फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Than half of country liquor Renewal was less shops

देसी शराब की आधे से भी  कम दुकानें हुई रिन्यूवल

Fri, 09 Dec 2016 10:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। Updated Fri, 09 Dec 2016 10:40 PM IST
विज्ञापन
Than half of country liquor Renewal was less shops
wine - फोटो : अमर उजाला
264 दुकानों के सापेक्ष 122 फार्म बिके
विज्ञापन

छूटी दुकानों के लिए 16 को निकालेंगे लाटरी

 शराब की दुकानों के व्यवस्थापन की प्रक्रिया का पहला चरण पूरा हो गया है, जिसमें 50 फीसदी देसी शराब दुकानों का रिन्यूवल नहीं हो सका है। बीयर दुकानों के लगभग सभी फार्म बिक गए हैं, लेकिन अंग्रेजी शराब की 98 दुकानों के सापेक्ष 71 दुकानें रिन्यूवल हुई हैं। छूटी हुई शराब दुकानों का व्यवस्थापन 16 दिसंबर को लाटरी निकालकर किया जाएगा। 

बता दें कि जिले में 264 देसी शराब, 98 अंग्रेजी, 68 बीयर दुकानें और दो मॉडल शाप संचालित हैं। वित्तीय वर्ष 2016-17 में सरकार ने जिले से 149 करोड़ 35 लाख रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा है, जिसके सापेक्ष नवंबर 2016 तक 73 करोड़ 73 लाख रुपये राजस्व वसूली हो चुकी है। विधानसभा चुनाव के चलते शासन ने इस बार दिसंबर में ही शराब दुकानों के रिन्यूवल का फैसला लिया है। नौ दिसंबर तक दुकानों का रिन्यूवल फार्म जमा होना था। जिला आबकारी अधिकारी अतुल प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि देसी शराब की 122, अंग्रेजी शराब की 71 और बीयर की 65 दुकानों के रिन्यूवल फार्म बिके हैं। जबकि दो मॉडल शाप भी रिन्यूवल हो गई हैं। उन्होंने बताया कि देसी शराब की दुकानें छूटने का पहले से ही अनुमान था, लेकिन इतनी संख्या में नहीं। अब इन छूटी दुकानों का व्यवस्थापन करने के लिए लाटरी सिस्टम अपनाया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed