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नवरात्र: कोरोना पर भारी पड़ी आस्था..

Sun, 25 Oct 2020 02:19 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 25 Oct 2020 02:19 AM IST
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shardiya Navratra
मां काली की पूजा करते श्रद्धालु। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। आम जन जीवन प्रभावित करने के साथ कोरोना ने पूजा पाठ के तौर तरीके भी बदल दिए। लॉकडाउन के दिनों में बंद रहने वाले मंदिर अनलॉक में खुले जरूर, लेकिन तमाम बंदिशों के साथ। नवरात्र में मां का पूजन करने के लिए मंदिर पहुंचे लोगों के चेहरों पर कोरोना का खौफ साफ नजर आ रहा था। वहीं मंदिर प्रशासन भी शासन की गाइड लाइन को लेकर पूरी तरह चौकन्ना रहा। मंदिर आकर पूजा करने की उन्हीं को अनुमति मिली, जो मास्क लगाए थे। वहीं पिछले सालों की तरह इस बार न तो अष्टमी के दिन मंदिरों में हवन हुए और न ही भंडारे। मंदिर के पुजारी मदन शुक्ला ने बताया कि हवन रविवार को होगा, जिसमें समिति के लोग शामिल होंगे। भक्त चाहें तो नाम पता के साथ हवन सामग्री दे सकते हैं, जिससे हवन में उनकी तरफ से आहुतियां डाली जा सकीं। भक्तों को मंदिर में हवन करने की अनुमति नहीं है।
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किसी ने दही जलेबी खिलाई तो किसी ने दान दक्षिणा दी
महिलाओं ने मंदिर जाकर मां भगवती का विधि विधान से पूजन किया और वहीं पर कन्याओं को दही जलेबी खिलाकर दान दक्षिणा दी।
कोरोना काल में लोग बेटियों को कन्या भोज के लिए भेजने में परहेज कर रहे हैं। ऐसे में महिलाओं ने मंदिर में मिली कन्याओं को दक्षिणा देकर आशीर्वाद लिया।
जलेबी की दुकानों पर रहा सन्नाटा
जलेबी बनाने वाले ओमप्रकाश ने बताया कि पिछले साल अष्टमी से लेकर दशमी तक बेतहाशा भीड़ रही थी। मगर, इस बार सन्नाटा है। गत वर्ष दोपहर तक करीब 20 किलो मैदा की जलेबी बनाकर बिक्री कर चुके थे, लेकिन अबकी बार पांच किलो मैदा की जलेबी बिकने के लाले हैं।
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रविवार को भी कन्या खिलाएंगे
महामारी के बीच मंदिर में कन्याओं को दही जलेबी की जगह केला बांटना ज्यादा बेहतर लगा। इसलिए केला देकर दक्षिणा दे दी।
-विमल तिवारी, शिक्षक
कोरोना काल में लोग घर पर बेटियां भेजने में परहेज करते हैं। इसलिए मंदिर आकर बेटियों को दही जलेबी खिलाकर दक्षिणा दे दी।
-पूजा
बेटियों को लोग भोज के लिए भेजने में भी संकोच कर रहे हैं। फिलहाल रविवार को जितनी कन्याएं मिल जाएंगी उन्हीं को सामाजिक दूरी का पालन कर भोज करा देगें।
-मंजुल सक्सेना
नवमी को कन्या खिलाएंगे। पहले नौ कन्याओं को बुलाकर भोजन कराते थे, लेकिन इस बार सामाजिक दूरी का ख्याल कर ही खिलाएंगे।
- मोनिका
लखीमपुर खीरी। नवरात्र के आठवें दिन शनिवार को जिले भर में मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप का विधि विधान पूजन हुआ। भक्तों ने घरों में हवन पूजन कर कन्याओं को भोज कराया। दुर्गाष्टमी के दिन देवी मंदिरों में दिन भर श्रृद्धालुओं का तांता लगा रहा।
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शनिवार सुबह से ही शहर के देवी मंदिरों में मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। श्रद्धालुओं ने संकटा देवी, बंकटा देवी एवं माता शीतलादेवी मंदिर पहुंचकर विधि विधान से मां की पूजा अर्चना की। अष्टमी को लेकर देवी मंदिरों में अन्य दिनों की अपेक्षा काफी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने संकटा देवी मंदिर में ही कन्याओं को भोज कराकर दान दक्षिणा दी। संवाद
उपवास रखकर की सुख समृद्धि की कामना
गोला गोकर्णनाथ। नगर के प्राचीन मां मंगला देवी मंदिर में सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ रही। वहीं मां रक्षा देवी मंदिर और अलीगंज रोड स्थित मां दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं ने मां महागौरी का पूजन किया।

रोशननगर। महागौरी की पूजा अर्चना कर उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं ने अपने घरों पर हवन पूजन कराया। बाबरपुर, जमुनहां, रामपुर डाटपुर, परेली, सौखिया, बंजारगंज, सेखवापुर, जनकपुर, भगतपुर, कैमा आदि गांव के श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा हवन पूजन किया। रोशननगर के दुर्गा माता मंदिर पर पुजारी जेजेराम कुशवाहा ने हवन पूजन कराया। संवाद

संकटादेवी मंदिर में दुर्गाष्टमी पर पूजा करतीं महिलाएं। संवाद

संकटादेवी मंदिर में दुर्गाष्टमी पर पूजा करतीं महिलाएं। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR

 

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