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रिजल्ट देखकर रो पड़ी छात्राएं

Sun, 15 May 2016 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो-लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो-लखीमपुर खीरी। Updated Sun, 15 May 2016 11:28 PM IST
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हाईस्कूल में कंप्यूटर साइंस और मैथ ने बिगाड़ी रैंक
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हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में ओवरऑल जिले में 75.1 फीसदी छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए है, जिसे संतोषजनक माना जा रहा है। परिणामों में कई विद्यालयों का रिजल्ट शत प्रतिशत रहा, तो अधिकतर विद्यालय ठीक-ठाक प्रदर्शन करने में कामयाब रहे। माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के परिणामों में सुधार की वजह सीबीएसई बोर्ड की भांति ग्रेड सिस्टम को माना जा रहा है, जिससे कापियों की मार्किंग में अच्छे नंबर दिए जा रहे हैं। फिर भी कई मेेधावी छात्र-छात्राएं रविवार को आए परीक्षा परिणाम को देखकर रो पड़े, क्योंकि कंप्यूटर साइंस और मैथ में उम्मीद के अनुरूप नंबर नहीं मिले। अभिभावकों और शिक्षकों ने छात्राओं को ढाढ़स बधाया।
सनातन धर्म सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज की 205 छात्राओं ने हाईस्कूल परीक्षा में हिस्सा लिया, जिसमें सभी छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई हैं। जिला टॉपर श्रुति वाजपेयी इसी कालेज की छात्रा हैं, जिन्होंने 94 फीसदी अंक हासिल कर कामयाबी का परचम लहराया है। इसके बावजूद इसी कॉलेज की कई छात्राएं परिणाम देखकर संतुष्ट नहीं दिखीं। उम्मीद के मुताबिक नंबर न आने के चलते कई छात्राएं रिजल्ट देखकर रो पड़ीं। वजह यह निकलकर सामने आई कि कंप्यूटर साइंस में छात्राओं को अच्छे नंबर नहीं मिले, तो रही सही कसर मैथ ने पूरी कर दी। जिन छात्राओं के मैथ और कंप्यूटर में नंबर कम आए, तो उनकी रैंकिंग ही बिगड़ गई। इससे छात्राएं काफी मायूस भी दिखीं। प्रधानाचार्य शिप्रा वाजपेयी ने बताया कि रिजल्ट अच्छा रहा है, लेकिन इस वर्ष कई छात्राओं को कंप्यूटर और मैथ में नंबर कम मिले हैैं। इससे प्रतिशत अच्छा नहीं रहा। 
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परीक्षा में शामिल हुई पर नंबर नहीं जोड़े
सनातन धर्म सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज की इंटरमीडिएट छात्रा नैंसी मिश्रा ने 80 फीसदी अंक (400/500) हासिल किए हैं, लेेकिन मैथ के पहले प्रश्नपत्र के अंक नहीं दिए गए। मार्कशीट में मैैथ के प्रथम प्रश्नपत्र में जीरो नंबर दिए गए हैं। इससे नैंसी को मैथ के द्वितीय प्रश्नपत्र में 44 नंबर ही मिले, जबकि अन्य चार विषयों में 85 फीसदी से अधिक अंक मिले हैैं। छात्रा नैंसी अपने पिता धीरज मिश्रा के साथ शिकायत करने प्रधानाचार्य शिप्रा वाजपेयी के पास पहुंची, जहां प्रधानाचार्य ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। 
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