{"_id":"65c54af0881598f0390e2034","slug":"six-projects-worth-rs-300-crore-will-start-from-next-month-maximum-investment-in-distillery-lakhimpur-news-c-120-1-sbly1015-114222-2024-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: अगले महीने से शुरू हो जाएंगे 300 करोड़ के छह प्रोजेक्ट... सबसे ज्यादा डिस्टलरी में निवेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: अगले महीने से शुरू हो जाएंगे 300 करोड़ के छह प्रोजेक्ट... सबसे ज्यादा डिस्टलरी में निवेश
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। पिछले साल हुई इन्वेस्टर्स समिट में करीब 2500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिलने के साल भर बाद अगले महीने से जिले में 300 करोड़ के छह प्रोजेक्ट की शुरुआत हो जाएगी। 2500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव में जिले में 1500 करोड़ के 40-45 प्रोजेक्ट धरातल पर उतर आए हैं। इनमें सबसे ज्यादा गन्ना आधारित उत्पाद पर निवेश करीब 700 करोड़ का है।
पिछले साल 25 जनवरी को जिले में हुए निवेशक सम्मेलन में कुल ढाई हजार करोड़ के करीब 90 प्रोजेक्ट के एमओयू साइन हुए थे। इनमें 200 करोड़ से ज्यादा के तीन बड़े प्रोजेक्ट हैं, जो कि गन्ना उत्पादों पर आधारित हैं। इसमें सबसे बड़ा प्रोजेक्ट पसगवां में संचालित डीसीएम ग्रुप की चीनी मिल का करीब 250 करोड़ रुपये का है। अजबापुर चीनी मिल ने 130 करोड़ की लागत से कंप्रेस्ड बॉयो गैस प्रोजेक्ट और 120 करोड़ की लागत से ग्रेन बेस्ड डिस्टलरी यूनिट लगाने का एमओयू किया था।
कंपनी के प्रतिनिधि डीएस मिल्टन ने बताया कि पसगवां में 130 करोड़ रुपये का कंप्रेस्ड बॉयो गैस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि ग्रेन बेस्ड डिस्टलरी शुरू हो चुकी है। इसके अलावा जुआरी ग्रुप के 200 करोड़ के एथेनॉल प्लांट की निर्माण प्रक्रिया जारी है। इसपर एक साल में काम शुरू हो सकेगा। वहीं, मैगलगंज में ग्लोबस ग्रुप के 200 करोड़ के बॉटलिंग और डिस्टलरी यूनिट में उत्पादन अगले महीने से शुरू हो जाएगा। संवाद
विज्ञापन
मार्च में शुरू होंगे ये प्रोजेक्ट
लखीमपुर खीरी। उपायुक्त उद्योग संजय सिंह के मुताबिक, करीब 300 करोड़ के प्रोजेक्ट में मार्च से उत्पादन शुरू हो जाएगा। जिसमें सबसे बड़ा प्रोजेक्ट ग्लोबस ग्रुप का बॉटलिंग व एथेनॉल उत्पादन का है। इसके अलावा 50 करोड़ रुपये कीमत का डेयरी प्रोडक्ट है। उन्होंने बताया कि लखीमपुर क्षेत्र में गोला रोड पर करनपुर गांव में स्वधा मिल्क प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड में डेयरी प्रोडक्ट का उत्पादन शुरू हो जाएगा। मार्च में शुरू होने वाला तीसरा बड़ा प्रोजेक्ट 20 करोड़ रुपये का प्लाईवुड क्षेत्र से है। इसमें इंडस्ट्रियल एरिया छाउछ में राधे कृष्णा टिंबर प्रोडक्ट प्लाईवुड उत्पादन का काम शुरू कर देगी। इसके अलावा पर्यटन के क्षेत्र में पांच करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में लखीमपुर क्षेत्र के धर्मापुर गांव में एक रिसॉर्ट जंगल हेरिटेज के तहत एक रिसॉर्ट की भी लॉन्चिंग है। वहीं, गोला तहसील के मैलानी में 3.8 करोड़ रुपये के जैगरी प्रोडक्ट यूनिट में ओंकारेश्वर गुड़ फर्म गुड़ उत्पादन शुरू कर देगी। जबकि 1.5 करोड़ के प्रोजेक्ट शंकर टिंबर में भी प्लाईवुड प्रोडक्शन का काम शुरू हो जाएगा।
पर्यटन सेक्टर में आठ कंपनियों ने दिए 99 करोड़ के प्रस्ताव
इन्वेस्टर्स समिट में पर्यटन सेक्टर में आठ कंपनियों ने 99 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए थे, जिसके तहत होटल और इको रिसॉर्ट सेंटर बनाए जाने हैं। बता दें कि संख्या की दृष्टि से सबसे ज्यादा फॉरेस्ट सेक्टर में निवेश हुए हैं। उपायुक्त संजय सिंह ने बताया कि फॉरेस्ट सेक्टर में 18, एमएसएमई में 17, डेयरी 11, पर्यटन व अतिरिक्त ऊर्जा में आठ-आठ, पशुपालन सेक्टर में छह, हाउसिंग में तीन और उद्यान, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा व आबकारी के दो- दो के अलावा व्यावसायिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, कृषि, आईटी सेक्टर से एक-एक निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें मार्च से लखीमपुर में एक रिसॉर्ट की लॉन्चिंग है।
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के बाद इंडियन ट्रेड फेयर में जुटेंगे अफसर
उपायुक्त उद्योग संजय सिंह ने बताया कि 2500 करोड़ के एमओयू में 1500 करोड़ के 40-45 प्रोजेक्ट पर काम शुरु हो गया है। अगले महीने 300 करोड़ के प्रोजेक्ट चालू हो जाएंगे। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की तैयारी है। इसके बाद इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में भी जिले के निवेशकों के हिस्सा लेने की तैयारी है। शासन से प्राप्त दिशा निर्देश के अनुरूप काम किया जाएगा।
विज्ञापन
पिछले साल 25 जनवरी को जिले में हुए निवेशक सम्मेलन में कुल ढाई हजार करोड़ के करीब 90 प्रोजेक्ट के एमओयू साइन हुए थे। इनमें 200 करोड़ से ज्यादा के तीन बड़े प्रोजेक्ट हैं, जो कि गन्ना उत्पादों पर आधारित हैं। इसमें सबसे बड़ा प्रोजेक्ट पसगवां में संचालित डीसीएम ग्रुप की चीनी मिल का करीब 250 करोड़ रुपये का है। अजबापुर चीनी मिल ने 130 करोड़ की लागत से कंप्रेस्ड बॉयो गैस प्रोजेक्ट और 120 करोड़ की लागत से ग्रेन बेस्ड डिस्टलरी यूनिट लगाने का एमओयू किया था।
विज्ञापन
कंपनी के प्रतिनिधि डीएस मिल्टन ने बताया कि पसगवां में 130 करोड़ रुपये का कंप्रेस्ड बॉयो गैस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि ग्रेन बेस्ड डिस्टलरी शुरू हो चुकी है। इसके अलावा जुआरी ग्रुप के 200 करोड़ के एथेनॉल प्लांट की निर्माण प्रक्रिया जारी है। इसपर एक साल में काम शुरू हो सकेगा। वहीं, मैगलगंज में ग्लोबस ग्रुप के 200 करोड़ के बॉटलिंग और डिस्टलरी यूनिट में उत्पादन अगले महीने से शुरू हो जाएगा। संवाद
विज्ञापन
मार्च में शुरू होंगे ये प्रोजेक्ट
लखीमपुर खीरी। उपायुक्त उद्योग संजय सिंह के मुताबिक, करीब 300 करोड़ के प्रोजेक्ट में मार्च से उत्पादन शुरू हो जाएगा। जिसमें सबसे बड़ा प्रोजेक्ट ग्लोबस ग्रुप का बॉटलिंग व एथेनॉल उत्पादन का है। इसके अलावा 50 करोड़ रुपये कीमत का डेयरी प्रोडक्ट है। उन्होंने बताया कि लखीमपुर क्षेत्र में गोला रोड पर करनपुर गांव में स्वधा मिल्क प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड में डेयरी प्रोडक्ट का उत्पादन शुरू हो जाएगा। मार्च में शुरू होने वाला तीसरा बड़ा प्रोजेक्ट 20 करोड़ रुपये का प्लाईवुड क्षेत्र से है। इसमें इंडस्ट्रियल एरिया छाउछ में राधे कृष्णा टिंबर प्रोडक्ट प्लाईवुड उत्पादन का काम शुरू कर देगी। इसके अलावा पर्यटन के क्षेत्र में पांच करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में लखीमपुर क्षेत्र के धर्मापुर गांव में एक रिसॉर्ट जंगल हेरिटेज के तहत एक रिसॉर्ट की भी लॉन्चिंग है। वहीं, गोला तहसील के मैलानी में 3.8 करोड़ रुपये के जैगरी प्रोडक्ट यूनिट में ओंकारेश्वर गुड़ फर्म गुड़ उत्पादन शुरू कर देगी। जबकि 1.5 करोड़ के प्रोजेक्ट शंकर टिंबर में भी प्लाईवुड प्रोडक्शन का काम शुरू हो जाएगा।
पर्यटन सेक्टर में आठ कंपनियों ने दिए 99 करोड़ के प्रस्ताव
इन्वेस्टर्स समिट में पर्यटन सेक्टर में आठ कंपनियों ने 99 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए थे, जिसके तहत होटल और इको रिसॉर्ट सेंटर बनाए जाने हैं। बता दें कि संख्या की दृष्टि से सबसे ज्यादा फॉरेस्ट सेक्टर में निवेश हुए हैं। उपायुक्त संजय सिंह ने बताया कि फॉरेस्ट सेक्टर में 18, एमएसएमई में 17, डेयरी 11, पर्यटन व अतिरिक्त ऊर्जा में आठ-आठ, पशुपालन सेक्टर में छह, हाउसिंग में तीन और उद्यान, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा व आबकारी के दो- दो के अलावा व्यावसायिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, कृषि, आईटी सेक्टर से एक-एक निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें मार्च से लखीमपुर में एक रिसॉर्ट की लॉन्चिंग है।
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के बाद इंडियन ट्रेड फेयर में जुटेंगे अफसर
उपायुक्त उद्योग संजय सिंह ने बताया कि 2500 करोड़ के एमओयू में 1500 करोड़ के 40-45 प्रोजेक्ट पर काम शुरु हो गया है। अगले महीने 300 करोड़ के प्रोजेक्ट चालू हो जाएंगे। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की तैयारी है। इसके बाद इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में भी जिले के निवेशकों के हिस्सा लेने की तैयारी है। शासन से प्राप्त दिशा निर्देश के अनुरूप काम किया जाएगा।