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अभी तक 24 कालोनियों के लोगों को नहीं मिला भूमिधरी का अधिकार

Thu, 10 Feb 2022 12:12 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 10 Feb 2022 12:12 AM IST
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So far people of 24 colonies have not got the right of Bhumidhari
रानीनगर कालोनी के पूर्व प्रधान विजय तिवारी। - फोटो : LAKHIMPUR
संपूर्णानगर। थाना क्षेत्र के अंर्तगत आने वाले कई गांवों के मेहनतकश किसानों ने बंजर खेत को मेहनत कर उपजाऊ बना दिया है, लेकिन अभी तक उनको इसका मालिकाना हक नहीं मिल सका है। करीब 24 कॉलोनियों के निवासी अभी भी भूमिधरी का अधिकार मांग रहे हैं। हर बार वोट मांगने आने वाले जनप्रतिनिधि केवल आश्वासन ही देते हैं, लेकिन आज तक किसी ने भी भूमिधरी का अधिकार ग्रामीणों को नहीं दिलाया है।
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थाना क्षेत्र के गोविंदनगर, भानपुरी खजुरिया, कमलापुर, रानीनगर, बसही, मुरारखेड़ा, सेमरी, सुमेरनगर, विशेनपुरी, इब्राहिमपुरी समेत ट्रांस शारदा क्षेत्र के रामनगर, शांतिनगर, भरतपुर, नेहरूनगर, गांधीनगर, गौतमनगर, विजयनगर, राणा प्रतापनगर आदि गांव के ग्रामीणों को अभी तक भूमिधरी का अधिकार नहीं मिल सका है।
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यहां के बाशिंदों की मानें तो वर्ष 1956 में पूर्वांचल एवं प्रदेश के अन्य जनपदों से तत्कालीन सरकार द्वारा खीरी-पीलीभीत उपनिवेशन स्कीम के तहत लखीमपुर की 12 व पीलीभीत की 12 कॉलोनियों मिलाकर कुल 24 कालोनियां बसाई गईं थीं। इसमें अनपढ़ से मैट्रिक तक 10 एकड़ खेत व दसवीं पास वालों को 20 एकड़ खेत एलाटमेंट किया गया। जमीन पाए लोगों ने मेहनत मजदूरी कर बंजर खेत को उपजाऊ बनाया लेकिन अफसोस इस बात का है कि 66 वर्ष बाद भी इन्हें इस जमीन के बेचने और खरीदने का अधिकार नहीं मिला है।
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अधिकार न मिलने से नहीं मिलता बैंक से ऋण
सरकार द्वारा 99 वर्ष की लीज पर जमीन खेत देकर बसाई गईं कॉलोनियों को बेचने का अधिकार नहीं है। इसके चलते मालिकाना अधिकार न मिलने से बैंक से भी कर्ज नहीं मिलता है।
क्या कहते हैं ग्रामीण
गोविंदनगर निवासी डॉ. अश्वनी सिंह ने कहा कि 1956 में बलिया से बाबू जी को यहां बुलाया गया। 10 पास थे तो 20 एकड़ का बंजर खेत मिला था। जिसे मेहनत कर उपजाऊ बनाया, लेकिन अभी भी भूमिधरी का अधिकार नहीं मिल पाया है। कई बार विधायक व सांसद को भी ज्ञापन दे चुके हैं।
रानीनगर कॉलोनी के पूर्व प्रधान विजय तिवारी ने बताया कि भूमि पर बीते छह दशक से खानाबदोश से रहते आ रहे हैं लेकिन अभी तक हमें भूमिधरी का अधिकार नहीं मिला है जो कि हमें मिलना चाहिए। हमारी समस्याओं को समझने में जो योग्य दिखेगा उसे ही मतदान करेंगे।
ट्रांस शारदा के हजारा राणाप्रतापनगर के प्रधान अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि हमारे दादा देवरिया से 50 साल पहले आए थे जिनको दस एकड़ खेत मिला था। जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण खेत तो शारदा नदी ने काट दिया, लेकिन अभी तक मालिकाना हक नहीं मिला। फसल मुआवजा का भी नुकसान नहीं मिल पा रहा है।
कृष्णानगर निवासी जितेंद्र सिंह का कहना है कि तत्कालीन सरकार द्वारा दी गई जमीन पर बैंक वाले लोन भी नहीं देते है। लोन जब तक मालिकाना हक नहीं मिलता है, तब तक नहीं मिलता है। ऐसे में यह जमीन जीरो वेल्यू में आती है। जो भी विधायक 24 कॉलोनियों को भूमिधरी का अधिकार दिलाएगा उसको वोट करेंगे।

ट्रांस शारदा क्षेत्र के हजारा सिद्धनगर निवासी सुरेश शाही ने कहा कि बाढ़ व कटान रोकने के साथ ही गर्वमेंट एक्ट का अधिकार जरूरी है, हम इस खेत को विषम परिस्थितियों में भी ठेके पर नहीं दे सकते हैं और न बेंच सकते हैं। सिर्फ खेती कर सकते हैं इन कालोनियों को भूमिधरी का अधिकार मिलना चाहिए।

ट्रांस शारदा के हजारा राणाप्रतापनगर के प्रधान अनिरूद्ध कुमार।

ट्रांस शारदा के हजारा राणाप्रतापनगर के प्रधान अनिरूद्ध कुमार।- फोटो : LAKHIMPUR

कृष्णानगर निवासी जितेंद्र सिंह।

कृष्णानगर निवासी जितेंद्र सिंह।- फोटो : LAKHIMPUR

ट्रांस शारदा क्षेत्र के हजारा सिद्धनगर के सुरेश शाही।

ट्रांस शारदा क्षेत्र के हजारा सिद्धनगर के सुरेश शाही।- फोटो : LAKHIMPUR

,ोविंदनगर के डॉ अश्वनी सिंह।

,ोविंदनगर के डॉ अश्वनी सिंह।- फोटो : LAKHIMPUR

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