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UP News: ई-रिक्शा से कुचलकर बेटे की मौत, जिला अस्पताल में संवेदनहीनता... शव गोद में लेकर गया पिता

Sat, 12 Apr 2025 11:27 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 12 Apr 2025 11:27 AM IST
सार

खीरी टाउन में लहरपुर मार्ग पर एक बालक को सब्जी की बोरियों से भरे ई-रिक्शा ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद जिला अस्पताल में संवेदनहीनता बरती गई। स्ट्रेचर न मिलने पर बच्चे का शव गोद में लेकर पिता भटकता रहा। 

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Son died after being crushed by an e-rickshaw father carried the body in his lap in Lakhimpur kheri
बच्चे का शव गोद में लेकर भटकता रहा पिता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

खीरी टाउन में शुक्रवार को ई-रिक्शा से कुचलकर 10 साल का मोहम्मद फरहान गंभीर रूप से जख्मी हो गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उसका शव घर ले जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिला। मजबूर पिता तनवीर शव गोद में लेकर इमरजेंसी से बाहर आए। उधर सीएमएस डॉ. आरके कोली ने दावा किया कि स्ट्रेचर की कोई कमी नहीं है। कुछ लोग बिना स्ट्रेचर के ही शव लेकर चले जाते हैं। 

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मोहल्ला बाजार निवासी तनवीर का 10 वर्षीय पुत्र मोहम्मद फरहान शुक्रवार दोपहर किसी काम से सड़क पर जा रहा था। फारुख राजा की दुकानों के पास पीछे से आ रहे सब्जी से भरे ई-रिक्शा ने फरहान को टक्कर मार दी। इससे बालक गिर गया और ई-रिक्शा उसके ऊपर पलट गया। 
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लोगों ने किसी तरह बच्चे को जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, लोगों ने ई-रिक्शा चालक को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। इंस्पेक्टर विवेक उपाध्याय ने बताया कि ई-रिक्शा का चालक हिरासत में है। बालक के परिजनों की ओर से तहरीर मिल गई है। रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

बच्चे का शव गोद में लेकर घूमता रहा पिता
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का दावों के बीच शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता का एक मामला सामने आया। ई-रिक्शा से कुचले बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग शव बाहर तक लाने के लिए एक स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं करा पाया। मजबूर पिता को बच्चे के शव को गोद में लेकर आना पड़ा। 

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हादसे के बाद लोगों ने घायल बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाया था, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद जिला अस्पताल में अवस्थाओं और लापरवाही की तस्वीर भी देखने को मिली। पिता तनवीर अपने बच्चे फरहान के शव को हाथों में लेकर एंबुलेंस तक ले गए। अस्पताल की तरफ से न तो कोई कर्मचारी नजर आया और न ही बेबस पिता को स्ट्रेचर नसीब हो सका। बेटे का शव गोद में लिए पिता का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

जिला अस्पताल के सीएमएम डॉ. आरके कोली ने बताया कि जिला अस्पताल में स्ट्रेचर की कोई कमी नहीं हैं। कई बार परिजन किसी कर्मचारी को बिना बताए और स्ट्रेचर लिए बगैर ही चले जाते हैं।

ई-रिक्शा की टक्कर से वृद्ध घायल
मोहम्मदी कस्बे के शंकरपुर छावनी में ई-रिक्शा की टक्कर लगने से एक व्यक्ति जख्मी हो गया। उसे सीएचसी लाया गया। मोहल्ला पूर्वी लखपेड़ा निवासी 60 वर्षीय सियाराम बृहस्पतिवार को ब्रह्मदेव आश्रम के पास सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें ई-रिक्शा ने टक्कर मार दी। इससे सियाराम जख्मी हो गए। उन्हें इलाज के लिए सीएचसी लाया गया। 
 
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