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Lakhimpur Kheri News: 57 वर्ष बाद आज अधिमास सावन में बना सोमवती अमावस्या का विशेष संयोग

Sun, 16 Jul 2023 11:45 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jul 2023 11:45 PM IST
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Special coincidence of Somvati Amavasya in Adhimas Sawan after 57 years
शिव मंदिर गर्भ ग्रह के बाहर लगी भक्तों की कतार के पास खड़ा नंदी
गोला गोकर्णनाथ। अधिमास सावन में सोमवती अमावस्या का शुभ संयोग 57 वर्ष बाद बन रहा है। इस शुभ संयोग में भगवान शिव का पूजन जलाभिषेक करना उत्तम फलदायी बताया गया है। संतान, महिलाओं के लिए सौभाग्य और पितरों के मोक्ष के लिए भी संयोग विशेष है।
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नगर निवासी ज्योतिषाचार्य पंडित रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि 18 जुलाई 1966 में सोमवती अमावस्या को जो विशेष संयोग बना था। अब यह संयोग 57 साल बाद 17 जुलाई 2023 को बन रहा है। जो महिलाएं सावन सोमवती व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं, ऐसी महिलाएं सदा सुहागिन रहती है। व्रत करने वाली महिलाओं के पति और संतान की आयु भी लंबी हो जाती है।
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सोमवती अमावस्या किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन किसान अपने खेती में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा करते हैं और ईश्वर से अच्छी फसल होने की कामना करते हैं। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करके पितरों को पिंडदान, श्राद्ध करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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हिंदू पंचांग के अनुसार सोमवती अमावस्या के दिन पुनर्वसु नक्षत्र का निर्माण हो रहा है। 16 जुलाई को रात्रि 9:15 पर अमावस्या प्रारंभ हो जायेगी, जो 17 तारिक को रात्रि 10:38 तक रहेगी l आज के दिन पीपल का पेड़ लगाने का विशेष महत्त्व है। जिससे जीवन में सुख संपदा आती है।


छोटी काशी में शिव भक्ति के हो रहे अनूठे दर्शन

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रविवार को कस्ता के दरी नगरा निवासी 50 वर्षीय शिवबालक गिरि अपने गांव से दंडवत प्रणाम करते हुए भगवान शिव के दर्शन के लिए जा रहे थे। साथ में चल रही पत्नी राम देवी और 12 वर्षीय पुत्र शुभम ने बताया कि छोटी काशी से उनका घर 27 किलोमीटर है। वह अपने घर से 7 दिन पहले सोमवार को भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने चले थे। उनकी कोई मनौती नहीं है लेकिन उन्हें भगवान शिव में अटूट आस्था है। वह विगत कई वर्षों से इसी तरह भगवान शिव के दर्शन को आते हैं।


जहां मिली जगह, वहीं कर लिया विश्राम
गोला के भोला के दर्शन करने के लिए शिवभक्त चारों दिशाओं से आ रहे हैं। आलम यह है कि शिव भक्तों को जहां भी जगह मिल जाती है, वहीं विश्राम कर जलपान करने के बाद भगवान शिव को प्रणाम कर दर्शन को चल देते हैं। लखीमपुर रोड जंगल के मध्य वन चेतना केंद्र में ऐरा खमरिया लाखुन से आया साठ शिव भक्तों का दल विश्राम कर जलपान करता मिला। महंत योगेंद्र कुमार ने बताया कि वह शुक्रवार की शाम शारदा एरा पुल से जल लेकर गोला के लिए चले थे।

शिव मंदिर गर्भ ग्रह के बाहर लगी भक्तों की कतार के पास खड़ा नंदी

शिव मंदिर गर्भ ग्रह के बाहर लगी भक्तों की कतार के पास खड़ा नंदी

शिव मंदिर गर्भ ग्रह के बाहर लगी भक्तों की कतार के पास खड़ा नंदी

शिव मंदिर गर्भ ग्रह के बाहर लगी भक्तों की कतार के पास खड़ा नंदी

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