{"_id":"6ac68aac317029876a066637","slug":"the-applause-for-the-poets-creations-continued-till-late-night-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1009-186964-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: कवियों की रचनाओं पर देर रात तक गूंजती रहीं तालियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: कवियों की रचनाओं पर देर रात तक गूंजती रहीं तालियां
Wed, 07 Oct 2026 11:38 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 07 Oct 2026 11:38 PM IST
विज्ञापन
कवि सम्मेलन में मौजूद लोगों की भीड़। संवाद
लखीमपुर खीरी। शहीद नसीरुद्दीन मेमोरियल मैदान में मंगलवार रात आयोजित कवि सम्मेलन में देश और प्रदेश के नामचीन कवियों ने अपनी रचनाओं से देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा। मंच पर शेरो-शायरी, हास्य-व्यंग्य और ओजपूर्ण रचनाओं की ऐसी महफिल सजी कि पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
कवि योगेंद्र योगी, कविता तिवारी, डॉ. सर्वेश अस्थाना, मोहित शौर्य, कल्पना शुक्ला, शबीना अदीब, स्वयं श्रीवास्तव, जानी बैरागी, शशि श्रेया, आशीष अनल, मुमताज नसीम, शबा बलरामपुरी, नवल सुधांशु और हेमंत पांडे ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुतियों पर श्रोता ठहाके लगाते रहे, जबकि शायरों के कलाम पर देर तक तालियां बजती रहीं।
शबीना अदीब ने पढ़ा बेटियां घर की रौनक ही नहीं, आने वाले कल की पहचान भी हैं। डॉ. सर्वेश अस्थाना के हास्य-व्यंग्य में कहा कि हंसते रहिए, क्योंकि जिंदगी के सफर में मुस्कान ही सबसे खूबसूरत साथी है। जानी बैरागी की ओजपूर्ण प्रस्तुति ने खासा प्रभाव छोड़ा। शबा बलरामपुरी और मुमताज नसीम के कलाम पर भी श्रोताओं ने खूब दाद दी।
विज्ञापन
कविता तिवारी की प्रस्तुति ने भी माहौल को काव्यमय बना दिया। कवि सम्मेलन देर रात तक चलता रहा। इस दौरान आयोजक मोहन बाजपेई, मयंक शकुन अवस्थी, ज्ञानू महाराज, दीपक पुरी, दीपक बाजपेई, अनुराग पटेल, मुमताज मियां, अनस रशीद, ज्ञान प्रकाश शुक्ला, ब्रजेश मिश्रा, आचार्य प्रमोद, आचार्य पंकज कृष्ण शास्त्री समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
कवि योगेंद्र योगी, कविता तिवारी, डॉ. सर्वेश अस्थाना, मोहित शौर्य, कल्पना शुक्ला, शबीना अदीब, स्वयं श्रीवास्तव, जानी बैरागी, शशि श्रेया, आशीष अनल, मुमताज नसीम, शबा बलरामपुरी, नवल सुधांशु और हेमंत पांडे ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुतियों पर श्रोता ठहाके लगाते रहे, जबकि शायरों के कलाम पर देर तक तालियां बजती रहीं।
विज्ञापन
शबीना अदीब ने पढ़ा बेटियां घर की रौनक ही नहीं, आने वाले कल की पहचान भी हैं। डॉ. सर्वेश अस्थाना के हास्य-व्यंग्य में कहा कि हंसते रहिए, क्योंकि जिंदगी के सफर में मुस्कान ही सबसे खूबसूरत साथी है। जानी बैरागी की ओजपूर्ण प्रस्तुति ने खासा प्रभाव छोड़ा। शबा बलरामपुरी और मुमताज नसीम के कलाम पर भी श्रोताओं ने खूब दाद दी।
विज्ञापन
कविता तिवारी की प्रस्तुति ने भी माहौल को काव्यमय बना दिया। कवि सम्मेलन देर रात तक चलता रहा। इस दौरान आयोजक मोहन बाजपेई, मयंक शकुन अवस्थी, ज्ञानू महाराज, दीपक पुरी, दीपक बाजपेई, अनुराग पटेल, मुमताज मियां, अनस रशीद, ज्ञान प्रकाश शुक्ला, ब्रजेश मिश्रा, आचार्य प्रमोद, आचार्य पंकज कृष्ण शास्त्री समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

कवि सम्मेलन में मौजूद लोगों की भीड़। संवाद