{"_id":"6aa70a88bcf0758da2042db4","slug":"studies-have-begun-but-the-process-of-admission-to-colleges-is-still-ongoing-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1010-184921-2026-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: पढ़ाई शुरू, लेकिन कॉलेजों में प्रवेश का सिलसिला अब भी जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: पढ़ाई शुरू, लेकिन कॉलेजों में प्रवेश का सिलसिला अब भी जारी
Mon, 14 Sep 2026 02:11 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 14 Sep 2026 02:11 AM IST
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। जिले के लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में पढ़ाई शुरू होने के बाद भी स्नातक और परास्नातक में प्रवेश जारी हैं। अगस्त बीत चुका है, लेकिन रोजाना एक-दो प्रवेश हो रहे हैं। इससे नए विद्यार्थियों की शुरुआती पढ़ाई छूट रही है।
पिछले कुछ वर्षों में अगस्त के अंतिम सप्ताह तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो जाती थी और पढ़ाई शुरू हो जाती थी। इस बार सितंबर में भी दाखिले चल रहे हैं। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, सीटें रिक्त होने के कारण लखनऊ विश्वविद्यालय ने प्रवेश प्रक्रिया जारी रखी है।
वाईडीसी के प्राचार्य डॉ. हेमंत पाल ने बताया कि विश्वविद्यालय ने प्रवेश जारी रखने के निर्देश दिए हैं। कॉलेजों में रिक्त सीटों पर सीधे प्रवेश लिए जा रहे हैं। जिन विद्यार्थियों का शुरुआती कोर्स छूटेगा, उसे अन्य विद्यार्थियों के साथ पूरा कराया जाएगा।
विज्ञापन
-- --
प्रवेश के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा
रिक्त सीटें भरने के लिए कॉलेज सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। व्हाट्सएप पर स्टेटस लगाने के साथ विद्यार्थियों से आसपास के बच्चों को कॉलेज में प्रवेश के लिए प्रेरित करने को कहा जा रहा है। प्रवेश कम होने के पीछे कोई विशेष कारण कॉलेज प्रशासन स्पष्ट नहीं कर पा रहा है।
विज्ञापन
पिछले कुछ वर्षों में अगस्त के अंतिम सप्ताह तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो जाती थी और पढ़ाई शुरू हो जाती थी। इस बार सितंबर में भी दाखिले चल रहे हैं। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, सीटें रिक्त होने के कारण लखनऊ विश्वविद्यालय ने प्रवेश प्रक्रिया जारी रखी है।
विज्ञापन
वाईडीसी के प्राचार्य डॉ. हेमंत पाल ने बताया कि विश्वविद्यालय ने प्रवेश जारी रखने के निर्देश दिए हैं। कॉलेजों में रिक्त सीटों पर सीधे प्रवेश लिए जा रहे हैं। जिन विद्यार्थियों का शुरुआती कोर्स छूटेगा, उसे अन्य विद्यार्थियों के साथ पूरा कराया जाएगा।
विज्ञापन
प्रवेश के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा
रिक्त सीटें भरने के लिए कॉलेज सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। व्हाट्सएप पर स्टेटस लगाने के साथ विद्यार्थियों से आसपास के बच्चों को कॉलेज में प्रवेश के लिए प्रेरित करने को कहा जा रहा है। प्रवेश कम होने के पीछे कोई विशेष कारण कॉलेज प्रशासन स्पष्ट नहीं कर पा रहा है।