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सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग के साथ कराटे बेल्ट ग्रेडिंग परीक्षा संपन्न
लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 07 Dec 2015 07:04 PM IST
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सदर प्राथमिक स्कूल में चल रहे दो दिवसीय शितोरियु कराटे बेल्ट परीक्षा सोमवार को सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग के साथ संपन्न हुई। यहां यूपी स्टेट चीफ शितोरियु के जीतेंद्र कुमार ने प्रतिभागियों को सेल्फ डिफेंस के विभिन्न तकनीकों के बारे में अभ्यास कराया।
शाओलीन स्पोर्ट्स आफ मार्शल आर्टस एंड शितोरियु कराटे वेलफेयर सोसायटी के सौजन्य से आयोजित कराटे बेल्ट ग्रेडिंग परीक्षा में जितेंद्र कुमार ने कराटे के इतिहास के बारे में बताते हुए कहा कि कराटे शब्द का अर्थ है खाली हाथ बिना किसी हथियार के दूसरे से बचाव करना यह एक अति प्राचीन तरीका है। उन्होंने बताया कि कराटे शरीर को स्वस्थ और मजबूत रखने का ही अच्छा उपाय नहीं है बल्कि इसमें हाथ, पैर तथा शरीर के विभिन्न अंगों का फुर्ती से प्रयोग किया जाता है। कराटे सीखने वाले व्यक्ति में शारीरिक संतुलन और आत्म विश्वास पैदा हो जाता है। इससे मनुष्य में मानसिक, अध्यात्मिक और नैतिक अनुशासन की भावना का भी विकास होता है।
उन्होंने बताया कराटे बच्चे, बूढ़े और महिलाएं सभी सीख सकते हैं। शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्ति भी कराटे की कला सीख सकता है। कराटे आत्मरक्षा का सबसे सशक्त माध्यम है। कराटे ग्रेडिंग परीक्षा संपन्न कराने में जिला कराटे प्रशिक्षक विनीत कश्यप, सूरज सिंह, रामलखन कश्यप, आराधना यादव और और ट्रेनीज प्रशिक्षुओं ने भरपूर सहयोग दिया।
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शाओलीन स्पोर्ट्स आफ मार्शल आर्टस एंड शितोरियु कराटे वेलफेयर सोसायटी के सौजन्य से आयोजित कराटे बेल्ट ग्रेडिंग परीक्षा में जितेंद्र कुमार ने कराटे के इतिहास के बारे में बताते हुए कहा कि कराटे शब्द का अर्थ है खाली हाथ बिना किसी हथियार के दूसरे से बचाव करना यह एक अति प्राचीन तरीका है। उन्होंने बताया कि कराटे शरीर को स्वस्थ और मजबूत रखने का ही अच्छा उपाय नहीं है बल्कि इसमें हाथ, पैर तथा शरीर के विभिन्न अंगों का फुर्ती से प्रयोग किया जाता है। कराटे सीखने वाले व्यक्ति में शारीरिक संतुलन और आत्म विश्वास पैदा हो जाता है। इससे मनुष्य में मानसिक, अध्यात्मिक और नैतिक अनुशासन की भावना का भी विकास होता है।
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उन्होंने बताया कराटे बच्चे, बूढ़े और महिलाएं सभी सीख सकते हैं। शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्ति भी कराटे की कला सीख सकता है। कराटे आत्मरक्षा का सबसे सशक्त माध्यम है। कराटे ग्रेडिंग परीक्षा संपन्न कराने में जिला कराटे प्रशिक्षक विनीत कश्यप, सूरज सिंह, रामलखन कश्यप, आराधना यादव और और ट्रेनीज प्रशिक्षुओं ने भरपूर सहयोग दिया।
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