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नेपाली हाथियों का दल पीलीभीत से फिर दुधवा टाइगर रिजर्व में लौटा
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दो माह पहले 16 जुलाई को नेपाल के शुक्ला फांटा से निकलकर आया था हाथियों का दल
सोमवार रात हाथियों ने खेतों में जमकर मचाया उत्पात, धान और गन्ने की फसल रौंदी
बांकेगंज। करीब दो माह पहले नेपाल के शुक्ला फांटा वन्यजीव विहार से निकला हाथियों का दल पीलीभीत टाइगर रिजर्व से लौटकर किशनपुर सेंक्चुरी होते हुए एक बार फिर दुधवा टाइगर बफरजोन की मैलानी रेंज आ गए हैं। सोमवार की रात इन हाथियों ने मैलानी रेंज की गढ़ा बीट और इससे सटी खुटार रेंज के खेतों में जमकर उत्पात मचाया। कई एकड़ धान और गन्ने की फसल रौंदकर बर्बाद कर दी। फिलहाल इन हाथियों की लोकेशन भीरा रेंज की महराजनगर बीट में मिली है। इस दल में 15 से 20 हाथियों के होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
दो माह पहले 16 जुलाई को नेपाल के शुक्ला फांटा से निकला नेपाली हाथियों का एक दल शारदा नदी पार कर धनाराघाट होते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की संपूर्णानगर रेंज और फिर पीटीआर के हरीपुर रेंज होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी आ गया थे। इन हाथियों ने किशनपुर सेंक्चुरी की मड़हा बीट से लेकर मैलानी रेंज की सुल्तानपुर, गढ़ा, जटपुरा, भीरा रेंज की पल्हनापुर बीट होते हुए दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मोहम्मदी और गोला रेंज तक भ्रमण करते हुए किसानों की फसलों को जमकर नुकसान पहुंचाया था।
कई दिन किशनपुर सेंक्चुरी की मड़हा, बफरजोन की मैलानी और भीरा रेंज की महराज नगर बीट से होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी के रास्ते से ये फिर पीटीआर की हरीपुर रेंज जंगल में घुस गए थे और डेढ़ महीने पीटीआर के जंगल में प्रवास करने के बाद बराही होते हुए हरीपुर रेंज में एक रात रुकने के बाद फिर भीरा रेंज की महराज नगर बीट होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी के रास्ते से बफरजोन की मैलानी रेंज के गढ़ा बीट में पहुंच गए। जहां इन हाथियों ने सुल्तानपुर बीट जंगल से सटी खुटार रेंज के गढ़ा कलां गांव के किसान जीता, रमन, सतनाम सिंह आदि की खेतों में खड़ी धन और गन्ने की फसल को रौंद डाला।
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ग्रामीणों की सूचना पर रात में ही बफरजोन एसडीओ दिलीप श्रीवास्तव, रेंजर मैलानी केपी सिंह, डिप्टी रेंजर एसपी त्रिपाठी वन कर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और गोले-पटाखे दागकर हाथियों को बमुश्किल वहां से खदेड़ा। गणेशोत्सव के दौरान हाथियों का दल जिले में आने को ग्रामीण काफी शुभ मान रहे हैं, लेकिन हाथियों के उत्पात और फसलों के नुकसान को लेकर उनकी चिंताएं भी बढ़ गईं हैं। उधर, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने हाथियों के किशनपुर सेंक्चुरी में प्रवेश करते ही वन कर्मियों की टीमें लगाकर निगरानी शुरू कर दी है। इन टीमों को हर समय अलर्ट रहने को कहा गया है।
दो महीने पहले नेपाल से निकला हाथियों का दल पीटीआर से होकर फिर दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी के रास्ते होते हुए बफरजोन की मैलानी रेंज की सुल्तानपुर बीट आ पहुंचा है। हाथियों की निगरानी के लिए टीमें लगा दी गई हैं। फिलहाल इनकी लोकेशन महराज नगर बीट और इससे सटी किशनपुर सेंक्चुरी सीमा पर मिली है।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, डीडी, डीटीआर, बफरजोन
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सोमवार रात हाथियों ने खेतों में जमकर मचाया उत्पात, धान और गन्ने की फसल रौंदी
बांकेगंज। करीब दो माह पहले नेपाल के शुक्ला फांटा वन्यजीव विहार से निकला हाथियों का दल पीलीभीत टाइगर रिजर्व से लौटकर किशनपुर सेंक्चुरी होते हुए एक बार फिर दुधवा टाइगर बफरजोन की मैलानी रेंज आ गए हैं। सोमवार की रात इन हाथियों ने मैलानी रेंज की गढ़ा बीट और इससे सटी खुटार रेंज के खेतों में जमकर उत्पात मचाया। कई एकड़ धान और गन्ने की फसल रौंदकर बर्बाद कर दी। फिलहाल इन हाथियों की लोकेशन भीरा रेंज की महराजनगर बीट में मिली है। इस दल में 15 से 20 हाथियों के होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
दो माह पहले 16 जुलाई को नेपाल के शुक्ला फांटा से निकला नेपाली हाथियों का एक दल शारदा नदी पार कर धनाराघाट होते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की संपूर्णानगर रेंज और फिर पीटीआर के हरीपुर रेंज होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी आ गया थे। इन हाथियों ने किशनपुर सेंक्चुरी की मड़हा बीट से लेकर मैलानी रेंज की सुल्तानपुर, गढ़ा, जटपुरा, भीरा रेंज की पल्हनापुर बीट होते हुए दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मोहम्मदी और गोला रेंज तक भ्रमण करते हुए किसानों की फसलों को जमकर नुकसान पहुंचाया था।
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कई दिन किशनपुर सेंक्चुरी की मड़हा, बफरजोन की मैलानी और भीरा रेंज की महराज नगर बीट से होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी के रास्ते से ये फिर पीटीआर की हरीपुर रेंज जंगल में घुस गए थे और डेढ़ महीने पीटीआर के जंगल में प्रवास करने के बाद बराही होते हुए हरीपुर रेंज में एक रात रुकने के बाद फिर भीरा रेंज की महराज नगर बीट होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी के रास्ते से बफरजोन की मैलानी रेंज के गढ़ा बीट में पहुंच गए। जहां इन हाथियों ने सुल्तानपुर बीट जंगल से सटी खुटार रेंज के गढ़ा कलां गांव के किसान जीता, रमन, सतनाम सिंह आदि की खेतों में खड़ी धन और गन्ने की फसल को रौंद डाला।
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ग्रामीणों की सूचना पर रात में ही बफरजोन एसडीओ दिलीप श्रीवास्तव, रेंजर मैलानी केपी सिंह, डिप्टी रेंजर एसपी त्रिपाठी वन कर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और गोले-पटाखे दागकर हाथियों को बमुश्किल वहां से खदेड़ा। गणेशोत्सव के दौरान हाथियों का दल जिले में आने को ग्रामीण काफी शुभ मान रहे हैं, लेकिन हाथियों के उत्पात और फसलों के नुकसान को लेकर उनकी चिंताएं भी बढ़ गईं हैं। उधर, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने हाथियों के किशनपुर सेंक्चुरी में प्रवेश करते ही वन कर्मियों की टीमें लगाकर निगरानी शुरू कर दी है। इन टीमों को हर समय अलर्ट रहने को कहा गया है।
दो महीने पहले नेपाल से निकला हाथियों का दल पीटीआर से होकर फिर दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी के रास्ते होते हुए बफरजोन की मैलानी रेंज की सुल्तानपुर बीट आ पहुंचा है। हाथियों की निगरानी के लिए टीमें लगा दी गई हैं। फिलहाल इनकी लोकेशन महराज नगर बीट और इससे सटी किशनपुर सेंक्चुरी सीमा पर मिली है।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, डीडी, डीटीआर, बफरजोन