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खतरे के निशान से 54 सेमी ऊपर पहुंचा शारदा का पानी      

Wed, 05 Jul 2017 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो पलियाकलां।
अमर उजाला ब्यूरो पलियाकलां। Updated Wed, 05 Jul 2017 11:31 PM IST
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 Sharda water reached 54 cm above danger mark
उफान - फोटो : अमर उजाला
लगातार बारिश होने से जलस्तर में बढ़ाव, बनबसा से भी छोड़ा जा रहा पानी
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ग्रामीणों में हड़कंप, नदी के पड़ोस के गांवों में शुरू हुआ कटान    
 
 लगातार हो रही बारिश के साथ ही बनबसा बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण शारदा में उफान जारी है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 54 सेमी ऊपर पहुंच गया है। नदी के बढ़ने से आसपास के दर्जनों गांवों में ग्रामीणों हड़कंप मच गया है। साथ ही निचली भूमियों को भी नदी ने कटान करके अपने आगोश में लेने का कार्य शुरू कर दिया है।      
केंद्रीय जल आयोग के स्थानीय कार्यालय के अनुसार बीती रात से सुबह आठ बजे तक हालांकि वर्षा 15.2 एमएम ही रिकार्ड की गई है, लेकिन आठ बजे के बाद से लगातार हो रही बरसात देर शाम तक जारी रही। मंगलवार को स्थिर होने के बाद शारदा का जलस्तर बुधवार को बढ़ने लगा। दोपहर एक बजे तक जलस्तर 46 सेमी ही खतरे के निशान से ऊपर थी। लेकिन बरसात न रुकने तथा बनबसा बैराज से लगातार कम मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण तीन बजे तक खतरे के निशान से 54 सेमी ऊपर हो गई। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखकर आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों में दहशत फैल गई है तथा वह काफी भयभीत भी हैं। नयापुरवा, खालेपुरवा, कुंवरपुर कलां, चौरी, दुबहा, आजादनगर, बर्बादनगर, मेलाघाट तथा श्रीनगर के बांशिदों में बाढ़ का डर साफ दिखने लगा है।      
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पानी के साथ बहकर आ रहे मगरमच्छ      
इलाके के गांव नयापुरवा में बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ भी आ रहे हैं जो गांवों में घुस रहे हैं। नयापुरवा के ग्रामीणों ने बताया कि बीती रात को भी एक मगरमच्छ एक ग्रामीण के घर के बाहर तक आ गया था जिसको सभी लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद भगाया है।       
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नाव से स्कूल जा रहे हैं बच्चे
गांव कुंवरपुर कलां व दुबहा में स्कूल न होने के कारण लगभग सात किलोमीटर नदी का रास्ता पार करके स्कूली बच्चे नौगवां में पढ़ने आते हैं। जान जोखिम में डालकर यह बच्चे नाव से नौगवां गांव के किनारे आते हैं इसके बाद वह पैदल ही अपने स्कूल का सफर तय करते हैं। कई बार शिकायतों के बाद भी गांवों में जहां स्कूल नहीं बनवाया गया है वहीं सालों से तबाही झेलने वाले ग्रामीणों की मदद शासन प्रशासन भी नहीं कर रहा है। मालूम हो कि कुंवरपुर कलां व दुबहा में लगभग बीस सालों से शारदा नदी तबाही मचाती चली आ रही है, लेकिन प्रशासन ने इस गांव की ओर अभी तक कोई कदम नहीं उठाए हैं। गांव में लगभग दो हजार लोगों की आबादी है। कुंवरपुर कलां में कभी स्कूल ही नहीं बना है। गांव के पूर्व प्रधान त्रिभुवन, सालिकराम, शिवचंद्र, लालता प्रसाद आदि ग्रामीणों ने बताया कि हमारे गांव में कोई भी स्कूल नहीं है तथा गांव में जाने के लिए रास्ता भी नहीं बना है। उन्होंने बताया कि कोई भी सरकारी योजना इस गांव के किसी भी बांशिदों को नहीं मिलती है।
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