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Lakhimpur Kheri News: कोल्हू की ठेकेदारी में ठगी का मामला फिर गरमाया
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सिंगाही। शीतलापुर गांव में कोल्हू की ठेकेदारी को लेकर चल रहे ठगी के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को किसानों ने कोल्हू से संबंधित सामान की बिक्री का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और विवादित सामान की बिक्री पर रोक लगा दी।
गांव के प्रेम सागर ने सिंगाही पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2022-23 में गांव के उमेश वर्मा ने अपने गुड़ के कोल्हू को रुड़की निवासी मुस्तकीम को एक लाख दस हजार रुपये में ठेके पर दिया था। ठेका अवधि में मुस्तकीम ने गांव के कई किसानों से गन्ना उधार खरीदा। बाद में गुड़ बेचने के बहाने गांव छोड़कर भाग गया।
जब किसानों ने बकाया भुगतान की मांग की तो उमेश वर्मा ने पहले भरोसा दिलाया, लेकिन बाद में विवाद करने लगे। उल्टा उन्होंने बद्री प्रसाद, नितीश कुमार, सरवन, टिंकू यादव, सेवाराम यादव, पवन कुमार वर्मा, लवकुश वर्मा और आशीष वर्मा के खिलाफ कोल्हू से जुड़ा सामान लूटने का मामला दर्ज करा दिया।
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इस बीच कोल्हू, गुड़, अल्टरनेटर और कबाड़ जैसे सामान को लेकर विवाद बना रहा। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद उमेश वर्मा ने दो साल बाद वही सामान एक कबाड़ी को बेच दिया। जब कबाड़ी सामान लेने पहुंचा तो किसानों ने विरोध जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
विवाद बढ़ने पर प्रेम सागर ने पुलिस को तहरीर दी। सूचना पर पहुंचे बीट दरोगा हीरालाल ने सामान की बिक्री रुकवा दी। सिंगाही एसओ अजीत कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। न्यायालय से यदि कोई आदेश प्राप्त होता है तो मौके की स्थिति की रिपोर्ट भेजी जाएगी। फिलहाल विवादित सामान की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
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गांव के प्रेम सागर ने सिंगाही पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2022-23 में गांव के उमेश वर्मा ने अपने गुड़ के कोल्हू को रुड़की निवासी मुस्तकीम को एक लाख दस हजार रुपये में ठेके पर दिया था। ठेका अवधि में मुस्तकीम ने गांव के कई किसानों से गन्ना उधार खरीदा। बाद में गुड़ बेचने के बहाने गांव छोड़कर भाग गया।
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जब किसानों ने बकाया भुगतान की मांग की तो उमेश वर्मा ने पहले भरोसा दिलाया, लेकिन बाद में विवाद करने लगे। उल्टा उन्होंने बद्री प्रसाद, नितीश कुमार, सरवन, टिंकू यादव, सेवाराम यादव, पवन कुमार वर्मा, लवकुश वर्मा और आशीष वर्मा के खिलाफ कोल्हू से जुड़ा सामान लूटने का मामला दर्ज करा दिया।
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इस बीच कोल्हू, गुड़, अल्टरनेटर और कबाड़ जैसे सामान को लेकर विवाद बना रहा। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद उमेश वर्मा ने दो साल बाद वही सामान एक कबाड़ी को बेच दिया। जब कबाड़ी सामान लेने पहुंचा तो किसानों ने विरोध जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
विवाद बढ़ने पर प्रेम सागर ने पुलिस को तहरीर दी। सूचना पर पहुंचे बीट दरोगा हीरालाल ने सामान की बिक्री रुकवा दी। सिंगाही एसओ अजीत कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। न्यायालय से यदि कोई आदेश प्राप्त होता है तो मौके की स्थिति की रिपोर्ट भेजी जाएगी। फिलहाल विवादित सामान की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।