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Lakhimpur Kheri News: कान की करें देखभाल, नहीं तो हो सकता है संक्रमण
Wed, 06 Aug 2025 11:16 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 06 Aug 2025 11:16 PM IST
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लखीमपुर खीरी। कई लोग कान में खुजली या मैल जमा होने पर मोहल्ले की दुकान या सड़क किनारे बैठने वाले अनाड़ियों से कान साफ करा लेते हैं, लेकिन यह आदत सुनने की क्षमता तक छीन सकती है।
जिला अस्पताल के ईएनटी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि कान में बनने वाला मैल (ईयर वैक्स) एक प्राकृतिक सुरक्षा परत है, जो धूल और बैक्टीरिया को अंदर जाने से रोकती है। सामान्य स्थिति में मैल खुद ही धीरे-धीरे बाहर निकल आता है। जरूरत से ज्यादा छेड़छाड़ करने पर यह मैल कान के अंदर गहराई में चला जाता है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि सड़क किनारे या बाजार में कान साफ करने वाले व्यक्ति अक्सर पुराने और अस्वच्छ औजार इस्तेमाल करते हैं, जिनसे बैक्टीरिया और फंगस का संक्रमण हो सकता है। कई बार ये औजार कान के पर्दे को फाड़ देते हैं, जिससे मरीज को लंबे समय तक इलाज कराना पड़ता है। सुनने की क्षमता पर स्थायी असर पड़ सकता है।
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कान में दर्द, भारीपन, खुजली, या सुनाई कम देने जैसी समस्या हो तो तुरंत किसी योग्य ईएनटी डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित उपकरण और तकनीक से कान साफ करते हैं, जिससे नुकसान नहीं रहता। बच्चों केभी बिना डॉक्टर की सलाह के कुछ भी डालना खतरनाक है।
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जिला अस्पताल के ईएनटी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि कान में बनने वाला मैल (ईयर वैक्स) एक प्राकृतिक सुरक्षा परत है, जो धूल और बैक्टीरिया को अंदर जाने से रोकती है। सामान्य स्थिति में मैल खुद ही धीरे-धीरे बाहर निकल आता है। जरूरत से ज्यादा छेड़छाड़ करने पर यह मैल कान के अंदर गहराई में चला जाता है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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उन्होंने बताया कि सड़क किनारे या बाजार में कान साफ करने वाले व्यक्ति अक्सर पुराने और अस्वच्छ औजार इस्तेमाल करते हैं, जिनसे बैक्टीरिया और फंगस का संक्रमण हो सकता है। कई बार ये औजार कान के पर्दे को फाड़ देते हैं, जिससे मरीज को लंबे समय तक इलाज कराना पड़ता है। सुनने की क्षमता पर स्थायी असर पड़ सकता है।
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कान में दर्द, भारीपन, खुजली, या सुनाई कम देने जैसी समस्या हो तो तुरंत किसी योग्य ईएनटी डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित उपकरण और तकनीक से कान साफ करते हैं, जिससे नुकसान नहीं रहता। बच्चों केभी बिना डॉक्टर की सलाह के कुछ भी डालना खतरनाक है।