फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Cremation grounds reeling under mismanagement in Lakhimpur kheri

लखीमपुर खीरी: अव्यवस्थाओं में झुलस रहे मुक्तिधाम, शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में हालत खराब

Thu, 10 Sep 2026 10:45 AM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: Mukesh Kumar Updated Thu, 10 Sep 2026 10:45 AM IST
सार

लखीमपुर खीरी में शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख मुक्तिधाम रखरखाव के अभाव में बदहाली से जूझ रहे हैं। कहीं झाड़ियां उग आई हैं तो कहीं छतें लटक रही हैं और स्नानघर-शौचालय बंद हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है। 

विज्ञापन
Cremation grounds reeling under mismanagement in Lakhimpur kheri
ओयल के मोतीपुर मोड़ के पास बने मुक्तिधाम परिसर में उगी झाड़ियां। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

लखीमपुर खीरी में अंतिम संस्कार के प्रमुख स्थल मुक्तिधाम लंबे समय से रखरखाव के अभाव और बदहाल व्यवस्थाओं के चलते बदहाल हो रहे हैं। परिसर में फैली अव्यवस्था के कारण अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

विज्ञापन


शहर से सटे ग्राम पंचायत लखीमपुर देहात के घोसियाना/सुआगाड़ा में प्रमुख मुक्तिधाम है। शहर के करीब 80 प्रतिशत अंतिम संस्कार यहीं होते हैं। वैसे तो यह मुक्तिधाम ट्रस्ट संचालित करता है। दान से आने वाली धनराशि से इसकी व्यवस्थाएं की जाती हैं।
विज्ञापन


उल्ल नदी के किनारे पर बने इस मुक्तिधाम का निर्माण और सौंदर्याकरण तत्कालीन विधायक डॉ. कौशल किशोर ने कराया था। इसके बाद आने वाले सहयोग राशि से समय-समय पर इसकी व्यवस्थाएं की जाती हैं, लेकिन प्रशासनिक जिम्मेदारी न होने की वजह से यह मुक्तिधाम अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शवदाह के लिए 15 चबूतरें हैं, ठीक स्थिति में करीब पांच-छह चबूतरें ही हैं। प्रतिदिन औसतन 5-7 शव की अंत्येष्टि होती हैं। अंतिम संस्कार में हजारों लोगों को आना-जाना होता है। कई चबूतरों की छतें सरियों के सहारे लटक रही हैं। बारिश के मौसम में लोगों पर हादसे का खतरा मंडरा रहा है।

Cremation grounds reeling under mismanagement in Lakhimpur kheri
घोसियाना मुक्तिधाम में क्षतिग्रस्त छत में दिखने लगीं सरिया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

स्नानघर और शौचालय में जड़ा मिला ताला
मुक्तिधाम में सार्वजनिक स्नानघर और शौचालय भी बनवाया गया था। हालांकि इसमें हमेशा ताला पड़ा रहता है। ऐसे में लोगों को पेशाब करने के लिए भी बाहर किसी अन्य जगह की तलाश करनी पड़ रही है।

ग्रामीण क्षेत्र के भी मुक्तिधाम बदहाल, खेतों में अंतिम संस्कार
बेलरायां के भिडोरी गांव में 2010 में मुक्तधाम बनवाया था। हालांकि परिसर से हैंडपंप, गेट, टीनशेड नदारत हैं और झाड़ियों उग आई हैं। लोगों ने रेलवे भूमि, खेत खलिहान, नदियों किनारे अंतिम संस्कार करना शुरू कर दिया हैं। वहीं, मोहम्मदी क्षेत्र के गांव केहुआ, बेलहरा दुवाहा, वेला में अपने खेतों में अतिम संस्कार करते हैं, जिससे बारिश में काफी दिक्कत होती है। 

उधर, कस्बा खीरी स्थित चोरही बगिया के मुक्तिधाम का एक टीन शेड जर्जर है। जबकि दूसरे पर कथित तौर एक अघोरी का कब्जा है। वहीं कमोबेश यही ओयल नगर पंचायत और ग्राम पंचायत में बने दोनों मुक्तिधाम का भी है। कई स्थानों पर झाड़ियां इतनी अधिक बढ़ गई हैं कि रास्ता तक दिखाई नहीं देता। इस बाबत ओयल नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिभा गौतम ने बताया कि दोनों मुक्तिधामों की जल्द ही साफ सफाई कराई जाएगी।

कभी भी हो सकता है हादसा, लगा रहता है डर
पैकरमा ने बताया कि चबूतरें के ऊपर पड़ी छत काफी समय से कमजोर हो गई है। लोग शव दाह के लिए आते हैं। ऐसे में हादसे की आशंका बनी हुई है। खासकर बारिश में खतरा और भी बढ़ जाता है। जिम्मेदारो को संज्ञान लेना चाहिए।

सांप-बिच्छू का बना रहता है खतरा
हरीनाम वर्मा ने कहा कि अंत्येष्टि स्थल की साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। जनप्रतिनिधि आते हैं तो सफाई की बात करते हैं। इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। झाड़ियों की वजह से सांप-बिच्छू का खतरा बना रहता है।

सीडीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि जो भी मुक्तिधाम हैं, उनकी देखरेख समेत साफ-सफाई की व्यवस्था या तो संबंधित ग्राम पंचायतों या ब्लॉक व नगर पालिका स्तर से होती है। स्थितियों की समीक्षा समय-समय पर की जाती है। जहां भी दिक्कतें हैं, उनको दिखवाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed