रशिक्षण शिविर का समापन हो गया, इसमें 26वीं वाहिनी के कमांडेंट जेपी राना ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र दिए। इसके अलावा बंधुत्व दिवस के मौके पर निकली साइकिल रैली के कमलापुरी पहुंचने पर प्रतिभागियों का स्वागत भी किया गया।
कमांडेंट ने कहा कि इंडो-नेपाल साइकिल रैली का मकसद नेपाल और भारत देशों के बीच भाईचारे को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि साइकिल रैली 24 मई को गौरीफंटा बार्डर से शुरू हुई थी जो अब दो सौ किलोमीटर सफर तय करके कमलापुरी पहुंची है। यह रैली इसके बाद 39वीं वाहिनी मुख्यालय के लिए रवाना होगी। उन्होंने ने कहा कि रास्ते खराब थे लेकिन प्रतिभागियों ने हिम्मत नहीं तोड़ी और सफर कर कमलापुरी पहुंचे। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर और सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बच्चे इसको आगे शेयर करें ताकि हर कोई आत्मनिर्भर बन सके। इस दौरान डॉ. प्रफुल्ल शंकर चंद और एसएसबी के जवानों समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
प्रशिक्षण में रिंकी अव्वल
प्रशिक्षण में छात्रा रिंकी यादव प्रथम, नरगिस खातून द्वितीय, अर्पिता सिंह तृतीय रहीं। इन्हें प्रमाण और प्रशस्ति पत्र सौंपे गए। इस मौके पर बसही के प्रभारी इंचार्ज राजेंद्र सिंह, संचालक एसएसबी के अभिषेक कुमार, कमलापुरी ग्राम प्रधान रवि प्रताप सिंह, कंप्यूटर ट्रेनर सुनील कुमार शर्मा, राजिक खान, सिलाई ट्रेनर लक्ष्मी शर्मा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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भारत-नेपाल बंधुत्व साइकिल रैली का स्वागत
गौरीफंटा से 24 मई को निकली भारत-नेपाल बंधुत्व साइकिल रैली बुधवार को 39वीं वाहिनी के गदनियां मुख्यालय पहुंची। जहां कमांडेंट ने प्रतिभागियों को गुलदस्ता देकर स्वागत किया।
भारत-नेपाल के रिश्तों को और प्रगाढ़ करने के लिए एसएसबी ने बंधुत्व साइकिल रैली का 24 मई को आयोजन किया था। इसमें नेपाल सुरक्षा बल के दस और भारत की ओर से दस एसएसबी जवानों ने हिस्सा लिया। इसके साथ ही इसमें पांच-पांच भारतीय और नेपाली नागरिक भी शामिल थे। रैली कमलापुरी से 39वीं वाहिनी के बरेली फार्म स्थित मुख्यालय पहुंची। जहां कमांडेंट एसडी शेरखाने ने उनका स्वगात किया। यहां रैली में शामिल प्रतिभागी विश्राम करेंगे। रैली का समापन 29 मई को गौरीफंटा में होगा।
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कमांडेंट ने कहा कि इंडो-नेपाल साइकिल रैली का मकसद नेपाल और भारत देशों के बीच भाईचारे को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि साइकिल रैली 24 मई को गौरीफंटा बार्डर से शुरू हुई थी जो अब दो सौ किलोमीटर सफर तय करके कमलापुरी पहुंची है। यह रैली इसके बाद 39वीं वाहिनी मुख्यालय के लिए रवाना होगी। उन्होंने ने कहा कि रास्ते खराब थे लेकिन प्रतिभागियों ने हिम्मत नहीं तोड़ी और सफर कर कमलापुरी पहुंचे। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर और सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बच्चे इसको आगे शेयर करें ताकि हर कोई आत्मनिर्भर बन सके। इस दौरान डॉ. प्रफुल्ल शंकर चंद और एसएसबी के जवानों समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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प्रशिक्षण में रिंकी अव्वल
प्रशिक्षण में छात्रा रिंकी यादव प्रथम, नरगिस खातून द्वितीय, अर्पिता सिंह तृतीय रहीं। इन्हें प्रमाण और प्रशस्ति पत्र सौंपे गए। इस मौके पर बसही के प्रभारी इंचार्ज राजेंद्र सिंह, संचालक एसएसबी के अभिषेक कुमार, कमलापुरी ग्राम प्रधान रवि प्रताप सिंह, कंप्यूटर ट्रेनर सुनील कुमार शर्मा, राजिक खान, सिलाई ट्रेनर लक्ष्मी शर्मा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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भारत-नेपाल बंधुत्व साइकिल रैली का स्वागत
गौरीफंटा से 24 मई को निकली भारत-नेपाल बंधुत्व साइकिल रैली बुधवार को 39वीं वाहिनी के गदनियां मुख्यालय पहुंची। जहां कमांडेंट ने प्रतिभागियों को गुलदस्ता देकर स्वागत किया।
भारत-नेपाल के रिश्तों को और प्रगाढ़ करने के लिए एसएसबी ने बंधुत्व साइकिल रैली का 24 मई को आयोजन किया था। इसमें नेपाल सुरक्षा बल के दस और भारत की ओर से दस एसएसबी जवानों ने हिस्सा लिया। इसके साथ ही इसमें पांच-पांच भारतीय और नेपाली नागरिक भी शामिल थे। रैली कमलापुरी से 39वीं वाहिनी के बरेली फार्म स्थित मुख्यालय पहुंची। जहां कमांडेंट एसडी शेरखाने ने उनका स्वगात किया। यहां रैली में शामिल प्रतिभागी विश्राम करेंगे। रैली का समापन 29 मई को गौरीफंटा में होगा।