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लखीमपुर खीरी में दूसरे दिन भी खड़ी रहीं अनुबंधित बसें
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लखीमपुर खीरी। लखीमपुर डिपो की अनुबंधित बसों का संचालन बुधवार को भी ठप रहा। निर्धारित से कम आय आने पर निगम की ओर से की जाने वाली कटौती को लेकर बस मालिक बस संचालन को तैयार नहीं है। डिपो में सभी बसें अनुबंधित होने के कारण रोडवेज प्रशासन भी कोई ठोस निर्णय ले पाने की स्थिति में नहीं है।
अनुबंधित बसों के सहारेे चल रहे लखीमपुर डिपो में बसों की संख्या 80 हैं। इसमें 76 साधारण और चार वातानुकूलित बसे हैं। साधारण बसें गोला, ऐरा और लखनऊ के बीच तो एसी बसें लखीमपुर दिल्ली के बीच चलती हैं। लॉकडाउन के करीब 70 दिन तक बसों का संचालन पूरी तरह से बंद रहा। मगर, एक जून से अनलॉक- एक में बस चलने की अनुमति मिलने के बाद रोडवेज ने अपनी और अनुबंधित बसें चलाने को हरी झंडी दी। एक जून को डिपो की 42 बसें रूट पर रवाना हुईं, लेकिन सवारियां न मिलने के कारण आय नाममात्र की हुई। निर्धारित से कम आय पर कटौती के प्रावधान को लेकर बस मालिकों ने दो जून को बसें चलाने से मना कर दिया। बस मालिकों का कहना है कि रोड पर सवारियां निकल नहीं रहीं। ऐसे में निर्धारित आय आना असंभव है। ऐसे में निगम के कटौती किए जाने से खर्चे तक नहीं निकलेंगे। इसलिए बस चलाने से क्या फायदा।
बाहरी डिपो की बसें बनीं यात्रियों के लिए सहारा
लखीमपुर डिपो के अनुबंधित बस मालिकों ने भले ही अपनी बसें खड़ी कर रखी हों, लेकिन गोला, सीतापुर, बाराबंकी और कैसरबाग डिपो की निगम एवं अनुबंधित बसें संचालित हो रही हैं। बुधवार दोपहर तक करीब 25 बसें लखनऊ के लिए और करीब 15 बसें गोला के लिए रवाना हुईं।
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बस संचालन न होने के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। गोला, सीतापुर और कैसरबाग डिपो की बसों से यात्रियों को लखनऊ सीतापुर की यात्रा कराई जा रही है। - एसपी सिंह, एआरएम
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अनुबंधित बसों के सहारेे चल रहे लखीमपुर डिपो में बसों की संख्या 80 हैं। इसमें 76 साधारण और चार वातानुकूलित बसे हैं। साधारण बसें गोला, ऐरा और लखनऊ के बीच तो एसी बसें लखीमपुर दिल्ली के बीच चलती हैं। लॉकडाउन के करीब 70 दिन तक बसों का संचालन पूरी तरह से बंद रहा। मगर, एक जून से अनलॉक- एक में बस चलने की अनुमति मिलने के बाद रोडवेज ने अपनी और अनुबंधित बसें चलाने को हरी झंडी दी। एक जून को डिपो की 42 बसें रूट पर रवाना हुईं, लेकिन सवारियां न मिलने के कारण आय नाममात्र की हुई। निर्धारित से कम आय पर कटौती के प्रावधान को लेकर बस मालिकों ने दो जून को बसें चलाने से मना कर दिया। बस मालिकों का कहना है कि रोड पर सवारियां निकल नहीं रहीं। ऐसे में निर्धारित आय आना असंभव है। ऐसे में निगम के कटौती किए जाने से खर्चे तक नहीं निकलेंगे। इसलिए बस चलाने से क्या फायदा।
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बाहरी डिपो की बसें बनीं यात्रियों के लिए सहारा
लखीमपुर डिपो के अनुबंधित बस मालिकों ने भले ही अपनी बसें खड़ी कर रखी हों, लेकिन गोला, सीतापुर, बाराबंकी और कैसरबाग डिपो की निगम एवं अनुबंधित बसें संचालित हो रही हैं। बुधवार दोपहर तक करीब 25 बसें लखनऊ के लिए और करीब 15 बसें गोला के लिए रवाना हुईं।
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बस संचालन न होने के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। गोला, सीतापुर और कैसरबाग डिपो की बसों से यात्रियों को लखनऊ सीतापुर की यात्रा कराई जा रही है। - एसपी सिंह, एआरएम