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Lakhimpur Kheri News: 2091 टीमें चलाएंगी फाइलेरिया से बचाव का अभियान, घर-घर जाकर खिलाएंगी दवा

Fri, 09 Aug 2024 12:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 09 Aug 2024 12:56 AM IST
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Teams will go door to door, medicine will be given to 47 lakh people
लखीमपुर खीरी। खतरनाक बीमारी फाइलेरिया से बचाव और जागरूकता के लिए 10 अगस्त से दो सितंंबर तक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया जाएगा। सोमवार, मंगलवार, बृस्पतिवार, शुक्रवार को एक वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों व महिला-पुरुषों को आशा एवं फ्रंटलाइन वर्कर्स घर-घर जाकर फाइलेरिया की दवा खिलाएंगे।
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बृहस्पतिवार को सीएमओ कार्यालय में मीडिया कार्यशाला में सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाला संक्रामक रोग है। इसे हाथी पांव/एलीफैंटेसियासिस के नाम से भी जाना जाता है। पैरों में सूजन, हाथ में सूजन, पुरुषों में हाइड्रोसील व महिलाओं के स्तनों में सूजन फाइलेरिया के लक्षण हैं।
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पिछले वर्ष 2890 रोगी जनपद में पाए थे। सीएमओ ने कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार में सहयोग की अपील की। जनपद के 10 ब्लॉकों नकहा, बेहजम, फरधान, फूलबेहड़, रमियाबेहड़, पलिया, कुंभी (गोला) एवं धौरहरा में घर-घर जाकर टीमें लोगों को दवा खिलाएंगी। शेष ब्लॉकों में सीएचसी पर बूथ लगाकर दवा का सेवन कराया जाएगा। नगरीय क्षेत्र में छह टीमें सार्वजनिक स्थानों पर बूथ लगाकर दवा का सेवन कराएंगी।
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प्रत्येक घर में 10 दिनों के भीतर दो सदस्यीय 2091 टीमें भ्रमण करेंगी। 603 पर्यवेक्षक निगरानी करेंगे। मीडिया कार्यशाला में सीएमएस डॉ. आरके कोली, एसीएमओ डॉ. एसपी मिश्रा, एसीएमओ डॉ. अनिल गुप्ता, डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रमोद वर्मा, डीएमओ हरिशंकर वर्मा, अमरीश आदि मौजूद रहे।

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लक्षण
सीएमओ ने बताया कि जिन व्यक्तियों में फाइलेरिया के परजीवी होते हैं, उन व्यक्तियों में दवा के सेवन के बाद चक्कर आना, जी मिचलाना, उल्टी आना या हल्का बुखार आदि लक्षण आ सकते हैं, जो कि एक से दो घंटे में सामान्यता समाप्त हो जाते हैं। गंभीर समस्या के समाधान के लिए ब्लॉक व जनपद स्तर पर रैपिड रेस्पॉंस टीम का गठन किया गया है। डीईसी की गोली खाली पेट नहीं खानी है और अल्बेंडाजोल की गोली चबाकर खानी होती है।
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