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Lakhimpur Kheri News: दो बाघों में वर्चस्व की जंग, एक की मौत

Wed, 31 May 2023 11:24 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 31 May 2023 11:24 PM IST
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Supremacy war between two tigers, one died
घटनास्थल पर मौजूद वनाधिकारी।
लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती आबादी के बीच उन पर खतरे भी बढ़ रहे हैं। बाघों के बीच वर्चस्व की जंग को लेकर आपसी संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। अगर आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले तीन साल के अंदर आठ बाघों की मौत हो चुकी है। इससे बाघों के संरक्षण पर सवालिया निशान भी लग रहा हैं।
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वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक दुधवा के जंगल में बढ़ रही बाघों की आबादी के बीच सल्तनत कायम रखने के लिए संघर्ष हो रहा है। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उत्तर निघासन रेंज की लट्ठुआ बीट में बुधवार सुबह बाघ के शव पर मिले घाव के निशान देखकर उसकी मौत आपसी संघर्ष के चलते हुई बताई जा रही है। जहां बाघ का शव मिला है, वहां दूसरे बाघ के पगचिह्न भी मिले हैं।
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दुधवा टाइगर रिजर्व के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एफडी बी प्रभाकर ने बताया कि मृत बाघ के सिर पर दूसरे बाघ के पंजे के गहरे जख्म मिले हैं। इसके अलावा उसके शव पर कई जगह गहरे जख्म हैं। बाघ के सभी अंग सुरक्षित हैं। ऐसा आमतौर से आपसी संघर्ष में ही होता है।
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उन्होंने बताया कि नर बाघ पूरी तरह वयस्क था। उसकी उम्र चार से साढ़े साल के बीच है। कभी इनके बीच प्रणय को लेकर संघर्ष होता है तो कभी इलाके पर कब्जे को लेकर। युवा बाघ पुराने बाघों को खदेड़कर उनके इलाके पर कब्जा करते हैं। संभव है कि युवा बाघ से ही इलाके पर कब्जे को लेकर संघर्ष हुआ हो। जिसमें इस बाघ को अपनी जान गंवानी पड़ी। बाघ की मौत के असल कारण का पता पोस्टमार्टम के बाद ही चल सकेगा।
दूसरे बाघ की तलाश में जुटा वन विभाग
उत्तर निघासन रेंज में जिस जगह बाघ का शव मिला है, उसके आसपास जंगल में दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने दूसरे बाघ की तलाश में वन कर्मियों की टीमें उसकी लोकेशन ढूंढने का प्रयास कर रही हैं। वनाधिकारियों का अनुमान है कि आपसी संघर्ष में दूसरा बाघ भी जरूर घायल हुआ होगा। उसकी तलाश के लिए कैमरे भी लगवाए जाएंगे। कैमरा ट्रैप से भी दूसरे बाघ की गतिविधि देखी जाएगी। जिससे यह भी पता चल सकेगा कि आपसी संघर्ष में दूसरा बाघ तो जख्मी नहीं हुआ है। दूसरे बाघ के जख्मी मिलने पर उसकी जान बचाने के लिए उसे ट्रैंक्युलाइज कर इलाज कराया जाएगा।
तीन सालों में बाघों की मौत के आंकड़े
फरवरी 2020- किशनपुर सेंक्चुरी की कटैया बीट में एक बाघिन का शव मिला।
अगस्त 2020- बफरजोन मैलानी रेंज की जटपुरा बीट में बाघिन का शव मिला।
जनवरी 2021- दक्षिण खीरी वन प्रभाग के गोला रेंज की सिकंदरपुर बीट में एक मादा बाघ शावक का शव मिला। एक माह बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सेप्टीसीमिया नामक बीमारी से मौत होने की पुष्टि हुई।

फरवरी 2021- दुधवा नेशनल पार्क की बेलरायां रेंज में बाघ का शिकार।
अप्रैल 2021- किशनपुर सेंक्चुरी में बाघिन का शव मिला। पोस्टमार्टम में डायरिया से मौत की पुष्टि।
सितंबर 2021- बफरजोन की मैलानी रेंज में एक मादा बाघ शावक का शव मिला।
अप्रैल 2023- बफरजोन मैलानी रेंज की सलेमपुर बीट में एक बाघ का शव मिला। पोस्टमार्टम में अंदरूनी अंग फेल होने और आंत में हड्डी फंसने से मौत की पुष्टि।

बाघों के बीच इलाके पर कब्जे को लेकर आमतौर से संघर्ष की घटनाएं होती हैं। उत्तर निघासन रेंज में मृत मिले बाघ की मौत भी संभवत: आपसी संघर्ष में हुई है। मामले की जांच और दूसरे बाघ की तलाश कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बाघ की मौत का कारण स्पष्ट होगा। - बी प्रभाकर, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, दुधवा टाइगर रिजर्व
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