{"_id":"a0f06cc91db392946edb22459596d3fe","slug":"shadi-bimari-ka-liyai-abh-nahi-milta-anudaan-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शादी-बीमारी के लिए अब नहीं मिलता अनुदान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शादी-बीमारी के लिए अब नहीं मिलता अनुदान
लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 04 Aug 2015 05:31 PM IST
विज्ञापन
शादी-अनुदान योजना के लिए प्रदेश सरकार की स्पष्ट नीति के अभाव में गफलत की स्थिति बनी हुई है। एक ओर योजना में कोई बजट नहीं मिल रहा वहीं अनुदान मिलने की उम्मीद में गरीब दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। पिछले दो सालों पर नजर डालें तो यह योजना अभी सिर्फ कागजों में चल रही है। योजना को आगे चालू रखने या इसे बंद करने के संबंध में कोई निर्देश भी जारी नहीं किए जा रहे हैं।
योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को शादी के लिए 10 हजार और बीमारी के लिए पांच हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। जिले के 2866 लोगों को शादी और 66 लोगों को बीमारी का अनुदान मिल चुका है। योजना से कुल 2932 लोग लाभान्वित हो चुके हैं। आखिरी बार वर्ष 2013-14 में जिलेवासियों को 289.90 करोड़ रुपये का अनुदान मिला था। इसके बाद से ही योजना में शासन की ओर से कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। दो साल का समय गुजरने के बाद अभी लोगों को उम्मीद है कि उन्हें अनुदान मिलेगा। शायद यहीं कारण है कि इन दो सालों से शादी और बीमारी के अनुदान के लिए लोग दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और समाज कल्याण में लोगों के आवेदनों के ढेर लगे हैं। रोजाना करीब 10 से 15 लोग योजना में बजट की जानकारी के लिए पहुंच रहे हैं। एक अधिकारी का कहना है कि शादी और अनुदान योजना को लेकर दो साल बाद भी शासन की ओर से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इससे योजना को बंद करने या चालू रखने को लेकर स्थिति साफ नहीं हो रही है।
--
समाजवादी पेंशन योजना में गड़बड़ी की आशंका
समाजवादी पेंशन योजना को लेकर प्रदेश सरकार बेहद संवेदनशील है और योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को इसका लाभ देने को लेकर कटिबद्ध भी है, लेकिन खीरी जिले में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए सीडीओ ने इसमें जांच/मिलान का निर्देश दिया है। उनके मुताबिक लगातार ऐसी शिकायत मिल रही थी कि लाभार्थियों के नामों और खाता संख्या में गलत दर्ज किए जाने से अपात्रों को इसका लाभ मिल रहा है। सीडीओ ने योजना के अंतर्गत 64 हजार लाभार्थियों की जांच को कहा है।
विज्ञापन
--
कोट..
शादी और बीमारी अनुदान योजना के अंतर्गत वर्ष 2013-14 में आखिरी बार बजट आया था, उसके बाद से अभी बजट नहीं आया है। शासन के दिशा-निर्देश के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
-अनिल कुमार सिंह, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी
विज्ञापन
योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को शादी के लिए 10 हजार और बीमारी के लिए पांच हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। जिले के 2866 लोगों को शादी और 66 लोगों को बीमारी का अनुदान मिल चुका है। योजना से कुल 2932 लोग लाभान्वित हो चुके हैं। आखिरी बार वर्ष 2013-14 में जिलेवासियों को 289.90 करोड़ रुपये का अनुदान मिला था। इसके बाद से ही योजना में शासन की ओर से कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। दो साल का समय गुजरने के बाद अभी लोगों को उम्मीद है कि उन्हें अनुदान मिलेगा। शायद यहीं कारण है कि इन दो सालों से शादी और बीमारी के अनुदान के लिए लोग दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और समाज कल्याण में लोगों के आवेदनों के ढेर लगे हैं। रोजाना करीब 10 से 15 लोग योजना में बजट की जानकारी के लिए पहुंच रहे हैं। एक अधिकारी का कहना है कि शादी और अनुदान योजना को लेकर दो साल बाद भी शासन की ओर से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इससे योजना को बंद करने या चालू रखने को लेकर स्थिति साफ नहीं हो रही है।
विज्ञापन
--
समाजवादी पेंशन योजना में गड़बड़ी की आशंका
समाजवादी पेंशन योजना को लेकर प्रदेश सरकार बेहद संवेदनशील है और योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को इसका लाभ देने को लेकर कटिबद्ध भी है, लेकिन खीरी जिले में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए सीडीओ ने इसमें जांच/मिलान का निर्देश दिया है। उनके मुताबिक लगातार ऐसी शिकायत मिल रही थी कि लाभार्थियों के नामों और खाता संख्या में गलत दर्ज किए जाने से अपात्रों को इसका लाभ मिल रहा है। सीडीओ ने योजना के अंतर्गत 64 हजार लाभार्थियों की जांच को कहा है।
विज्ञापन
--
कोट..
शादी और बीमारी अनुदान योजना के अंतर्गत वर्ष 2013-14 में आखिरी बार बजट आया था, उसके बाद से अभी बजट नहीं आया है। शासन के दिशा-निर्देश के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
-अनिल कुमार सिंह, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी