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सिंगहाकला अग्निकांड : आग से फटा सिलिंडर... दमकल का पानी हो गया खत्म
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निघासन के ग्राम सिंगहा में आग बुझ जाने के बाद लगी ग्रामीणों की भीड़। संवाद
निघासन। सिंगहा कला में एक के बाद एक 29 छप्पर आग की लपटों से जलने लगे तो पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। इस बीच एक सिलिंडर धमाके के साथ फट गया, इससे पूरा पूरा घर क्षतिग्रस्त हो गया। दो घंटे तक ग्रामीण दहशत में रहे। आग की लपटें बुझने तक भारी तबाही होने के साथ दो महिलाओं की जान चली गई और दो लोग जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं।
चारों ओर मची-चीख पुकार के बीच ग्रामीण आग की लपटों में घिरीं संगीता और रामगुनी को बचाने की कोशिश में थे लेकिन लपटों ने ग्रामीणों को नजदीक फटकने भी नहीं दिया। बांके और सहजराम हिम्मत कर आगे बढ़े तो वे भी घिर गए। इस बीच सूचना पर दमकल की एक गाड़ी पहुंची तो चंद मिनट में पानी खत्म हो गया। इससे ग्रामीणों का आक्रोश और भड़क उठा। तत्काल दो और दमकल गाड़ियां मंगाई गईं। इसके बाद गाड़ियों के पानी के साथ कुआं में पाइप डालकर दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया।
गांव निवासी संतराम के घर से आग लगी कैसे, इसका पता अभी तक नहीं चल पाया है। संतराम के छप्पर से पड़ोस में बनी रतीराम की घारी जलने लगी। रास्ते के पास घारी होने के कारण लोग आग नहीं बुझा पाए। तेज हवा ने भी आग और फैला दी। इसके बाद आग ने ऐसा कहर मचाया कि एक के बाद एक 29 घर आग की चपेट में आ गए।
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इन लोगों के घरों में लगी आग
राजाराम, सर्वेश, जैकोरा पत्नी नान्हू, कंधई, सुरेश, गया प्रसाद, सुनीता पत्नी शिवराज, ब्रजलाल, रामनिवास, राकेश, रघुनाथ, हरिओम, गुड्डू, श्रवण, अनिल, आशाराम, कल्लू, राधेश्याम, रामकुमार, अमित, बांके लाल, लल्ला, भागीरथ, राकेश, रामबहादुर, होली, सहजराम के घर जलकर राख हो गए। आग में बांके का इंजन, ट्रैक्टर, अनाज, कपड़ा, बर्तन, जेवर, नगदी 20 हजार आदि गृहस्थी का पूरा सामान जल गया। भागीरथ का सिलिंडर फटने से राधेश्याम का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। कल्लू की छत और राकेश की गुमटी जलकर राख हो गई।
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चारों ओर मची-चीख पुकार के बीच ग्रामीण आग की लपटों में घिरीं संगीता और रामगुनी को बचाने की कोशिश में थे लेकिन लपटों ने ग्रामीणों को नजदीक फटकने भी नहीं दिया। बांके और सहजराम हिम्मत कर आगे बढ़े तो वे भी घिर गए। इस बीच सूचना पर दमकल की एक गाड़ी पहुंची तो चंद मिनट में पानी खत्म हो गया। इससे ग्रामीणों का आक्रोश और भड़क उठा। तत्काल दो और दमकल गाड़ियां मंगाई गईं। इसके बाद गाड़ियों के पानी के साथ कुआं में पाइप डालकर दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया।
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गांव निवासी संतराम के घर से आग लगी कैसे, इसका पता अभी तक नहीं चल पाया है। संतराम के छप्पर से पड़ोस में बनी रतीराम की घारी जलने लगी। रास्ते के पास घारी होने के कारण लोग आग नहीं बुझा पाए। तेज हवा ने भी आग और फैला दी। इसके बाद आग ने ऐसा कहर मचाया कि एक के बाद एक 29 घर आग की चपेट में आ गए।
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इन लोगों के घरों में लगी आग
राजाराम, सर्वेश, जैकोरा पत्नी नान्हू, कंधई, सुरेश, गया प्रसाद, सुनीता पत्नी शिवराज, ब्रजलाल, रामनिवास, राकेश, रघुनाथ, हरिओम, गुड्डू, श्रवण, अनिल, आशाराम, कल्लू, राधेश्याम, रामकुमार, अमित, बांके लाल, लल्ला, भागीरथ, राकेश, रामबहादुर, होली, सहजराम के घर जलकर राख हो गए। आग में बांके का इंजन, ट्रैक्टर, अनाज, कपड़ा, बर्तन, जेवर, नगदी 20 हजार आदि गृहस्थी का पूरा सामान जल गया। भागीरथ का सिलिंडर फटने से राधेश्याम का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। कल्लू की छत और राकेश की गुमटी जलकर राख हो गई।

निघासन के ग्राम सिंगहा में आग बुझ जाने के बाद लगी ग्रामीणों की भीड़। संवाद