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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Shahjahanpur at 6 o'clock, no bus for Dhaurahara after 7:30

Lakhimpur Kheri News: शाहजहांपुर छह बजे, धौरहरा के लिए साढ़े सात बजे के बाद कोई बस नहीं

Tue, 19 Mar 2024 11:12 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 19 Mar 2024 11:12 PM IST
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Shahjahanpur at 6 o'clock, no bus for Dhaurahara after 7:30
नितिन कुमार
लखीमपुर खीरी। शाम होते ही लखीमपुर डीपो की बसों के पहिये थम जाते हैं। लखनऊ, गोला मार्ग को छोड़कर अन्य मार्गों पर शाम छह से साढ़े सात बजे के बाद कोई बस नहीं है। विभागीय अफसरों की मनमानी का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। त्योहार पर यहह परेशानी और बढ़ गई है।
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लखीमपुर डिपो के पास 38 अनुबंधित बसें हैं। इसमें सबसे ज्यादा बसें लखनऊ मार्ग पर चलती हैं। इस मार्ग पर हर 20 से 30 मिनट पर बस यहां से रात नौ बजे तक लगातार छूटती हैं। रात नौ बजे के बाद यात्रियों की संख्या कम होने पर बसों का संचालन कम हो जाता है। वहीं धौरहरा जाने के लिए रोडवेज से अंतिम बस साढ़े सात बजे है। इसके बाद अगर किसी यात्री को धौरहरा जाना हो तो उसके लिए कोई साधन नहीं। रात के समय डग्गामार वाहन भी कम होने से यात्री भटकते हैं।
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वहीं शाहजहांपुर मार्ग पर पूरे दिन खूब बसें चलती हैं, लेकिन यहां भी शाम के छह बजते ही बसों के पहिये थम जाते हैं। हालांकि शाम के समय दिल्ली जाने के लिए एसी बसें हैं, जो सात से साठे आठ बजे के बीच हैं। इनका किराया अधिक होने के कारण यात्री इनमें जाने से बचते हैं। इन बसों में ऑनलाइन बुकिंग भी बड़ी संख्या में रहती है।
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रोडवेज पर सभी बसें अनुबंधित हैं। रात के समय यात्रियों की संख्या कम होने पर बसों का संचालन रोक दिया जाता है। अगर कम संख्या में बसों का संचालन करते हैं तो नुकसान होगा। रोडवेज पर अन्य डिपो की बसें आती-जाती हैं, जिससे यात्री अपने गंतव्य तक पहुंच जाते हैं। -मुकेश मेहरोत्रा, एआरएम






वैसे तो ज्यादातर ट्रेन से सफर करते हैं, लेकिन कभी-कभी रोडवेज बस से आना-जाना रहता है। लखीमपुर डिपो से शाम के समय कोई भी बस न मिलने से दिक्कतें हो जाती हैं। काम के सिलसिले में अक्सर सीतापुर जाना होता है। -नितिन कुमार







लखीमपुर की परिवहन व्यवस्था काफी खराब है। लखीमपुर से न ट्रेन का रूट ठीक है न ही बसों का। रात के समय अगर किसी को लखनऊ, शाहजहांपुर या अन्य रूट पर जाना है तो अपनी खुद की व्यवस्था करें। उसे न तो ट्रेन मिलेगी और ही बस। सुधार की जरूरत है। -उदय पाल सिंह




परिवहन सेवा में लखीमपुर काफी पिछड़ा हुआ है। न बस सेवा ठीक है न ही ट्रेन। लखनऊ या अन्य कहीं जाने के लिए दिन में तो वाहन मिल जाते हैं, लेकिन रात के लिए कोई वाहन नहीं मिलेगा। इस ओर न तो जनप्रतिनिधि ध्यान देते हैं और ही अन्य कोई जिम्मेदार। -संजय श्रीवास्तव



डग्गामार वाहनों पर रोक न लगी तो करेंगे प्रदर्शन



- अनुबंधित रोडवेज बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने एसपी कार्यालय में सौंपा ज्ञापन



संवाद न्यूज एजेंसी



लखीमपुर खीरी। शहर में डग्गामार वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। डग्गामार वाहनों पर रोक लगाने की मांग को लेकर मंगलवार को अनुबंधित रोडवेज बस ऑपरेटर एसोसिएशन के पदाधिकारी एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर डगामार बसों को परिवहन व पुलिस विभाग पर संरक्षण देने का आरोप लगाया।




एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रवण गुप्ता ने बताया कि उनकी बसें रोडवेज से अनुबंधित हैं। इनका टैक्स वह सरकार को देते हैं। इसके बावजूद लखीमपुर शहर के एलआरपी रोड व अन्य मार्गों पर डग्गामार बसों की भरमार है। इससे अनुबंधित बसों को सवारियां नहीं मिल पाती हैं। डग्गामार बस चालक मनमाने किराए पर सवारियां भरते हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी पुलिस और परिवहन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। पदाधिकारियों की मांग है कि एलआरपी, राजापुर व मेला मैदान पर अवैध रूप से संचालित प्राइवेट बसों पर नकेल कसी जाए। अगर डग्गामार बसों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो वह प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।

नितिन कुमार

नितिन कुमार

नितिन कुमार

नितिन कुमार

नितिन कुमार

नितिन कुमार

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