{"_id":"684b259f80a5c7aab60c07ef","slug":"shatchandi-mahayagya-and-raasleela-festival-was-held-in-gulripurwa-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1002-148070-2025-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: गुलरीपुरवा में शतचंडी महायज्ञ और रासलीला महोत्सव हुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: गुलरीपुरवा में शतचंडी महायज्ञ और रासलीला महोत्सव हुआ
Fri, 13 Jun 2025 12:38 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 13 Jun 2025 12:38 AM IST
विज्ञापन
निघासन। ग्राम गुलरीपुरवा स्थित प्रसिद्ध माता राजराजेश्वरी दुर्गा मंदिर प्रांगण में पांच दिवसीय शतचंडी महायज्ञ एवं रासलीला महोत्सव पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ।
महोत्सव के अंतिम दिन रात्रिकालीन मेले में वृंदावन से आए रासलीला मंडल के कलाकारों द्वारा श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन, रासलीला एवं कंस वध की लीलाओं का मंचन किया गया। जीवंत अभिनय और भावपूर्ण प्रस्तुति देख श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। लीला स्थल पर देर रात तक श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे।
इस दौरान यज्ञ मंडप में यज्ञाचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूर्णाहुति कराई गई। मंदिर परिसर में स्थित क्षीरसागर कुंड में विराजमान लक्ष्मी-नारायण की आकर्षक प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनी रही।
विज्ञापन
महोत्सव के समापन पर मंदिर प्रांगण में भंडारा हुआ। मंदिर के पुजारी बाबा रामसनेही दास ने बताया कि प्रत्येक माह की 11 तारीख को मंदिर में भंडारे के साथ विशेष पूजा-अर्चना होती है। साथ ही प्रतिवर्ष शतचंडी महायज्ञ और राम-रासलीला महोत्सव का आयोजन परंपरागत रूप से किया जाता है।
विज्ञापन
महोत्सव के अंतिम दिन रात्रिकालीन मेले में वृंदावन से आए रासलीला मंडल के कलाकारों द्वारा श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन, रासलीला एवं कंस वध की लीलाओं का मंचन किया गया। जीवंत अभिनय और भावपूर्ण प्रस्तुति देख श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। लीला स्थल पर देर रात तक श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे।
विज्ञापन
इस दौरान यज्ञ मंडप में यज्ञाचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूर्णाहुति कराई गई। मंदिर परिसर में स्थित क्षीरसागर कुंड में विराजमान लक्ष्मी-नारायण की आकर्षक प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनी रही।
विज्ञापन
महोत्सव के समापन पर मंदिर प्रांगण में भंडारा हुआ। मंदिर के पुजारी बाबा रामसनेही दास ने बताया कि प्रत्येक माह की 11 तारीख को मंदिर में भंडारे के साथ विशेष पूजा-अर्चना होती है। साथ ही प्रतिवर्ष शतचंडी महायज्ञ और राम-रासलीला महोत्सव का आयोजन परंपरागत रूप से किया जाता है।