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शारदा का जलस्तर घटा मगर खतरा अब भी
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पलियाकलां। तीन दिन से लगातार शारदा नदी का बढ़ रहा जलस्तर अब घटने लगा है, लेकिन खतरा अब भी टला नहीं है। बृहस्पतिवार को शारदा नदी खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। उधर, इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर नाव चलने लगी हैं।
शारदा नदी का जलस्तर बुधवार को खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। जल आयोग के लिपिक केके प्रजापति ने बताया कि बुधवार की शाम से नदी का जलस्तर घटने लगा है। बृहस्पतिवार को दोपहर तीन बजे तक नदी खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर 154.580 सेंटीमीटर पर बह रही थी।
उधर, इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर नाव चलने लगी है। ग्रामीण लंबी दूरी का चक्कर लगाने की बजाय नाव से ही आवागमन कर रहे हैं। बोझवा के ठोकर नंबर जीरो के पास पुलिया तक पानी पहुंच गया है। वहीं ठोकर नंबर एक पर जहां तक नजर जा रही है वहां तक शारदा का पानी बह रहा है, जिससे ग्रामीण नदी पार खेतों में नहीं जा पा रहे हैं। नदी के घटते जलस्तर से हालांकि श्रीनगर गांव के ग्रामीणों ने थोड़ी राहत की सांस जरूर ली है, क्योंकि यहां नदी तेजी से गांव की ओर बढ़ रही थी। बृहस्पतिवार को बरसात न होने व बनबसा से पानी रिलीज न होने से खतरा टला है, लेकिन कम नहीं हुआ है।
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नेपाली नदियों का जलस्तर बढ़ा, कई गांवों में घर डूबे
धनगढ़ी (नेपाल)। पिछले कई दिन से पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते सीमा से लगे कंचनपुर जिले की महाकाली नदी का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में बनबसा बैराज पुल पर भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। कैलाली जिले की खुटिया नदी में जलस्तर बढ़ने से आसपास के गांवों में लगभग दो दर्जन घर डूब गए हैं।
कंचनपुर जिला के गड्ढा चौकी इंचार्ज जीवन गुरुंग ने बताया कि महाकाली नदी का जल स्तर बढ़ जाने से दोदोधरा चांदनी और भीमदत्त नगर पालिका के कई गांवों में पानी भर गया है। नदी का जलस्तर एक लाख 40 हजार क्यूसेक खतरे के निशान से ऊपर है, जिसके चलते खतरे को देखते हुए बृहस्पतिवार को बनबसा पुल पर भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। इसके अलावा कैलाली जिला की खुटिया नदी में बाढ़ आ जाने से 24 घर डूब गए हैं। मोहाना नदी समेत अन्य नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है। महाकाली नदी का पानी बनबसा बैराज में गिरता है जो आगे जाकर पलिया क्षेत्र की शारदा नदी में जाता है।
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शारदा नदी का जलस्तर बुधवार को खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। जल आयोग के लिपिक केके प्रजापति ने बताया कि बुधवार की शाम से नदी का जलस्तर घटने लगा है। बृहस्पतिवार को दोपहर तीन बजे तक नदी खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर 154.580 सेंटीमीटर पर बह रही थी।
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उधर, इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर नाव चलने लगी है। ग्रामीण लंबी दूरी का चक्कर लगाने की बजाय नाव से ही आवागमन कर रहे हैं। बोझवा के ठोकर नंबर जीरो के पास पुलिया तक पानी पहुंच गया है। वहीं ठोकर नंबर एक पर जहां तक नजर जा रही है वहां तक शारदा का पानी बह रहा है, जिससे ग्रामीण नदी पार खेतों में नहीं जा पा रहे हैं। नदी के घटते जलस्तर से हालांकि श्रीनगर गांव के ग्रामीणों ने थोड़ी राहत की सांस जरूर ली है, क्योंकि यहां नदी तेजी से गांव की ओर बढ़ रही थी। बृहस्पतिवार को बरसात न होने व बनबसा से पानी रिलीज न होने से खतरा टला है, लेकिन कम नहीं हुआ है।
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नेपाली नदियों का जलस्तर बढ़ा, कई गांवों में घर डूबे
धनगढ़ी (नेपाल)। पिछले कई दिन से पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते सीमा से लगे कंचनपुर जिले की महाकाली नदी का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में बनबसा बैराज पुल पर भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। कैलाली जिले की खुटिया नदी में जलस्तर बढ़ने से आसपास के गांवों में लगभग दो दर्जन घर डूब गए हैं।
कंचनपुर जिला के गड्ढा चौकी इंचार्ज जीवन गुरुंग ने बताया कि महाकाली नदी का जल स्तर बढ़ जाने से दोदोधरा चांदनी और भीमदत्त नगर पालिका के कई गांवों में पानी भर गया है। नदी का जलस्तर एक लाख 40 हजार क्यूसेक खतरे के निशान से ऊपर है, जिसके चलते खतरे को देखते हुए बृहस्पतिवार को बनबसा पुल पर भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। इसके अलावा कैलाली जिला की खुटिया नदी में बाढ़ आ जाने से 24 घर डूब गए हैं। मोहाना नदी समेत अन्य नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है। महाकाली नदी का पानी बनबसा बैराज में गिरता है जो आगे जाकर पलिया क्षेत्र की शारदा नदी में जाता है।