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दिव्यांग भाई के गले में फंदा डालकर तो नहीं लटके भाई-बहन

Sun, 12 Jul 2020 07:39 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2020 07:39 PM IST
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sucide
लखीमपुर खीरी। शहर के शांतिनगर मोहल्ले में दो भाइयों और बहन के एक साथ फंदे पर झूलकर आत्महत्या करने की घटना कई सवाल छोड़ गई है। मसलन बड़े भाई नागेश्वर की पीठ की हड्डी मे दिक्कत थी। इससे वह ज्यादा देर खड़ा या चल-फिर नहीं सकता था। ऐसे में वह खुद पंखे में साड़ी का फंदा बांध कर कैसे लटक सकता है। आशंका जताई जा रही है कि छोटे भाई और बहन ने पहले साड़ी पंखे में बांधकर उसके गले में फंदा कसा। फिर दोनों भी फंदे से लटक गए। रिश्तेदार भी इस आशंका से इंकार नहीं कर रहे हैं। पुलिस भी ऐसे कई सवालों का जवाब तलाश रही है।
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शुक्रवार को मोहल्ला शांतिनगर निवासी यूपी एग्रो से रिटायर्ड इंजीनियर आदित्य प्रकाश अवस्थी के पुत्र नागेश्वर उर्फ गगन (35), विवेक उर्फ छोटू (28) और पुत्री प्रीति (25) ने घर के मुख्य दरवाजा अंदर से बंद कर पंखे और जाल से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सूचना पर दरवाजा तोड़कर तीनों शवों को पोस्टमार्टम को भेजा गया था। मौके से मिले सुसाइड नोट में तीनों बच्चों ने मां के गम में आत्महत्या करने की वजह लिखी थी। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद कुछ रिश्तेदारों ने बताया कि नागेश्वर की पीठ की हड्डी में कोई समस्या थी, इससे उसका उठना-बैठना भी मुश्किल था। वह अधिक चल फिर भी नहीं पाता था। ऐसे में वह खुद पंखे से साड़ी नहीं बांध सकता है। आशंका जताई जा रही है कि छोटे भाई विवेक और बहन प्रीति ने मिलकर पंखे में साड़ी बांधी और भाई को खड़ा कर उसके गले में फंदा कस दिया। बाद में तीनों एक साथ फंदे पर लटक गए। पुलिस भी इस आशंका से इंकार नहीं कर रही है। तीनों बच्चों के अवसाद में रहने की वजहों को लेकर भी कई तरह की चर्चा है। मसलन तीनों का घर से बाहर न निकलना, पास पड़ोस में भी न आना जाना आदि। इधर, दो बेटों और एक बेटी की मौत के बाद पिता ने भी चुप्पी साध ली है।
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मां की मौत के बाद रिश्तेदारों ने भी मोड़ लिया था मुंह
शांतिनगर कॉलोनी निवासी आदित्य प्रकाश अवस्थी की पत्नी मालती देवी की मौत बीमारी से सिंतबर 19 में हो गई थी। बेटी प्रीति प्राइवेट शिक्षक थी और बेटा विवेक लखनऊ में प्राइवेट नौकरी करता था। मां की मौत के पहले बच्चे काम से लौटते और सीधे घर चले जाते थे। इसके बाद वह दिन में एक-दो बार बालकनी में दिख जाते थे। मोहल्ले वालों के मुताबिक मां की मौत के बाद बच्चे बालकनी में भी नहीं दिखते थे और उन्होंने नौकरी भी छोड़ दी थी। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद कुछ रिश्तेदारों से जब इस संबंध में पूछा गया तो उनका कहना था कि वह कुछ इसलिए ज्यादा नहीं बता सकते क्योंकि मां की मौत में आए थे उसके बाद आज आएं हैं।
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पिता ने साधी चुप्पी, बोला-आप लोगों को कुछ नहीं बता पाएंगे
पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के पिता आदित्य प्रकाश अवस्थी व तमाम रिश्तेदार मौजूद थे। पत्रकारों ने जब घटना के बारे में जानकारी चाही तो पिता ने दो टूक कहा कि वह कुछ नहीं बता पाएंगे। इतना कहकर वह कन्नी काट गए।

फंदा लगने से हुई थी मौत
शवों का पोास्टमार्टम करीब पांच बजे समाप्त हुआ। परिवार के लोग पोस्टमार्टम के बाद शवों को लेकर सीधे मुक्तिधाम पहुंचे। जहां तीनों की अलग-अलग कब्र बनाई गई और गमगीन माहौल में तीनों को दफन कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिंग आई है। रिपोर्ट के मुताबिक तीनों के पेट खाली थे। भोजन आदि के कोई कण नहीं मिले।
पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है, पिता और परिवार वालों से भी पूछताछ कर रही है।
-विजय आनंद, सीओ सिटी
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