फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   SSB caught Indian fertilizer being taken to Nepal in Lakhimpur kheri

खाद की तस्करी: लखीमपुर से नेपाल ले जाई जा रही थी भारत की यूरिया, एसएसबी ने वाहन पकड़ा, 50 बोरियां बरामद

Sat, 26 Jul 2025 06:52 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 26 Jul 2025 06:52 PM IST
सार

जहां एक तरफ खाद न मिलने से किसान परेशान हैं, लेकिन दूसरी तरफ नेपाल में लखीमपुर खीरी से खाद की तस्करी की जा रही है। शनिवार को एसएसबी ने तिकुनिया के डांगा के पास  पिकअप वाहन को पकड़ा, जिसमें यूरिया खाद की 50 बोरियां बरामद हुईं। 

विज्ञापन
SSB caught Indian fertilizer being taken to Nepal in Lakhimpur kheri
नेपाल जा रही भारत की खाद को एसएसबी ने पकड़ा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

लखीमपुर खीरी जिले में नेपाल सीमा पर यूरिया की 50 बोरियों से भरी एक पिकअप को एसएसबी के जवानों ने पकड़ लिया। यूरिया से संबंधित न तो कोई दस्तावेज मिले और न ही इसके बारे में चालक कुछ बता सका। खाद सहित पिकअप को सील कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। 

विज्ञापन


जिले में पिछले दिनों से खाद का काफी संकट बना हुआ है। दूसरी तरफ नेपाल में जिले से खाद की तस्करी की जा रही है। शुक्रवार को एसएसबी ने तिकुनिया के डांगा के पास खाद से भरी एक पिकअप को पकड़ा, जिसमें यूरिया की बोरियां रखी गई थीं। एसएसबी ने कृषि विभाग के अफसरों को इसकी सूचना दी। अपर जिला सूचना अधिकारी डॉ. सत्यवीर सिंह भी मौके पर पहुंचे और जांच की। 
विज्ञापन


जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि यह खाद नेपाल जा रही थी। खाद किसकी है यह नहीं पता चल पाया है। पिकअप में चालक सहित चार अन्य लोग भी मौजूद थे, कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। खाद को तिकुनिया कोतवाली पुलिस ने कब्जे में लिया है। चालक सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

छह महीने से खाद के लिए तरस रहे किसान
निघासन में भारत-नेपाल सीमा पर बसे बेलापरसुआ आदि गांवों के किसान खाद के लिए पिछले छह महीनों से परेशान हैं। बहुउद्देशीय साधन सहकारी समिति पर यूरिया नदारद है। स्थिति यह है कि किसान निजी दुकानों से खाद खरीदने की कोशिश करते हैं, लेकिन सीमा क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा जांच में उन्हें खासी परेशानी उठानी पड़ती है।

यह भी पढ़ें- बदायूं हादसा: कांवड़ लेने गया था इकलौता बेटा... लाश देख बदहवास हुए दादा-दादी, बोले- हे भगवान हमें भी उठा ले

जनवरी, 2025 में बेलापरसुआ समिति के लिए खाद लेकर जा रहे ट्रक को एसएसबी ने सीमा पर रोक कर सीज कर दिया था। जांच में समिति के लाइसेंस और जीएसटी दस्तावेजों में खामियां पाई गई थीं, जिनका समाधान अब तक नहीं किया गया है। नतीजतन, समिति पर खाद की आपूर्ति पूरी तरह ठप है।

सहकारी विभाग के निबंधक रजनीश प्रताप सिंह ने बताया कि कृभको की 1029 मीट्रिक टन यूरिया की रैक प्राप्त हो चुकी है, लेकिन बेलापरसुआ को फिलहाल इससे बाहर रखा गया है। समिति के लाइसेंस और जीएसटी से जुड़ी दिक्कतों को जल्द सुलझाया जाएगा।

बिजुआ में लग रही किसानों की लंबी कतार
बिजुआ क्षेत्र के कस्बा पड़रिया तुला में शुक्रवार को यूरिया वितरण केंद्रों पर सुबह से ही किसानों की लंबी कतारें देखी गईं। बी पैक्स साधन सहकारी समिति और प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र पर किसानों का जमावड़ा लगा रहा।

बीते एक सप्ताह से खाद न मिलने के कारण किसानों में बेचैनी थी। बृहस्पतिवार को यूरिया खाद की नई खेप केंद्र पर पहुंचने की सूचना मिलते ही शुक्रवार तड़के से ही किसान पहुंचने लगे। आसपास के गांवों से भी किसान वितरण केंद्रों पर जुटे। 

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पड़रिया तुला पुलिस चौकी की टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र में मशीन में आई दिक्कत के कारण कई किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसान प्रेम गुप्ता, कुलवंत सिंह, महेश, छोटे लाल समेत दर्जनों किसानों को निराश होकर खाली हाथ लौटना पड़ा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed