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झोंपड़ी से लेकर मलिन बस्तियों में तलाशे जाएंगे टीबी रोगी
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टीबी खोजी अभियान का प्रशिक्षण देते एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता।
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जिले में आज से शुरू होगा सात दिवसीय अभियान
टीबी अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण
लखीमपुर खीरी। जिले में अगले सात दिनों तक झुग्गी, झोंपडी से लेकर मलिन एवं थारू जनजाति बस्ती में लक्षण के आधार पर स्वास्थ्य कर्मी टीबी रोगियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करेंगे। इसके लिये मंगलवार को टीबी अस्पताल सभागार में कार्यशाला आयोजित कर स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया।
जिला क्षयरोग अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि 2025 तक देश को टीबी से मुक्त करने का लक्ष्य है। इसके लिए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान शुरू हो रहा है, जो 09 से 16 मार्च तक चलेगा। इसके लिए 312 टीमें बनाई गई हैं। निगरानी के लिए 63 सुपरवाइजर सहित तीन जिला समन्वयक बनाए गए हैं।
सात दिवसीय अभियान में करीब 20 प्रतिशत आबादी का परीक्षण होगा। उन्होंने बताया टीमें मलिन बस्ती, झुग्गी-झोंपड़ी, अधिक प्रदूषण एवं घनी आबादी वाले क्षेत्र सहित थारू जनजाति क्षेत्र, जिसमें चंदन चौकी, पलिया, निघासन आदि में जाकर टीबी मरीज एवं लक्षण के आधार पर टीबी रोगियों की तलाश करेगी। इस दौरान मिलने वाले संभावित रोगियों की ट्रू नॉट एवं सीबी नॉट से जांच कराई जाएगी। इसमें टीबी रोगी मिलने पर इलाज कराया जाएगा।
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एसीएमओ ने बताया कि इसके लिए मंगलवार को अस्पताल में पैरामेडिकल छात्र-छात्राओं को अभियान के बारे में प्रशिक्षित किया गया। संजय राय, करुणा वर्मा, ऐश्वर्या, अनुदीप, आशीष, संगीता, नितीश आदि मौजूद रहे।
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टीबी अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण
लखीमपुर खीरी। जिले में अगले सात दिनों तक झुग्गी, झोंपडी से लेकर मलिन एवं थारू जनजाति बस्ती में लक्षण के आधार पर स्वास्थ्य कर्मी टीबी रोगियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करेंगे। इसके लिये मंगलवार को टीबी अस्पताल सभागार में कार्यशाला आयोजित कर स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया।
जिला क्षयरोग अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि 2025 तक देश को टीबी से मुक्त करने का लक्ष्य है। इसके लिए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान शुरू हो रहा है, जो 09 से 16 मार्च तक चलेगा। इसके लिए 312 टीमें बनाई गई हैं। निगरानी के लिए 63 सुपरवाइजर सहित तीन जिला समन्वयक बनाए गए हैं।
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सात दिवसीय अभियान में करीब 20 प्रतिशत आबादी का परीक्षण होगा। उन्होंने बताया टीमें मलिन बस्ती, झुग्गी-झोंपड़ी, अधिक प्रदूषण एवं घनी आबादी वाले क्षेत्र सहित थारू जनजाति क्षेत्र, जिसमें चंदन चौकी, पलिया, निघासन आदि में जाकर टीबी मरीज एवं लक्षण के आधार पर टीबी रोगियों की तलाश करेगी। इस दौरान मिलने वाले संभावित रोगियों की ट्रू नॉट एवं सीबी नॉट से जांच कराई जाएगी। इसमें टीबी रोगी मिलने पर इलाज कराया जाएगा।
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एसीएमओ ने बताया कि इसके लिए मंगलवार को अस्पताल में पैरामेडिकल छात्र-छात्राओं को अभियान के बारे में प्रशिक्षित किया गया। संजय राय, करुणा वर्मा, ऐश्वर्या, अनुदीप, आशीष, संगीता, नितीश आदि मौजूद रहे।