लखीमपुर खीरी: एसडीएम ने फरियादी को धमकाया, बोले- तुम्हें जेल भिजवा दूंगा... बुद्धि ठीक हो जाएगी
एसडीएम राजेश कुमार ने फरियादी को धमकाते हुए कहा कि काम तुम्हारा है तो कागज भी तुम्हीं लेकर आओ। नहीं तो 10-15 दिन के लिए जेल भिजवा दूंगा। तुम्हारी बुद्धि ठीक हो जाएगी।
विस्तार
लखीमपुर खीरी की निघासन तहसील में एसडीएम का फरियादी को धमकाने का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में निघासन के एसडीएम राजेश कुमार फरियादी से कह रहे हैं कि काम तुम्हारा है तो कागज भी तुम्हीं लेकर आओ। नहीं तो 10-15 दिन के लिए जेल भिजवा दूंगा। तुम्हारी बुद्धि ठीक हो जाएगी। मामला बृहस्पतिवार दोपहर का बताया गया है।
बृहस्पतिवार को निघासन तहसील में एसडीएम राजेश कुमार अपने दफ्तर मे बैठकर फरियादियों की शिकायतें सुन रहे थे। इसी बीच निघासन का एक किसान एसडीएम के पास अपनी जमीन का विवाद लेकर पहुंचा। एसडीएम उसका कागज देखते ही गुस्से में आ गए।
किसान का प्रार्थनापत्र पढ़कर कहने लगे, इसमें जो कागज लिखे हैं वो मंगवाओ। किसान बोला साहब हमें नहीं पता कौन से कागज लाने हैं। यह सुनकर एसडीएम ने झल्ला गए कहा कि तुम्हारे पत्र में जो कागज लिखे हैं वो तुम खुद लेकर आओ, तुम बहुत उछल रहे हो न, तुम्हे 10-15 दिन के लिए जेल भिजवा दूंगा तो तुम्हारी बुद्धि ठीक हो जाएगी।
एसडीएम की धमकी से सहमा किसान
बुरी तरह डांटने फटकारने के बाद एसडीएम ने किसान को कागज वापस कर दिया। जेल भिजवाने की धमकी से डरा सहमा किसान चुपचाप वहां से वापस चला गया। इस पूरी घटना का वीडियो एसडीएम के कार्यालय में बैठे किसी व्यक्ति ने बना लिया और वायरल कर दिया।
उधर इस मामले पर एसडीएम ने कहा, बराती लाल मेरे न्यायालय में आए थे। उनसे कहा गया था धारा 76 का मामला मेरे कोर्ट में था। मामले की जांच तहसीलदार से कराई गई। जिसकी आख्या में दर्शाया गया कि बराती लाल ने फर्जी इंद्राज दर्ज कराई थी। जिसका पट्टा आवंटन सूची में नाम नहीं है।
इसके लिए उनसे संबंधित कागजात के साथ आने को कहा गया था। लेकिन बराती इस पट्टे की जमीन को नियमित करने का दबाव बनाया रहा था। दोबार बराती लाल मेरे कार्यालय में बिना कागजातों के आए। जिस पर उन्हें फटकार लगाई गई। उन्हें फिर पूरे कागजातों एवं साक्ष्यों के साथ प्रस्तुत होने को कहा गया है।
एसडीएम ने ये कहा
उधर, इस मामले पर एसडीएम ने कहा कि बराती लाल मेरे न्यायालय में आए थे। उनसे कहा गया था धारा 76 का मामला मेरे कोर्ट में था। मामले की जांच तहसीलदार से कराई गई। जिसकी आख्या में दर्शाया गया कि बराती लाल ने फर्जी इंद्राज दर्ज कराई थी। जिसका पट्टा आवंटन सूची में नाम नहीं है।
इसके लिए उनसे संबंधित कागजात के साथ आने को कहा गया था। लेकिन बराती इस पट्टे की जमीन को नियमित करने का दबाव बनाया रहा था। दोबार बराती लाल मेरे कार्यालय में बिना कागजातों के आए। जिस पर उन्हें फटकार लगाई गई। उन्हें फिर पूरे कागजातों एवं साक्ष्यों के साथ प्रस्तुत होने को कहा गया है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.