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फिर उठी टीस...छलक पड़े आंसू, भर आया गला
सार
लीड03 एलकेएच 33,34,35, फिर उठी टीस...छलक पड़े आंसू, भर आया गलापीड़ित एक सुर में बोले- बर्खास्त हों मंत्री टेनी, आरोपियों को हो फांसी संवाद न्यूज एजेंसीनिघासन।बहराइच निवासी मृतक किसान दलजीत सिंह की पत्नी जब गुरुद्वारा पहुंचीं तो उनकी आंखों में आंसू थे।एक साल में सरकार ने नहीं दी कोई सहायतानिघासन।
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मृतक नक्षत्र की पत्नी जसवंत कौर।
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विस्तार
पीड़ित एक सुर में बोले- बर्खास्त हों मंत्री टेनी, आरोपियों को हो फांसी
निघासन। कौड़ियाला गुरुद्वारे में एक साल बाद फिर माहौल गमगीन हो गया। तिकुनिया हिंसा के शिकार मृत किसानों और पत्रकार की फोटो पर चढ़ते फूल ने उस दर्दनाक मंजर को ताजा कर दिया, जिसमें किसी ने अपना पति खोया तो किसी ने अपना बेटा। पीड़ित परिजनों को मुंह से बोल नहीं निकले। सिर्फ आंसुओं की धार दुखभरी दास्तां कहती रहीं...।
बहराइच निवासी मृतक किसान दलजीत सिंह की पत्नी जब गुरुद्वारा पहुंचीं तो उनकी आंखों में आंसू थे। लोगों ने उनसे बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने किसी से बात नहीं की। श्रद्धांजलि देते वक्त वह फफक कर रो पड़ीं, जिससे वहां पर मौजूद लोगों की आंखें भी डबडबा आईं। अंतिम अरदास के बाद उन्होंने मौन तोड़ा और कहा कि आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए और पीएम मोदी टेनी को मंत्री पद से बर्खास्त नहीं करेंगे तब तक किसानों की आत्मा को शांति नहीं पहुंचेगी।
एक वक्त ऐसा आया जब गुरुद्वारे के हाल में सन्नाटा छा गया। शायद ही कोई ऐसा रहा हो, जिसकी आंखों से आंसू न छलके हों। कई परिजन ऐसे रहे, जिनसे मीडियाकर्मियों ने बात करने की कोशिश की लेकिन वे बोलने से पहले रोने लगते।
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पिछले साल तीन अक्तूबर को हुई हिंसा में पत्रकार रमन कश्यप समेत चार किसान धौरहरा के नक्षत्र सिंह, पलिया के लवप्रीत सिंह, बहराइच के गुरविंदर सिंह व दलजीत सिंह मारे गए थे, जबकि भाजपा कार्यकर्ता श्याम सुंदर निवासी सिंगाही, थार चालक हरिओम निवासी फरधान, शुभम मिश्रा निवासी लखीमपुर की मौत हुई थी।
एक साल में सरकार ने नहीं दी कोई सहायता
निघासन। बहराइच के मृतक किसान गुरविंदर सिंह के पिता सुखविंदर सिंह और धौरहरा निवासी मृतक किसान नक्षत्र सिंह की पत्नी जसवंत कौर व पत्रकार रमन कश्यप के पिता रामदुलारे ने राकेश टिकैत से मिलकर एक सुर में मंत्री टेनी की बर्खास्तगी व आरोपियों को फांसी की मांग की।
मृतक नक्षत्र की पत्नी जसवंत कौर और पत्रकार रमन के भाई पवन ने बताया कि सरकार ने उनकी कोई सहायता नहीं की। 45 लाख रुपये मिले थे, उसके बाद कुछ नहीं दिया। सरकार से परिवार के एक लोगों को नौकरी, थार गाड़ी मालिक के खिलाफ रिपोर्ट आदि मांग थी। इसके अलावा टेनी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने, पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने, घायलों को मुआवजा देने के अलावा जेल में बंद किसानों पर हत्या की धारा ना लगाने और उनको रिहा करने की मांग शामिल थी लेकिन एक भी मांग नहीं पूरी हुई। इस दौरान क्षेत्रीय किसान गुरबाज सिंह, जसपाल सिंह पल्ला, परमजीत सिंह, गुरमीत सिंह रंधावा, सिमरनजीत सिंह आदि ने क्षेत्र में आ रही बाढ़, गन्ने का भुगतान न होना, पानी, बिजली आदि का मुद्दा उठाया। इस पर राकेश टिकैत ने निघासन में विकास को लेकर आंदोलन करने की भी बात कही। संवाद
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निघासन। कौड़ियाला गुरुद्वारे में एक साल बाद फिर माहौल गमगीन हो गया। तिकुनिया हिंसा के शिकार मृत किसानों और पत्रकार की फोटो पर चढ़ते फूल ने उस दर्दनाक मंजर को ताजा कर दिया, जिसमें किसी ने अपना पति खोया तो किसी ने अपना बेटा। पीड़ित परिजनों को मुंह से बोल नहीं निकले। सिर्फ आंसुओं की धार दुखभरी दास्तां कहती रहीं...।
बहराइच निवासी मृतक किसान दलजीत सिंह की पत्नी जब गुरुद्वारा पहुंचीं तो उनकी आंखों में आंसू थे। लोगों ने उनसे बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने किसी से बात नहीं की। श्रद्धांजलि देते वक्त वह फफक कर रो पड़ीं, जिससे वहां पर मौजूद लोगों की आंखें भी डबडबा आईं। अंतिम अरदास के बाद उन्होंने मौन तोड़ा और कहा कि आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए और पीएम मोदी टेनी को मंत्री पद से बर्खास्त नहीं करेंगे तब तक किसानों की आत्मा को शांति नहीं पहुंचेगी।
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एक वक्त ऐसा आया जब गुरुद्वारे के हाल में सन्नाटा छा गया। शायद ही कोई ऐसा रहा हो, जिसकी आंखों से आंसू न छलके हों। कई परिजन ऐसे रहे, जिनसे मीडियाकर्मियों ने बात करने की कोशिश की लेकिन वे बोलने से पहले रोने लगते।
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पिछले साल तीन अक्तूबर को हुई हिंसा में पत्रकार रमन कश्यप समेत चार किसान धौरहरा के नक्षत्र सिंह, पलिया के लवप्रीत सिंह, बहराइच के गुरविंदर सिंह व दलजीत सिंह मारे गए थे, जबकि भाजपा कार्यकर्ता श्याम सुंदर निवासी सिंगाही, थार चालक हरिओम निवासी फरधान, शुभम मिश्रा निवासी लखीमपुर की मौत हुई थी।
एक साल में सरकार ने नहीं दी कोई सहायता
निघासन। बहराइच के मृतक किसान गुरविंदर सिंह के पिता सुखविंदर सिंह और धौरहरा निवासी मृतक किसान नक्षत्र सिंह की पत्नी जसवंत कौर व पत्रकार रमन कश्यप के पिता रामदुलारे ने राकेश टिकैत से मिलकर एक सुर में मंत्री टेनी की बर्खास्तगी व आरोपियों को फांसी की मांग की।
मृतक नक्षत्र की पत्नी जसवंत कौर और पत्रकार रमन के भाई पवन ने बताया कि सरकार ने उनकी कोई सहायता नहीं की। 45 लाख रुपये मिले थे, उसके बाद कुछ नहीं दिया। सरकार से परिवार के एक लोगों को नौकरी, थार गाड़ी मालिक के खिलाफ रिपोर्ट आदि मांग थी। इसके अलावा टेनी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने, पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने, घायलों को मुआवजा देने के अलावा जेल में बंद किसानों पर हत्या की धारा ना लगाने और उनको रिहा करने की मांग शामिल थी लेकिन एक भी मांग नहीं पूरी हुई। इस दौरान क्षेत्रीय किसान गुरबाज सिंह, जसपाल सिंह पल्ला, परमजीत सिंह, गुरमीत सिंह रंधावा, सिमरनजीत सिंह आदि ने क्षेत्र में आ रही बाढ़, गन्ने का भुगतान न होना, पानी, बिजली आदि का मुद्दा उठाया। इस पर राकेश टिकैत ने निघासन में विकास को लेकर आंदोलन करने की भी बात कही। संवाद