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बर्फीली हवाओं के कहर से बेहाल रहा तराई
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लखीमपुर खीरी। बादलों के कारण शुक्रवार को भी धूप नहीं निकली। दिन भर चली बर्फीली हवा के कारण लोग बेहाल रहे। सबसे ज्यादा परेशानी बीमारों और बुजुर्गों को हुई। दिन भर धूप न निकलने से शीतलहर का प्रकोप कुछ ज्यादा ही रहा। रात में तापमान और गिर गया।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 19.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह से घना कोहरा छाया रहा। सुबह करीब 11 बजे कोहरा तो छंट गया, लेकिन बादलों के कारण सूरज के दर्शन नहीं हुए। दिन भर लोग धूप की आस में आसमान की ओर ताकते रहे, लेकिन धूप के दर्शन नहीं हुए। यहां बता दें कि पिछले तीन दिनों से धूप न निकलने से लोग परेशान हो उठे हैं। धूप न निकलने और तेज गति से हवा चलने के कारण शीतलहर का प्रकोप ज्यादा सता रहा है। शाम होते ही लोग घरों में दुबक गए। इसके चलते शाम ढलने से पहले ही सड़कों पर सन्नाटा छा गया। बाजार में भी भीड़भाड़ कम रही। धूप न निकलने से बीमारों और बुजुर्गों को काफी दिक्कत हो रही है। खानाबदोश जिंदगी जीने वाले बेसहारा लोगों और बाहर से काम की तलाश में शहर आने वाले लोगों को यहां काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। शहर में पर्याप्त संख्या में अलाव न जलने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।
साप्ताहिक बाजार में रहा सन्नाटा
अमीरनगर। सुबह में चीनी मिल को गन्ना लेकर जाने वाले किसानों को कोहरे के चलते वाहनों की लाइटें जलाकर जाना पड़ा। वहीं ठंड के बदलते तेवर से बच्चे और उम्रदराज लोग घरों में ही दुबके रहे, जो लोग काम के लिए बाहर निकले भी उन्हें अधिक गर्म कपड़े पहन कर निकलना पड़ा। ठंड के चलते कस्बे की साप्ताहिक बाजार में भी सन्नाटा रहा।
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शुक्रवार को अधिकतम तापमान 19.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह से घना कोहरा छाया रहा। सुबह करीब 11 बजे कोहरा तो छंट गया, लेकिन बादलों के कारण सूरज के दर्शन नहीं हुए। दिन भर लोग धूप की आस में आसमान की ओर ताकते रहे, लेकिन धूप के दर्शन नहीं हुए। यहां बता दें कि पिछले तीन दिनों से धूप न निकलने से लोग परेशान हो उठे हैं। धूप न निकलने और तेज गति से हवा चलने के कारण शीतलहर का प्रकोप ज्यादा सता रहा है। शाम होते ही लोग घरों में दुबक गए। इसके चलते शाम ढलने से पहले ही सड़कों पर सन्नाटा छा गया। बाजार में भी भीड़भाड़ कम रही। धूप न निकलने से बीमारों और बुजुर्गों को काफी दिक्कत हो रही है। खानाबदोश जिंदगी जीने वाले बेसहारा लोगों और बाहर से काम की तलाश में शहर आने वाले लोगों को यहां काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। शहर में पर्याप्त संख्या में अलाव न जलने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।
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साप्ताहिक बाजार में रहा सन्नाटा
अमीरनगर। सुबह में चीनी मिल को गन्ना लेकर जाने वाले किसानों को कोहरे के चलते वाहनों की लाइटें जलाकर जाना पड़ा। वहीं ठंड के बदलते तेवर से बच्चे और उम्रदराज लोग घरों में ही दुबके रहे, जो लोग काम के लिए बाहर निकले भी उन्हें अधिक गर्म कपड़े पहन कर निकलना पड़ा। ठंड के चलते कस्बे की साप्ताहिक बाजार में भी सन्नाटा रहा।
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