{"_id":"595e7b284f1c1b751e8b469c","slug":"sharda-water-level-reaching-one-meter-above-danger-mark","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंचा शारदा का जलस्तर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंचा शारदा का जलस्तर
अमर उजाला ब्यूरो पलियाकलां।
Updated Thu, 06 Jul 2017 11:45 PM IST
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बरसात
- फोटो : अमर उजाला
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नयापुरवा में भरा बाढ़ का पानी, बीते 24 घंटों हुई में रिकार्ड वर्षा
पिछले चार दिनों से हो रही झमाझम बरसात से जनजीवन जहां बुरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। वहीं दूसरी तरफ शारदा नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से एक मीटर से अधिक ऊपर पहुंच गया है, जिससे आसपास के कई गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। हालांकि अभी स्थिति नियंत्रित है, लेकिन फिर भी ग्रामीणों के दिलों की धड़कन बढ़ गई है।
केन्द्रीय जल आयोग के स्थानीय कार्यालय के अनुसार बीते 24 घंटे में रिकार्ड 37.8 एमएम वर्षा हुई है। वहीं शारदा नदी का जलस्तर डेंजर लाइन के 153.620 से एक मीटर 04 सेमी ऊपर पहुंचकर 154.660 पर पहुंच गया है। वहीं पिछले 24 घंटे से रिकार्ड वर्षा होने से आसपास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। एक मीटर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने पर निचले इलाके के गांवों में बाढ़ का पानी भी भर गया है। दुबहा, नयापुरवा, खालेपुरवा, श्रीनगर, आजादनगर, बर्बादनगर आदि गांवों में जलभराव हो गया है। हालांकि यहां स्थिति इतनी ज्यादा भयावह तो नहीं है, लेकिन बाढ़ का पानी भर जाने से ग्रामीणों को जहां निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं उनके दिलों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। लगातार वर्षा होने के कारण मलिनियां, इटैइया सहित कई गांवों के प्राथमिक विद्यालयों में भी पानी भर गया, जिससे लगभग दो फिट पानी पार कर स्कूली बच्चे पढ़ाई करने जा रहे हैं।
मझगईं। चार दिन से लगातार हो रही मूसलादार बारिश से जहां जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वहीं क्षेत्र में बाढ़ आने का खतरा मंडराने लगा है। भारी बारिश के चलते कस्बे के मजरा नयापुरवा, लियाकत पुरवा में गांव के आसपास बाढ़ का पानी भर गया है। लोगों को एक बार फिर बाढ़ की आशंका से चिंता सताने लगी है। शारदा नदी कटान करते करते दोनों गांव के करीब ही बहती है। नदी के बढ़ते ही कटान तेज हो गया है। कई सालों से बाढ़ का कहर झेल रहे गांव के लोगों चिंता सताने लगी है।
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नयापुरवा में नहीं की गई नाव की व्यवस्था
गांव नयापुरवा के रास्तों पर बाढ़ का पानी भर गया है। ग्रामीणों ने खुद ही रास्ता बनाया था, जिसपर बाढ़ का पानी आ जाने से उनका आवागमन बंद हो गया है। प्रशासन की तरफ से नयापुरवा में नाव की भी व्यवस्था नहीं की गई है। जिससे ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है।
पिछले साल बाढ़ में डूबी लड़की के घर वालों को नहीं मिला मुआवजा
पलियाकलां। पिछले साल आई बाढ़ में इलाके के गांव नयापुरवा में रामाधीन की पुत्री डोल्डी बीती 13 अगस्त 2016 में आई बाढ़ के पानी के तेज बहाव में बह गई थी। जिसके बाद लगभग तीन दिन बाद उसका शव बरामद हुआ था। प्रशासन ने उसको सहायता दिए जाने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन एक साल का समय बीत जाने के बाद तथा दोबारा से बाढ़ के आने के संकेत मिलने के बाद भी अभी तक उसके परिवारवालों को कोई सहायता सरकार की तरफ से नहीं मिली है। पिता रामधीन व माता से पूछने पर उन्होंने बताया कि एक साल हो गया है लेकिन गांव में कोई झांकने तक नहीं आया है। उन्होंने बताया कि कई बार जनप्रतिनिधियों से आश्वासन भी मिला लेकिन अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है।
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पिछले चार दिनों से हो रही झमाझम बरसात से जनजीवन जहां बुरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। वहीं दूसरी तरफ शारदा नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से एक मीटर से अधिक ऊपर पहुंच गया है, जिससे आसपास के कई गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। हालांकि अभी स्थिति नियंत्रित है, लेकिन फिर भी ग्रामीणों के दिलों की धड़कन बढ़ गई है।
केन्द्रीय जल आयोग के स्थानीय कार्यालय के अनुसार बीते 24 घंटे में रिकार्ड 37.8 एमएम वर्षा हुई है। वहीं शारदा नदी का जलस्तर डेंजर लाइन के 153.620 से एक मीटर 04 सेमी ऊपर पहुंचकर 154.660 पर पहुंच गया है। वहीं पिछले 24 घंटे से रिकार्ड वर्षा होने से आसपास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। एक मीटर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने पर निचले इलाके के गांवों में बाढ़ का पानी भी भर गया है। दुबहा, नयापुरवा, खालेपुरवा, श्रीनगर, आजादनगर, बर्बादनगर आदि गांवों में जलभराव हो गया है। हालांकि यहां स्थिति इतनी ज्यादा भयावह तो नहीं है, लेकिन बाढ़ का पानी भर जाने से ग्रामीणों को जहां निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं उनके दिलों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। लगातार वर्षा होने के कारण मलिनियां, इटैइया सहित कई गांवों के प्राथमिक विद्यालयों में भी पानी भर गया, जिससे लगभग दो फिट पानी पार कर स्कूली बच्चे पढ़ाई करने जा रहे हैं।
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मझगईं। चार दिन से लगातार हो रही मूसलादार बारिश से जहां जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वहीं क्षेत्र में बाढ़ आने का खतरा मंडराने लगा है। भारी बारिश के चलते कस्बे के मजरा नयापुरवा, लियाकत पुरवा में गांव के आसपास बाढ़ का पानी भर गया है। लोगों को एक बार फिर बाढ़ की आशंका से चिंता सताने लगी है। शारदा नदी कटान करते करते दोनों गांव के करीब ही बहती है। नदी के बढ़ते ही कटान तेज हो गया है। कई सालों से बाढ़ का कहर झेल रहे गांव के लोगों चिंता सताने लगी है।
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नयापुरवा में नहीं की गई नाव की व्यवस्था
गांव नयापुरवा के रास्तों पर बाढ़ का पानी भर गया है। ग्रामीणों ने खुद ही रास्ता बनाया था, जिसपर बाढ़ का पानी आ जाने से उनका आवागमन बंद हो गया है। प्रशासन की तरफ से नयापुरवा में नाव की भी व्यवस्था नहीं की गई है। जिससे ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है।
पिछले साल बाढ़ में डूबी लड़की के घर वालों को नहीं मिला मुआवजा
पलियाकलां। पिछले साल आई बाढ़ में इलाके के गांव नयापुरवा में रामाधीन की पुत्री डोल्डी बीती 13 अगस्त 2016 में आई बाढ़ के पानी के तेज बहाव में बह गई थी। जिसके बाद लगभग तीन दिन बाद उसका शव बरामद हुआ था। प्रशासन ने उसको सहायता दिए जाने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन एक साल का समय बीत जाने के बाद तथा दोबारा से बाढ़ के आने के संकेत मिलने के बाद भी अभी तक उसके परिवारवालों को कोई सहायता सरकार की तरफ से नहीं मिली है। पिता रामधीन व माता से पूछने पर उन्होंने बताया कि एक साल हो गया है लेकिन गांव में कोई झांकने तक नहीं आया है। उन्होंने बताया कि कई बार जनप्रतिनिधियों से आश्वासन भी मिला लेकिन अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है।