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Lakhimpur Kheri News: शिक्षकों की मेहनत रंग लाई, प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश को मिलेगा राज्य शिक्षक पुरस्कार
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लखीमपुर खीरी। रमियाबेहड़ ब्लॉक के उच्च प्राथमिक स्कूल दुलही के प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश का नाम राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन किया गया है। ओमप्रकाश व उनकी टीम ने विद्यालय की सूरत ही बदल दी। इस विद्यालय में सुविधाएं किसी निजी विद्यालय से कम नहीं हैं। चाहे वह पढ़ाई के मामले में हो या तकनीकी ज्ञान।
प्रधानाध्यापक बताते हैं कि यूपीएस दुलही का बदलता परिवेश, कंपोजिट ग्रांट के बेहतर प्रयोग, समुदाय व ग्राम पंचायत का सहयोग प्राप्त कर विद्यालय में विभाग से निर्धारित सभी 19 पैरामीटर पूरे है। सभी कक्षाकक्षों टायल व पंखे लगे हैं। मॉडल शौचालयों का निर्माण है। दो अतिरिक्त शौचालय भी बने हैं। दिव्यांग बच्चों के लिए शौचालय निर्मित है। सभी में रनिंग वाटर की व्यवस्था है। सभी बच्चों के लिए फर्नीचर की उपलब्धता है। विद्यालय में गठित बाल संसद, अटेंडेंस स्क्वायड, मीना मंच से भी नामांकन बढ़ाने, बच्चों का ठहराव सुनिश्चित करने के लिए काम किया गया है।
कहा कि विद्यालय का बढ़ता नामांकन भी बडी वजह है। 2018-19 में जहां छात्र नामांकन 591, 2019-20 में 617, 2020-21 में 653, 2021-22 में 716 था तो वर्तमान सत्र 2022-23 में छात्र नामांकन बढ़कर 904 हो गया। छात्र नामांकन के सापेक्ष जहां छात्र उपस्थिति मात्र 45-50 फीसदी रहती थी, समग्र प्रयासों से उपस्थिति 75 फीसदी के आसपास पहुंच चुकी है। विद्यालय में कई नवाचार क्रियान्वित हैं, जिसमें बच्चों को स्टार ऑफ द मंथ चुना जाता है।
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प्रधानाध्यापक बताते हैं कि यूपीएस दुलही का बदलता परिवेश, कंपोजिट ग्रांट के बेहतर प्रयोग, समुदाय व ग्राम पंचायत का सहयोग प्राप्त कर विद्यालय में विभाग से निर्धारित सभी 19 पैरामीटर पूरे है। सभी कक्षाकक्षों टायल व पंखे लगे हैं। मॉडल शौचालयों का निर्माण है। दो अतिरिक्त शौचालय भी बने हैं। दिव्यांग बच्चों के लिए शौचालय निर्मित है। सभी में रनिंग वाटर की व्यवस्था है। सभी बच्चों के लिए फर्नीचर की उपलब्धता है। विद्यालय में गठित बाल संसद, अटेंडेंस स्क्वायड, मीना मंच से भी नामांकन बढ़ाने, बच्चों का ठहराव सुनिश्चित करने के लिए काम किया गया है।
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कहा कि विद्यालय का बढ़ता नामांकन भी बडी वजह है। 2018-19 में जहां छात्र नामांकन 591, 2019-20 में 617, 2020-21 में 653, 2021-22 में 716 था तो वर्तमान सत्र 2022-23 में छात्र नामांकन बढ़कर 904 हो गया। छात्र नामांकन के सापेक्ष जहां छात्र उपस्थिति मात्र 45-50 फीसदी रहती थी, समग्र प्रयासों से उपस्थिति 75 फीसदी के आसपास पहुंच चुकी है। विद्यालय में कई नवाचार क्रियान्वित हैं, जिसमें बच्चों को स्टार ऑफ द मंथ चुना जाता है।
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