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सिक्किम की औषधि निर्माता कंपनी ने नमूने को अपना मानने से किया इन्कार

Tue, 06 Sep 2022 12:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 06 Sep 2022 12:56 AM IST
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Sikkim's pharmaceutical company refuses to accept the sample as its own
demo photo - फोटो : Social media
ड्रग इंस्पेक्टर ने देहरादून के स्टॉकिस्ट को नोटिस भेजकर मांगा जवाब
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लखीमपुर खीरी। एक औषधि का नमूना फेल होने के मामले में ड्रग इंस्पेक्टर ने सिक्किम की औषधि निर्माता कंपनी को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा तो उसने फेल नमूने वाली औषधि को अपनी कंपनी का ही होने से इन्कार कर दिया। अब नकली औषधि की आपूर्ति करने वाले देहरादून के स्टॉकिस्ट को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
बताते चलें कि ड्रग इंस्पेक्टर सुनील रावत ने 18 अप्रैल 2022 को शहर के एक मेडिकल स्टोर से औषधि टेबलेट ट्रेनेक्सा 500 एमजी का नमूना लिया था। उसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। 13 जुलाई 2022 को आई रिपोर्ट में सॉल्ट (तत्व) की मात्रा कम पाए जाने से उसे फेल करार दिया गया। इस पर ड्रग इंस्पेक्टर सुनील रावत ने औषधि विक्रेता और औषधि निर्माता मैक्लोयड्स फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड सिक्किम को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद औषधि विक्रेता ने जवाब में बताया कि उसने लखनऊ के स्टॉकिस्ट अष्ट विनायक फार्मास्यूटिकल्स से टेबलेट खरीदी थी। वहीं औषधि निर्माता मैक्लोयड्स फार्मास्यूटिकल्स की ओर से जवाब देते हुए बताया गया कि यह टेबलेट हमारे यहां नहीं बनाई गई है। इसके लिए औषधि निर्माता ने अपनी औषधि के रैपर और ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा नमूना लिए गए टेबलेट के रैपर का मिलान कराया है, जिसमें दोनों औषधियों के रैपर पर अंकित नाम की स्पेलिंग में अंतर पाया गया है। इस पर ड्रग इंस्पेक्टर ने विभागीय अधिकारियों की मदद से लखनऊ के स्टॉकिस्ट अष्ट विनायक फार्मास्यूटिकल्स के यहां छापा मारा, जहां जांच-पड़ताल में पता चला कि अष्ट विनायक ने देहरादून के स्टॉकिस्ट मेघराज एंड संस से ट्रेनेक्सा टेबलेट खरीदी थीं। यह जानकारी मिलते ही ड्रग इंस्पेक्टर ने देहरादून के स्टॉकिस्ट मेघराज एंड संस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। (संवाद)
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ब्लीडिंग को कंट्रोल करने में प्रयोग होती है ट्रेनेक्सा
चिकित्सक ने बताया कि मेडिकल स्टोर पर बिकने वाली ट्रेनेक्सा 500 एमजी का प्रयोग महिलाओं की ब्लीडिंग को कंट्रोल करने में होता है। खासकर महिला डॉक्टरों द्वारा यह औषधि मरीजों को दी जाती है। इस औषधि के फेल नमूने में सॉल्ट की मात्रा बेहद कम पाई गई है, जिससे यह औषधि महिला मरीजों पर कारगर नहीं है, बल्कि इस मानकविहीन औषधि के सेवन से महिला मरीजों को लाभ होने के बजाय नुकसान ही होगा।
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ट्रेनेक्सा 500 एमजी का नमूना फेल हुआ था, जिसके संबंध में विक्रेता और निर्माता को नोटिस दी गई थी। निर्माता कंपनी ने इस औषधि को अपने यहां की होने से इंकार किया है और इस संबंध में साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं। अब औषधि की आपूर्ति करने वाले देहरादून के स्टॉकिस्ट मेघराज एंड संस से जवाब मांगा है, जिसके बाद आगे की जांच की जाएगी।
- सुनील रावत, ड्रग इंस्पेक्टर
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