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Lakhimpur Kheri News: संदिग्ध पाउडर की पहचान नहीं, चार आरोपी जेल भेजे
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पलिया पुलिस की गिरफ्त में चारों आरोपी। संवाद
पलियाकलां (खीरी)। दुधवा मार्ग पर बंशीनगर के पास पकड़े गए मिनी ट्रक से बरामद संदिग्ध पाउडर की पहचान अबतक नहीं हो सकी है। पुलिस, फॉरेंसिक रिपोर्ट सोमवार देर रात तक आने की बात कह रही है। इसके बाद ही पाउडर का असली नाम पता चलेगा। उधर, पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी, दस्तावेज में हेरफेर आदि धाराओं में केस दर्जकर चालान भेजा है। तीन आरोपी चंदन चौकी क्षेत्र के हैं, जबकि एक बरेली के सीबीगंज इलाके का रहने वाला है।
शनिवार को पुलिस ने संदिग्ध पाउडर लेकर जा रहे एक मिनी ट्रक को पकड़ा था। ट्रक में सोडा एश लिखे पाउडर के पैकेट सोनीपत (हरियाणा) पहुंचाए जाने की तैयारी थी। मामले में जीएसटी, कस्टम समेत अन्य विभागों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। मामला संदिग्ध होने पर पुलिस ने धरपकड़ अभियान चलाया। ट्रक मालिक व ड्राइवर समेत करीब छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
उधर, ध्यानपुर स्थित गोदाम में छापेमारी के दौरान भी मेड इन चाइना लिखी तीन संदिग्ध पाउडर की बोरियां बरामद की थीं। रविवार को फॉरेंसिक टीम ने बोरियों से पाउडर का सैंपल भरा था। सोमवार तक पुलिस बरामद पाउडर का रहस्य नहीं खोल सकी। पाउडर क्या नाम क्या है। इसका क्या प्रयोग होता है, इस बारे में कुछ भी सामने नहीं आया। मामले में पुलिस ने जालसाजी, धोखाधड़ी, दस्तावेजों में हेरफेर की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मुकेश बंसल व प्रदीप बंसल पुत्रगण आनंद बंसल निवासी चंदन चौकी, किशुन पाल पुत्र रमेश चंद्र निवासी परसाखेड़ा गोटिया थाना सीबीगंज बरेली व विजय कुमार पुत्र गिरीश चंद्र निवासी बुद्धापुरवा रामनगर चंदन चौकी को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपियों का चालान भेजा गया। तीन अन्य की तलाश हो रही है।
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नेपाली नंबरों से होती थी बात, किया जा रहा ट्रेस
पकड़े गए लोगों की नेपाली नंबरों से नेपाल के लोगों से बात होती थी। ऐसा इसलिए है कि यह सारा माल नेपाल से आता था। बंदरभरारी समेत ध्यानपुर में स्टाॅक करने के बाद पिकअप, मैजिक व मिनी ट्रक के जरिए दिल्ली व हरियाणा भेजा जाता था। नेपाली नंबरों को भी नेपाल की एपीएफ व पुलिस के सहयोग से ट्रेस कर स्थानीय पुलिस ने नेपाल पुलिस की मदद मांगी है।
बरामद पाउडर की कीमत दो करोड़ से अधिक
बरामद पाउडर के बारे में रिपोर्ट आनी बाकी है, लेकिन पुलिस की ओर से किए गए आंकलन के अनुसार पाउडर की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब दो करोड़ 70 लाख रुपये बताई गई है। सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस ने आगे कीमतों के घटने व बढ़ने की बात भी कही है। बरामद पाउडर के सैंपल अलग-अलग जांच के लिए भेजे गए हैं। इसमें मादक पदार्थ की सैंपलिंग अलग भेजी गई है। विस्फोटक व अन्य मसलों की सैंपलिंग अलग-अलग भेजने का कार्य किया गया है।
सिफारिशों का भी चला दौर, नहीं बनी बात
मिनी ट्रक में संदिग्ध पाउडर बरामद होने के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की। लोगों की गिरफ्तारियां शुरू हुईं तो सिफारिशों का दौर भी शुरू हो गया। कई सिफारिशें पुलिस के पास तक पहुंची, लेकिन बात नहीं बनी।
मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद पाउडर की लैब से रिपोर्ट आनी बाकी है। इसके बाद ही पाउडर के बारे में पता चल सकेगा। फिलहाल सभी तथ्यों को देखते हुए आगे का कार्य किया जा रहा है। नेपाली नेटवर्क की भी तलाश की जा रही है। -यादवेंद्र यादव, सीओ पलिया
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शनिवार को पुलिस ने संदिग्ध पाउडर लेकर जा रहे एक मिनी ट्रक को पकड़ा था। ट्रक में सोडा एश लिखे पाउडर के पैकेट सोनीपत (हरियाणा) पहुंचाए जाने की तैयारी थी। मामले में जीएसटी, कस्टम समेत अन्य विभागों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। मामला संदिग्ध होने पर पुलिस ने धरपकड़ अभियान चलाया। ट्रक मालिक व ड्राइवर समेत करीब छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
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उधर, ध्यानपुर स्थित गोदाम में छापेमारी के दौरान भी मेड इन चाइना लिखी तीन संदिग्ध पाउडर की बोरियां बरामद की थीं। रविवार को फॉरेंसिक टीम ने बोरियों से पाउडर का सैंपल भरा था। सोमवार तक पुलिस बरामद पाउडर का रहस्य नहीं खोल सकी। पाउडर क्या नाम क्या है। इसका क्या प्रयोग होता है, इस बारे में कुछ भी सामने नहीं आया। मामले में पुलिस ने जालसाजी, धोखाधड़ी, दस्तावेजों में हेरफेर की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मुकेश बंसल व प्रदीप बंसल पुत्रगण आनंद बंसल निवासी चंदन चौकी, किशुन पाल पुत्र रमेश चंद्र निवासी परसाखेड़ा गोटिया थाना सीबीगंज बरेली व विजय कुमार पुत्र गिरीश चंद्र निवासी बुद्धापुरवा रामनगर चंदन चौकी को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपियों का चालान भेजा गया। तीन अन्य की तलाश हो रही है।
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नेपाली नंबरों से होती थी बात, किया जा रहा ट्रेस
पकड़े गए लोगों की नेपाली नंबरों से नेपाल के लोगों से बात होती थी। ऐसा इसलिए है कि यह सारा माल नेपाल से आता था। बंदरभरारी समेत ध्यानपुर में स्टाॅक करने के बाद पिकअप, मैजिक व मिनी ट्रक के जरिए दिल्ली व हरियाणा भेजा जाता था। नेपाली नंबरों को भी नेपाल की एपीएफ व पुलिस के सहयोग से ट्रेस कर स्थानीय पुलिस ने नेपाल पुलिस की मदद मांगी है।
बरामद पाउडर की कीमत दो करोड़ से अधिक
बरामद पाउडर के बारे में रिपोर्ट आनी बाकी है, लेकिन पुलिस की ओर से किए गए आंकलन के अनुसार पाउडर की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब दो करोड़ 70 लाख रुपये बताई गई है। सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस ने आगे कीमतों के घटने व बढ़ने की बात भी कही है। बरामद पाउडर के सैंपल अलग-अलग जांच के लिए भेजे गए हैं। इसमें मादक पदार्थ की सैंपलिंग अलग भेजी गई है। विस्फोटक व अन्य मसलों की सैंपलिंग अलग-अलग भेजने का कार्य किया गया है।
सिफारिशों का भी चला दौर, नहीं बनी बात
मिनी ट्रक में संदिग्ध पाउडर बरामद होने के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की। लोगों की गिरफ्तारियां शुरू हुईं तो सिफारिशों का दौर भी शुरू हो गया। कई सिफारिशें पुलिस के पास तक पहुंची, लेकिन बात नहीं बनी।
मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद पाउडर की लैब से रिपोर्ट आनी बाकी है। इसके बाद ही पाउडर के बारे में पता चल सकेगा। फिलहाल सभी तथ्यों को देखते हुए आगे का कार्य किया जा रहा है। नेपाली नेटवर्क की भी तलाश की जा रही है। -यादवेंद्र यादव, सीओ पलिया