फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   sucide

‘हमारी मौत का कोई दोषी नही..पोस्टमार्टम कराएं, न अखबार में फोटो छापें’

Sat, 11 Jul 2020 12:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2020 12:26 AM IST
विज्ञापन
sucide
लखीमपुर खीरी। शहर के मोहल्ला शांतिनगर में एक ही परिवार के तीन लोगों के आत्महत्या करने की घटना से आसपास के लोगों को हिलाकर रख दिया। मोहल्ले वालों का कहना है कि करीब 10 माह पहले इनकी मां की मौत हो गई थी। इसके बाद से दोनों भाई और बहन घर के बाहर नहीं निकले। माना जा रहा है कि मां की मौत के बाद तीनों बच्चे सदमे थे। इस संबंध में एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें लिखा है कि हम तीनों भाई-बहन अपनी मां के मरने का गम भूल नहीं पा रहे हैं, इसलिए आत्महत्या कर रहे हैं। इसमें किसी का दोष नहीं है। हमारा पोस्टमार्टम न कराया जाय। अखबार में फोटो भी न छापे जाएं।
विज्ञापन

मोहल्ला शांतिनगर निवासी आदित्य प्रकाश अवस्थी के दो बेटे और एक बेटी थी। बड़ा बेटा नागेश्वर उर्फ गगन बीए, छोटा बेटा विवेक उर्फ छोटू बीकॉम और बेटी प्रीति एमए (अर्थशास्त्र) से कर चुके थे। नागेश्वर की पीठ में दिक्कत थी, जिससे उसका इलाज चल रहा था। वह घर पर ही रहता था, जबकि विवेक लखनऊ में प्राइवेट जॉब करता था। बेटी प्रीति शहर में प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती थी। सितंबर 19 में मां मालती देवी की मौत के बाद विवेक और प्रीति ने नौकरी छोड़ दी और घर पर अपने बड़े भाई के साथ रहने लगे। मार्च 2020 को पिता आदित्य प्रकाश यूपी एग्रो में इंजीनियर पद से रिटायर हुए और वह भी घर पर रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक मां की मौत के बाद से तीनों बच्चे कुछ भी नहीं कर रहे थे। आसपास के लोगों ने पुलिस को बताया कि मां की मौत होने के बाद बच्चों को उन्होंने घर के बाहर निकलते कभी नहीं देखा। तीनों बच्चों की हालत देखने से लग रहा था कि वह काफी कमजोर थे। बताते हैं कि पिता आदित्य कुमार अवस्थी का भी मोहल्ले में किसी के घर आना-जाना नहीं था। न ही बच्चे आते-जाते थे। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि तीनों बच्चे काफी समय से अवसाद में थे। इस बात से पुलिस भी इनकार नहीं कर रही है।
विज्ञापन

प्रथम दृष्टया तीनों ने आत्महत्या की है। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की वजह अवसाद में मानी जा रही है। मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद घटना की वजह साफ होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

विजय आनंद, सीओ सिटी
फील्ड यूनिट ने मौके पर पहुंच जुटाए साक्ष्य
प्रभारी निरीक्षक की सूचना पर फील्ड यूनिट की टीम मौके पर पहुंची। टीम में शामिल एक्सपर्ट ने तख्त, दरवाजे, स्टूल और फर्श आदि पर मिले निशानों आदि के फारेंसिक साक्ष्य जुटाए।
मोहल्ले में पसरा मातमी सन्नाटा
एक ही परिवार के दो सगे भाइयों और बहन की आत्महत्या की घटना जिसने सुनी वह अवाक रह गया। पल भर में ही मौके पर काफी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। तीनों की मौत से मोहल्ले के लोग अवाक हैं। मोहल्ले में मातमी सन्नाटा पसरा है। लोग बच्चों के घरों के बाहर न निकलने और किसी के घर न आने-जाने की चर्चा करते रहे।

सामूहिक तनाव से होते हैं ग्रुप सुसाइड
लखीमपुर खीरी जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ अखिलेश शुक्ल ने बताया परिवार में एक जैसे तनाव के बीच जब कई लोग रहते हैं तो ऐसी घटनाएं हो जाती हैं। ये ‘ग्रुप सुसाइड’ का मामला है। ऐसे मामलों में माता-पिता की जिम्मेदारी है कि बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करें और उनकी भावनाओं को समझें। यदि कोई पारिवारिक मामला है तो उसे साथ बैठकर सुलझाना चाहिए। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सामाजिक सरोकार काफी काम आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed